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Kushinagar News: कोटे की दुकान के चयन के विरोध में आमरण अनशन
Wed, 15 Jan 2025 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 15 Jan 2025 11:58 PM IST
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रामकोला। स्थानीय ब्लॉक के अडरौना गांव में राशन वितरण की दुकान को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत भवन पर बुधवार को आमरण अनशन शुरू कर दिया। उनकी मांग है कि खुले में कोटेदार का चयन किया जाए।
वहीं, अधिकारियों का कहना है कि इस गांव की दुकान शासनादेश के अनुसार समूह की महिलाओं के नाम पर चयन होना है। ग्रामीणों का आरोप है कि ब्लॉक के अधिकारी सत्ता पक्ष के कहने पर गांव के प्रधान के रिश्तेदार के समूह की महिला को वरियता दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समूह में से ही चयन होना है तो गांव में चार समूह हैं, इनका चयन खुले में किया जाए।
अडरौना गांव निवासी विजय मद्धेशिया, राजेश यादव, दशरथ, हरिहर, ओम प्रकाश, रामनरेश ने कहा कि पिछले चार बैठकों से यही प्रक्रिया चली आ रही थी। पूरे ग्राम सभा के 800 लोग चारों बैठक में आते थे, लेकिन 800 लोगों को नजर अंदाज करते हुए इस बार की बैठक में भी सत्ता पक्ष के कहने पर प्रधान के एक रिश्तेदार के परिजन जो समूह चलाते हैं, उनको मनमाने पूर्ण तरीके से कोटा देने का प्रस्ताव किया गया है। गांव के लोगों की बातों को न सुनते हुए ब्लॉक रामकोला के अधिकारी व ग्राम प्रधान गांव के कुछ लोगों को मकान, राशन कार्ड व शौचालय का झूठा प्रलोभन देकर भ्रमित करके अधिकारी व ग्राम प्रधान चले गए। इससे गांव के लोगों में काफी आक्रोश है।
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वहीं, अधिकारियों का कहना है कि इस गांव की दुकान शासनादेश के अनुसार समूह की महिलाओं के नाम पर चयन होना है। ग्रामीणों का आरोप है कि ब्लॉक के अधिकारी सत्ता पक्ष के कहने पर गांव के प्रधान के रिश्तेदार के समूह की महिला को वरियता दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समूह में से ही चयन होना है तो गांव में चार समूह हैं, इनका चयन खुले में किया जाए।
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अडरौना गांव निवासी विजय मद्धेशिया, राजेश यादव, दशरथ, हरिहर, ओम प्रकाश, रामनरेश ने कहा कि पिछले चार बैठकों से यही प्रक्रिया चली आ रही थी। पूरे ग्राम सभा के 800 लोग चारों बैठक में आते थे, लेकिन 800 लोगों को नजर अंदाज करते हुए इस बार की बैठक में भी सत्ता पक्ष के कहने पर प्रधान के एक रिश्तेदार के परिजन जो समूह चलाते हैं, उनको मनमाने पूर्ण तरीके से कोटा देने का प्रस्ताव किया गया है। गांव के लोगों की बातों को न सुनते हुए ब्लॉक रामकोला के अधिकारी व ग्राम प्रधान गांव के कुछ लोगों को मकान, राशन कार्ड व शौचालय का झूठा प्रलोभन देकर भ्रमित करके अधिकारी व ग्राम प्रधान चले गए। इससे गांव के लोगों में काफी आक्रोश है।
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