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‘पहली रोटी गाय का’ से दूर होगा गोवंशों के चारे का संकट
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‘पहली रोटी गाय का’ से दूर होगा गोवंशों के चारे का संकट
पडरौना। गाय को हमारी संस्कृति में माता का स्थान है। अब प्रदेश में गो माता के चारे की संकट दूर करने में प्रशासन को आपकी मदद की दरकार है। आप गोसेवा के लिए अपनी रसोई के तवे की पहली रोटी और गुड़ दान करना चाहते हैं तो इसके लिए पालिका आपके द्वार खुद आएगी और आपकी दान की रोटी-गुड़ गोमाता का निवाला बनाने में मदद करेगी। इसके लिए पालिका ने एक वैन चलाने का फैसला किया है। जिले में इस योजना की शुरूआत कुशीनगर क्षेत्र से की जाएगी।
मंगलवार को जिले में निराश्रित पशु आश्रय केंद्र में चारे के संकट से निपटने के लिए कलेक्ट्रेट में डीएम अनिल कुमार व नोडल अफसर डॉक्टर प्रभात कुमार की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई, जिसमें हर घर से रोज दो रोटी व गुड़ जुटाने का फैसला किया गया। इसकी जिम्मेदारी कुशीनगर नगर पालिका प्रशासन को सौंपी गई है। पालिका ने इसके लिए वाहन का भी इंतजाम कर लिया है, जिसका नाम ‘पहली रोटी गाय का’ रखा गया है। अफसरों का कहना है कि सरकार के निर्धारित बजट में ही जिले के पशु आश्रय को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की सहभागिता जरूरी है। इसको लेकर अधिकारी व्यापारियों व अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक करेंगे। कुशीनगर नगर पालिका परिषद के ईओ प्रेेमशंकर गुप्ता ने बताया कि इस कार्य को शुरू करने की तैयारी चल रही है। जल्दी ही इसे अमल में लाया जाएगा।
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डीएम ने दी तैयारियों की जानकारी
पडरौना। नोडल अफसर के साथ हुई बैठक में डीएम डॉक्टर अनिल कुमार सिंह ने जिले में संचालित आश्रय स्थलों में भूसा व चारा की उपलब्धता की जानकारी दी। उन्होंने गांवों में चारे का बीज वितरण समेत आदि कार्यों के लिए एसडीएम, बीडीओ और अन्य अधिकारियों से 24 अक्तूबर तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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इस दौरान सीडीओ आनंद कुमार, पडरौना एसडीएम रामकेश यादव, हाटा एसडीएम प्रमोद कुमार तिवारी, पीडी डीआरडीए संजय पांडेय, डीडीओ शेषनाथ चौहान, सीवीओ एसके सिंह, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी एके पाल आदि मौजूद रहे।
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पडरौना। गाय को हमारी संस्कृति में माता का स्थान है। अब प्रदेश में गो माता के चारे की संकट दूर करने में प्रशासन को आपकी मदद की दरकार है। आप गोसेवा के लिए अपनी रसोई के तवे की पहली रोटी और गुड़ दान करना चाहते हैं तो इसके लिए पालिका आपके द्वार खुद आएगी और आपकी दान की रोटी-गुड़ गोमाता का निवाला बनाने में मदद करेगी। इसके लिए पालिका ने एक वैन चलाने का फैसला किया है। जिले में इस योजना की शुरूआत कुशीनगर क्षेत्र से की जाएगी।
मंगलवार को जिले में निराश्रित पशु आश्रय केंद्र में चारे के संकट से निपटने के लिए कलेक्ट्रेट में डीएम अनिल कुमार व नोडल अफसर डॉक्टर प्रभात कुमार की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई, जिसमें हर घर से रोज दो रोटी व गुड़ जुटाने का फैसला किया गया। इसकी जिम्मेदारी कुशीनगर नगर पालिका प्रशासन को सौंपी गई है। पालिका ने इसके लिए वाहन का भी इंतजाम कर लिया है, जिसका नाम ‘पहली रोटी गाय का’ रखा गया है। अफसरों का कहना है कि सरकार के निर्धारित बजट में ही जिले के पशु आश्रय को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की सहभागिता जरूरी है। इसको लेकर अधिकारी व्यापारियों व अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक करेंगे। कुशीनगर नगर पालिका परिषद के ईओ प्रेेमशंकर गुप्ता ने बताया कि इस कार्य को शुरू करने की तैयारी चल रही है। जल्दी ही इसे अमल में लाया जाएगा।
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डीएम ने दी तैयारियों की जानकारी
पडरौना। नोडल अफसर के साथ हुई बैठक में डीएम डॉक्टर अनिल कुमार सिंह ने जिले में संचालित आश्रय स्थलों में भूसा व चारा की उपलब्धता की जानकारी दी। उन्होंने गांवों में चारे का बीज वितरण समेत आदि कार्यों के लिए एसडीएम, बीडीओ और अन्य अधिकारियों से 24 अक्तूबर तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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इस दौरान सीडीओ आनंद कुमार, पडरौना एसडीएम रामकेश यादव, हाटा एसडीएम प्रमोद कुमार तिवारी, पीडी डीआरडीए संजय पांडेय, डीडीओ शेषनाथ चौहान, सीवीओ एसके सिंह, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी एके पाल आदि मौजूद रहे।