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फाजिलनगर : नगर पंचायत उपचुनाव में खिला कमल
Fri, 08 May 2026 01:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 08 May 2026 01:39 AM IST
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फाजिलनगर में उप चुनाव में दुसरे स्थान पर रहे सपा प्रत्याशी अवधेश सिंह। स्रोत -सोशल मीडिया
भाजपा प्रत्याशी सुनीता शाही ने समाजवादी पार्टी के अवधेश को 717 मतों से हराया, भाजपाइयों ने मनाया जीत का जश्न
गुरवलिया बाजार/फाजिलनगर। फाजिलनगर नगर पंचायत उपचुनाव का परिणाम बृहस्पतिवार को आ गया। इसमें भाजपा उम्मीदवार सुनीता शाही ने सपा के अवधेश सिंह को 717 मतों से हरा दिया। सुनीता को जहां 5,258 वोट प्राप्त हुए, वहीं अवधेश को 4,541 मत। दोपहर करीब एक बजे सुनीता की जीत की घोषणा होते ही भाजपाइयों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया और मिठाई बांट की खुशी मनाई।
नगर पंचायत के चेयरमैन शत्रुमर्दन प्रताप शाही के निधन के बाद खाली हुई सीट पर पांच मई को मतदान हुआ था। भाजपा की ओर से शत्रुमर्दन शाही की पत्नी सुनीता उम्मीदवार थीं, जबकि सपा ने पिछली बार निर्दलीय प्रत्याशी रहे अवधेश सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया। अवधेश पिछली बार भी उपविजेता रहे थे। तब वह 628 मतों से हारे थे। इस बार भी सुनीता की जीत को लेकर शुरू से ही अटकलें लग रही थीं पर अवधेश के पिछले चुनाव में किए गए प्रदर्शन के कारण भाजपा कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी। इसीलिए उनके प्रचार के लिए प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी आए।
सुनीता की जीत का बडा कारण पूर्व चेयरमैन के निधन को लेकर बनी सहानुभूति भी मानी जा रही है। अधूरे सपनों, परिवार के दर्द और दिवंगत चेयरमैन की यादों के बीच जनता ने मतदान किया और आखिरकार सुनीता शाही ने जीत दर्ज की। वर्ष 2023 का नगर पंचायत अध्यक्ष चुनाव फाजिलनगर में बेहद दिलचस्प रहा था। उस समय निर्दलीय प्रत्याशी शत्रुमर्दन प्रताप शाही और निर्दलीय प्रत्याशी अवधेश सिंह के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। शत्रुमर्दन ने अवधेश को 628 वोटों से हराया था।
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जीत के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव का स्वर पूरी तरह बदल गया। इस बार मुद्दों से ज्यादा चर्चा दिवंगत चेयरमैन की यादों, परिवार की पीड़ा और अधूरे सपनों की रही। गली-मोहल्लों में यही कहकर वोट मांगे गए कि जो सपना अधूरा रह गया, उसे पूरा करना है।
फाजिलनगर की जनता का अपार समर्थन और आशीर्वाद मुझे लगातार मिल रहा था। माहौल पूरी तरह हमारे पक्ष में था और जनता बदलाव चाहती थी। लेकिन सत्ता के दबाव में गरीबों को आवास की दूसरी किस्त रोकने का डर दिखाया गया, कोटेदारों पर कार्रवाई और निलंबन का भय बनाया गया, वहीं नौकरीपेशा लोगों पर भी सस्पेंशन का दबाव डाला गया। पूरे चुनाव में भय और दबाव का वातावरण तैयार किया गया, जिसकी वजह से कई लोग खुलकर अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाए। मेरी हार किसी जनसमर्थन की कमी से नहीं, बल्कि इसी दबाव और भय के माहौल की वजह से हुई। फिर भी मैं फाजिलनगर की जनता के सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई आगे भी पूरी मजबूती से लड़ता रहूंगा। -अवधेश सिंह, सपा प्रत्याशी
