{"_id":"67c0ad2f097a017ddd06e54e","slug":"farmers-reached-high-court-demanding-compensation-some-agreed-kushinagar-news-c-205-1-ksh1006-132904-2025-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: मुआवजे की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे किसान, कुछ ने दी सहमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: मुआवजे की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे किसान, कुछ ने दी सहमति
Thu, 27 Feb 2025 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 27 Feb 2025 11:51 PM IST
विज्ञापन
कसया। क्षेत्र के अहिरौली से बाड़ीपुल मार्ग का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग की ओर से कराए जा रहे इस काम में क्षेत्र के करीब तीन गांव के सैकड़ों किसानों की जमीन प्रभावित हो रही है। विभाग से उचित मुआवजा न मिलने पर किसानों ने हाईकोर्ट की शरण ली है। विभागीय लोगों का कहना है कि कुछ किसानों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी कर दिए है। अन्य से वार्ता चल रही है। किसानों का कहना है कि मुआवजा मिलने के बाद ही विभाग को सड़क का चौड़ीकरण करने दिया जाएगा।
करीब एक वर्ष से विभागीय ढुलमुल रवैया की वजह से करीब 75 किसानों ने हाईकोर्ट में उचित मुआवजा के लिए याचिका दाखिल की है। किसानों का कहना है कि कोर्ट का जो फैसला होगा, उसके निर्देशानुसार हम लोग जमीन देने के लिए तैयार है। लोकनिर्माण विभाग की ओर से सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के दौरान बकनहा, तुर्कवालिया दरियाव सिंह और सेमरा धूसी गांव के करीब 333 किसानों की जमीन जद में आ रही हैं। सड़क को आठ मीटर चौड़ा करना है, जिसके लिए किसानों से सहमति के प्रयास किए जा रहे हैं।
जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलने पर सड़क का निर्माण नहीं होने देंगे। पूर्व ग्राम प्रधान जेपी यादव ने बताया कि विभाग को किसानों के साथ सहमति के बाद ही सड़क निर्माण कार्य करना चाहिए। अन्यथा किसान बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगें। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
राजेश गुप्ता ने कहा कि एक साल से सड़क के चौड़ीकरण के लिए किसानों की प्रभावित जमीन का मुआवजा देने की बात कहीं जा रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
करीब एक वर्ष से विभागीय ढुलमुल रवैया की वजह से करीब 75 किसानों ने हाईकोर्ट में उचित मुआवजा के लिए याचिका दाखिल की है। किसानों का कहना है कि कोर्ट का जो फैसला होगा, उसके निर्देशानुसार हम लोग जमीन देने के लिए तैयार है। लोकनिर्माण विभाग की ओर से सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के दौरान बकनहा, तुर्कवालिया दरियाव सिंह और सेमरा धूसी गांव के करीब 333 किसानों की जमीन जद में आ रही हैं। सड़क को आठ मीटर चौड़ा करना है, जिसके लिए किसानों से सहमति के प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलने पर सड़क का निर्माण नहीं होने देंगे। पूर्व ग्राम प्रधान जेपी यादव ने बताया कि विभाग को किसानों के साथ सहमति के बाद ही सड़क निर्माण कार्य करना चाहिए। अन्यथा किसान बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगें। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
राजेश गुप्ता ने कहा कि एक साल से सड़क के चौड़ीकरण के लिए किसानों की प्रभावित जमीन का मुआवजा देने की बात कहीं जा रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।