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Kushinagar News: एचएमपीवी का खौफ, जिले में जांच की व्यवस्था ही नहीं
Sun, 12 Jan 2025 04:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 12 Jan 2025 04:12 AM IST
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पडरौना। देश के बाद अब प्रदेश की राजनधानी लखनऊ में भी एचएमपीवी (ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस) ने दस्तक दे दी है। ऐसे में यहां भी खतरा बढ़ गया है। इसको लेकर स्वास्थ्य महकमा बिल्कुल भी संजीदा नहीं है। तमाम लोगों का लखनऊ आवागमन होता है, लेकिन जिले में इसकी जांच तक की व्यवस्था नहीं है। अभी तक संदिग्ध रोगियों के सैंपल भी नहीं लिए जा रहे हैं। ऐसे में पता लगना मुश्किल होगा कि कोई इस वायरस से ग्रसित तो नहीं है।
एचएमपीवी को लेकर अलर्ट जारी पहले ही किया जा चुका है। जिले में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने की बात कही जा रही है। जबकि, जिले में जांच तक की व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि जागरूकता को लेकर कोई प्रचार-प्रसार भी नहीं हो रहा है। वायरस के लक्षण सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार के बताए गए हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी से लेकर सीएचसी तक ऐसे लक्षणों वाले तमाम मरीज आ रहे हैं। ऐसे में पता लगाना मुश्किल होगा कि कौन सा मरीज इस वायरस से ग्रसित है। इसके अलावा जिले में अलग से वार्ड भी नहीं बनाया गया है। जहां संभावित मरीज के मिलने पर आइसोलेट किया जा सके।
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ओपीडी में पहुंच रहे बड़ी संख्या में मरीज
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी की बात करें तो बाल रोग विभाग में इन दिनों बड़ी संख्या में सर्दी, खांसी व बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। यहां प्रतिदिन 120 से 130 मरीज उपचार को पहुंचते हैं। इसमें लगभग 100 बच्चे सर्दी, खांसी व जुकाम सहित बुखार के रहते हैं।
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अगर कोई संदिग्ध मिलता है, तो उसका सैंपल लेकर जांच को भेजा जाएगा। चिकित्सकों से कहा गया है कि लोगों को हाथों की साफ-सफाई आदि को लेकर जागरूक करें।
- डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ।
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एचएमपीवी को लेकर अलर्ट जारी पहले ही किया जा चुका है। जिले में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने की बात कही जा रही है। जबकि, जिले में जांच तक की व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि जागरूकता को लेकर कोई प्रचार-प्रसार भी नहीं हो रहा है। वायरस के लक्षण सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार के बताए गए हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी से लेकर सीएचसी तक ऐसे लक्षणों वाले तमाम मरीज आ रहे हैं। ऐसे में पता लगाना मुश्किल होगा कि कौन सा मरीज इस वायरस से ग्रसित है। इसके अलावा जिले में अलग से वार्ड भी नहीं बनाया गया है। जहां संभावित मरीज के मिलने पर आइसोलेट किया जा सके।
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ओपीडी में पहुंच रहे बड़ी संख्या में मरीज
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी की बात करें तो बाल रोग विभाग में इन दिनों बड़ी संख्या में सर्दी, खांसी व बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। यहां प्रतिदिन 120 से 130 मरीज उपचार को पहुंचते हैं। इसमें लगभग 100 बच्चे सर्दी, खांसी व जुकाम सहित बुखार के रहते हैं।
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अगर कोई संदिग्ध मिलता है, तो उसका सैंपल लेकर जांच को भेजा जाएगा। चिकित्सकों से कहा गया है कि लोगों को हाथों की साफ-सफाई आदि को लेकर जागरूक करें।
- डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ।

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