फाजिलनगर की जनता ने जिस विश्वास, प्रेम और आशीर्वाद के साथ मुझे अपना समर्थन दिया है, यह जीत उसी जनसमर्थन और सामूहिक विश्वास की जीत है। महिला, पुरुष, युवा और हर वर्ग के लोगों ने इस चुनाव को अपना चुनाव मानकर पूरी मजबूती से साथ दिया और हमारे साहब का सपना साकार किया। अब मेरी प्राथमिकता फाजिलनगर की हर छोटी-बड़ी समस्या के समाधान के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करना होगी। जिस उम्मीद और भरोसे के साथ जनता ने मुझे जिम्मेदारी सौंपी है, उसी विश्वास को कायम रखते हुए मैं क्षेत्र के विकास, जनसेवा और आम लोगों की आवाज बनने का कार्य करूंगी। -सुनीता शाही, निर्वाचित अध्यक्ष, नगर पंचायत फाजिलनगर भाजपा
22 में 12 बूथों पर कमल आगे, 10 पर साइकिल
फाजिलनगर नगर पंचायत उपचुनाव में मुख्य मुकाबला कमल और साइकिल चुनाव चिह्न के बीच रहा। कुल 10,519 मत पड़े, जिनमें से 10,174 वैध पाए गए। भाजपा को 5,258 वोट प्राप्त हुए, जबकि सपा को 4,541 मत मिले। वहीं छोटे चुनाव चिह्नों में पतंग को 268 और पहिया को 95 वोट प्राप्त हुए, जबकि 51 मत अवैध घोषित किए गए। बूथवार स्थिति पर नजर डालें तो कमल चुनाव चिह्न 22 में से 12 बूथों पर आगे रहा, जबकि साइकिल ने 10 बूथों पर बढ़त बनाई। फाजिलनगर पूर्वी, फाजिलनगर पश्चिमी, फाजिलनगर मध्य, गड़हिया पूर्वी, गड़हिया पश्चिमी और फाजिलनगर दक्षिणी जैसे क्षेत्रों में कमल को मजबूत समर्थन मिला, जबकि सठियांव पश्चिमी, पावानगर, पिपरा रज्जब और धनौजी खुर्द जैसे क्षेत्रों के कई बूथों पर साइकिल ने मुकाबला मजबूत बनाए रखा। निर्वाचन अधिकारी सर्वेश सिंह गौर ने प्रेक्षक राजेश श्रीवास्तव की उपस्थिति में सुनीता शाही को विजेता का प्रमाणपत्र प्रदान किया।
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गुरवलिया बाजार/फाजिलनगर। फाजिलनगर नगर पंचायत उपचुनाव का परिणाम बृहस्पतिवार को आ गया। इसमें भाजपा उम्मीदवार सुनीता शाही ने सपा के अवधेश सिंह को 717 मतों से हरा दिया। सुनीता को जहां 5,258 वोट प्राप्त हुए, वहीं अवधेश को 4,541 मत। दोपहर करीब एक बजे सुनीता की जीत की घोषणा होते ही भाजपाइयों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया और मिठाई बांट की खुशी मनाई।
नगर पंचायत के चेयरमैन शत्रुमर्दन प्रताप शाही के निधन के बाद खाली हुई सीट पर पांच मई को मतदान हुआ था। भाजपा की ओर से शत्रुमर्दन शाही की पत्नी सुनीता उम्मीदवार थीं, जबकि सपा ने पिछली बार निर्दलीय प्रत्याशी रहे अवधेश सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया। अवधेश पिछली बार भी उपविजेता रहे थे। तब वह 628 मतों से हारे थे। इस बार भी सुनीता की जीत को लेकर शुरू से ही अटकलें लग रही थीं पर अवधेश के पिछले चुनाव में किए गए प्रदर्शन के कारण भाजपा कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी। इसीलिए उनके प्रचार के लिए प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी आए।
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सुनीता की जीत का बडा कारण पूर्व चेयरमैन के निधन को लेकर बनी सहानुभूति भी मानी जा रही है। अधूरे सपनों, परिवार के दर्द और दिवंगत चेयरमैन की यादों के बीच जनता ने मतदान किया और आखिरकार सुनीता शाही ने जीत दर्ज की। वर्ष 2023 का नगर पंचायत अध्यक्ष चुनाव फाजिलनगर में बेहद दिलचस्प रहा था। उस समय निर्दलीय प्रत्याशी शत्रुमर्दन प्रताप शाही और निर्दलीय प्रत्याशी अवधेश सिंह के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। शत्रुमर्दन ने अवधेश को 628 वोटों से हराया था।
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जीत के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव का स्वर पूरी तरह बदल गया। इस बार मुद्दों से ज्यादा चर्चा दिवंगत चेयरमैन की यादों, परिवार की पीड़ा और अधूरे सपनों की रही। गली-मोहल्लों में यही कहकर वोट मांगे गए कि जो सपना अधूरा रह गया, उसे पूरा करना है।
फाजिलनगर की जनता का अपार समर्थन और आशीर्वाद मुझे लगातार मिल रहा था। माहौल पूरी तरह हमारे पक्ष में था और जनता बदलाव चाहती थी। लेकिन सत्ता के दबाव में गरीबों को आवास की दूसरी किस्त रोकने का डर दिखाया गया, कोटेदारों पर कार्रवाई और निलंबन का भय बनाया गया, वहीं नौकरीपेशा लोगों पर भी सस्पेंशन का दबाव डाला गया। पूरे चुनाव में भय और दबाव का वातावरण तैयार किया गया, जिसकी वजह से कई लोग खुलकर अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाए। मेरी हार किसी जनसमर्थन की कमी से नहीं, बल्कि इसी दबाव और भय के माहौल की वजह से हुई। फिर भी मैं फाजिलनगर की जनता के सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई आगे भी पूरी मजबूती से लड़ता रहूंगा। -अवधेश सिंह, सपा प्रत्याशी
फाजिलनगर की जनता ने जिस विश्वास, प्रेम और आशीर्वाद के साथ मुझे अपना समर्थन दिया है, यह जीत उसी जनसमर्थन और सामूहिक विश्वास की जीत है। महिला, पुरुष, युवा और हर वर्ग के लोगों ने इस चुनाव को अपना चुनाव मानकर पूरी मजबूती से साथ दिया और हमारे साहब का सपना साकार किया। अब मेरी प्राथमिकता फाजिलनगर की हर छोटी-बड़ी समस्या के समाधान के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करना होगी। जिस उम्मीद और भरोसे के साथ जनता ने मुझे जिम्मेदारी सौंपी है, उसी विश्वास को कायम रखते हुए मैं क्षेत्र के विकास, जनसेवा और आम लोगों की आवाज बनने का कार्य करूंगी। -सुनीता शाही, निर्वाचित अध्यक्ष, नगर पंचायत फाजिलनगर भाजपा
22 में 12 बूथों पर कमल आगे, 10 पर साइकिल
फाजिलनगर नगर पंचायत उपचुनाव में मुख्य मुकाबला कमल और साइकिल चुनाव चिह्न के बीच रहा। कुल 10,519 मत पड़े, जिनमें से 10,174 वैध पाए गए। भाजपा को 5,258 वोट प्राप्त हुए, जबकि सपा को 4,541 मत मिले। वहीं छोटे चुनाव चिह्नों में पतंग को 268 और पहिया को 95 वोट प्राप्त हुए, जबकि 51 मत अवैध घोषित किए गए। बूथवार स्थिति पर नजर डालें तो कमल चुनाव चिह्न 22 में से 12 बूथों पर आगे रहा, जबकि साइकिल ने 10 बूथों पर बढ़त बनाई। फाजिलनगर पूर्वी, फाजिलनगर पश्चिमी, फाजिलनगर मध्य, गड़हिया पूर्वी, गड़हिया पश्चिमी और फाजिलनगर दक्षिणी जैसे क्षेत्रों में कमल को मजबूत समर्थन मिला, जबकि सठियांव पश्चिमी, पावानगर, पिपरा रज्जब और धनौजी खुर्द जैसे क्षेत्रों के कई बूथों पर साइकिल ने मुकाबला मजबूत बनाए रखा। निर्वाचन अधिकारी सर्वेश सिंह गौर ने प्रेक्षक राजेश श्रीवास्तव की उपस्थिति में सुनीता शाही को विजेता का प्रमाणपत्र प्रदान किया।

फाजिलनगर में उप चुनाव में दुसरे स्थान पर रहे सपा प्रत्याशी अवधेश सिंह। स्रोत -सोशल मीडिया