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खेत में खड़ी गेहूं की फसल सूखने से किसान चिंतित
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खेत में खड़ी गेहूं की फसल सूखने से किसान चिंतित
- किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल में फल लगने के बाद सूख रहा
जौरा बाजार (कुशीनगर)। क्षेत्र के ग्राम सभा कोटवा के उत्तर सरेह में किसानों की गेहूं की फसल किसी बीमारी के चलते सूखने लगी है। इसे देख किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान समझ नहीं पा रहे हैं कि अखिर किस बीमारी के चलते गेहूं की फसल सूख रही है।
ग्राम पंचायत कोटवा करजही के उत्तर करीब 50 एकड़ में फैला चवर है। इस चवर के खेत निचले स्तर पर होने से बरसात के दिनों में अत्यधिक पानी लग जाता है। इसके चलते धान की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो जाती है। इस चवर में साल में धान और गेहूं की फसल ही होती है। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि रबी के सीजन में भी गेहूं की बुआई के बाद रुक-रुक कर बारिश होने के कारण काफी समय तक किसानों को फसल की सिंचाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। गेहूं की बालियां निकलने के बाद पहली बार किसानों ने खेत की सिंचाई की, लेकिन सिंचाई के करीब एक सप्ताह के बाद गेहूं की फसल सूखने लगी है। क्षेत्र के रामानंद वर्मा, लालजी वर्मा, गेना प्रसाद, रामदेव, दूधनाथ, नासूरुदिन अंसारी, जमालुद्दीन अंसारी, कृष्णदत्त वर्मा, नंदकिशोर, रामधनी गुप्ता, नरेंद्र, राजकुमार आदि किसानों ने बताया कि इससे पहले कभी ऐसी बीमारी नहीं देखी थी। इस वर्ष काफी बरसात होने के कारण धान की फसल बर्बाद हो गई। अब गेहूं की फसल इस नई बीमारी से खराब होते देख चिंता बढ़ गई है। इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के वैज्ञानिक अजय राय ने कहा कि एक दो दिन में टीम के साथ वहां पहुंचकर जांच की जाएगी। किसानों की पूरी मदद की जाएगी।
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- किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल में फल लगने के बाद सूख रहा
जौरा बाजार (कुशीनगर)। क्षेत्र के ग्राम सभा कोटवा के उत्तर सरेह में किसानों की गेहूं की फसल किसी बीमारी के चलते सूखने लगी है। इसे देख किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान समझ नहीं पा रहे हैं कि अखिर किस बीमारी के चलते गेहूं की फसल सूख रही है।
ग्राम पंचायत कोटवा करजही के उत्तर करीब 50 एकड़ में फैला चवर है। इस चवर के खेत निचले स्तर पर होने से बरसात के दिनों में अत्यधिक पानी लग जाता है। इसके चलते धान की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो जाती है। इस चवर में साल में धान और गेहूं की फसल ही होती है। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि रबी के सीजन में भी गेहूं की बुआई के बाद रुक-रुक कर बारिश होने के कारण काफी समय तक किसानों को फसल की सिंचाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। गेहूं की बालियां निकलने के बाद पहली बार किसानों ने खेत की सिंचाई की, लेकिन सिंचाई के करीब एक सप्ताह के बाद गेहूं की फसल सूखने लगी है। क्षेत्र के रामानंद वर्मा, लालजी वर्मा, गेना प्रसाद, रामदेव, दूधनाथ, नासूरुदिन अंसारी, जमालुद्दीन अंसारी, कृष्णदत्त वर्मा, नंदकिशोर, रामधनी गुप्ता, नरेंद्र, राजकुमार आदि किसानों ने बताया कि इससे पहले कभी ऐसी बीमारी नहीं देखी थी। इस वर्ष काफी बरसात होने के कारण धान की फसल बर्बाद हो गई। अब गेहूं की फसल इस नई बीमारी से खराब होते देख चिंता बढ़ गई है। इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के वैज्ञानिक अजय राय ने कहा कि एक दो दिन में टीम के साथ वहां पहुंचकर जांच की जाएगी। किसानों की पूरी मदद की जाएगी।
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