{"_id":"6ad288047f8f4b1aa8020072","slug":"filth-at-bettiah-anganwadi-602-children-forced-to-study-in-a-temple-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-170305-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: बेतिया आंगनबाड़ी में गंदगी, मंदिर में पढ़ने को मजबूर 602 बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: बेतिया आंगनबाड़ी में गंदगी, मंदिर में पढ़ने को मजबूर 602 बच्चे
विज्ञापन
पिपरा बाजार। विशुनपुरा ब्लॉक के बेतिया गांव में आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति बेहद खराब है। केंद्र के कमरे में लोग गंदगी कर जाते हैं। इस वजह से बच्चों को मंदिर में पढ़ना पड़ रहा है। छह महीनों से बच्चों को गर्म भोजन भी नहीं मिल रहा है। मंदिर पर बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
बेतिया ग्राम पंचायत में कुल पांच आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें 602 पंजीकृत लाभार्थी हैं, जिनमें सात महीने से तीन वर्ष और तीन से छह वर्ष के बच्चे, धात्री तथा गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। आंगनबाड़ी केंद्र का अपना भवन नहीं है। ये संविलियन विद्यालय बेतिया और परिषदीय विद्यालय के कमरों में संचालित किया जाता है। बेतिया केंद्र के कमरे के दरवाजे और खिड़कियां टूटे हैं। बीते हफ्ते शुक्रवार को कक्ष में गंदगी देखकर बच्चे बिदक गए थे। गांव के लोगों ने सफाई की, जिसके बाद से कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों को मंदिर में पढ़ा रही हैं।
भोजन और पुष्टाहार में अनियमितता
विभागीय नियमानुसार बच्चों, धात्री और गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार के पैकेट मिलने चाहिए। तीन से छह वर्ष के बच्चों को पौष्टिक अल्पाहार और गरमा-गरम भोजन भी मिलना है। संविलियन विद्यालय में 191 बच्चे नामांकित हैं। खाद्यान्न के अभाव में आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को छह महीनों से भोजन नहीं मिल रहा है। गांव के लोग पुष्टाहार वितरण में भी गड़बड़ी की शिकायत कर रहे हैं। सीडीपीओ सीमा सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, इसकी जांच कर गंदगी फैलाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेतिया ग्राम पंचायत में कुल पांच आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें 602 पंजीकृत लाभार्थी हैं, जिनमें सात महीने से तीन वर्ष और तीन से छह वर्ष के बच्चे, धात्री तथा गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। आंगनबाड़ी केंद्र का अपना भवन नहीं है। ये संविलियन विद्यालय बेतिया और परिषदीय विद्यालय के कमरों में संचालित किया जाता है। बेतिया केंद्र के कमरे के दरवाजे और खिड़कियां टूटे हैं। बीते हफ्ते शुक्रवार को कक्ष में गंदगी देखकर बच्चे बिदक गए थे। गांव के लोगों ने सफाई की, जिसके बाद से कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों को मंदिर में पढ़ा रही हैं।
विज्ञापन
भोजन और पुष्टाहार में अनियमितता
विभागीय नियमानुसार बच्चों, धात्री और गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार के पैकेट मिलने चाहिए। तीन से छह वर्ष के बच्चों को पौष्टिक अल्पाहार और गरमा-गरम भोजन भी मिलना है। संविलियन विद्यालय में 191 बच्चे नामांकित हैं। खाद्यान्न के अभाव में आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को छह महीनों से भोजन नहीं मिल रहा है। गांव के लोग पुष्टाहार वितरण में भी गड़बड़ी की शिकायत कर रहे हैं। सीडीपीओ सीमा सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, इसकी जांच कर गंदगी फैलाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन