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Kushinagar News: बारिश से किसानों की बची उम्मीद पर फिर पानी
Tue, 21 Mar 2023 11:01 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 21 Mar 2023 11:01 PM IST
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संतकबीरनगर/धनघटा। दो दिनों तक हुई बारिश से गेहूं की बाली काली पड़ती देख किसानों की बेचैनी बढ़ी ही थी, वहीं मंगलवार की देर शाम को तेज हवा के साथ फिर से बारिश हो गई। इससे किसानों की फसलों पर बुरा असर पड़ा। लगातार दूसरे दिन की बारिश से किसानों बची उम्मीदों पर भी पानी फिर गया। जिले के बाकी हिस्सों में बदली छाई थी। कहीं-कहीं गरज-चमक हो रही थी।
पिछले दो दिनों से हुई बारिश से किसान परेशान हैं। उन्हें फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है। वहीं, मंगलवार की देर शाम को एक बार फिर हल्की बारिश हुई। जिससे गेहूं, सरसों, मटर, चना की फसल चौपट होने की चिंता सता रही है। किसान रामकेश यादव, पलक धारी, पलटन प्रसाद, जगन्नाथ चौधरी आदि का कहना है कि पककर तैयार हो चुकी सरसों की फसल को जब काटने की बारी आई तो बारिश का कहर उस पर टूट पड़ा।
खेत में खड़ी फसल गिर गई और बाली काली पड़ने लगी है। इसी तरह गेहूं की फसल पर भी बारिश का बुरा प्रभाव पड़ा है। गेहूं की फसल जमीन पकड़ ली हैं। इससे गेहूं का पैदावार कम हो सकता है। भूसा भी काला होकर पशुओं को खिलाने के लायक नहीं जाएगा। प्रकृति के इस के प्रकोप से हो रहे नुकसान की भरपाई किसान नहीं कर पाएंगे। जिससे उनके सामने तमाम तरह की कठिनाइयां खड़ी होगी।
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कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद सिंह का कहना है कि जो फसल गिर गई है, उसमें तो पैदावार प्रभावित हो सकती है। जो फसल खड़ी है, उसके पैदावार पर बारिश का कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
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पिछले दो दिनों से हुई बारिश से किसान परेशान हैं। उन्हें फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है। वहीं, मंगलवार की देर शाम को एक बार फिर हल्की बारिश हुई। जिससे गेहूं, सरसों, मटर, चना की फसल चौपट होने की चिंता सता रही है। किसान रामकेश यादव, पलक धारी, पलटन प्रसाद, जगन्नाथ चौधरी आदि का कहना है कि पककर तैयार हो चुकी सरसों की फसल को जब काटने की बारी आई तो बारिश का कहर उस पर टूट पड़ा।
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खेत में खड़ी फसल गिर गई और बाली काली पड़ने लगी है। इसी तरह गेहूं की फसल पर भी बारिश का बुरा प्रभाव पड़ा है। गेहूं की फसल जमीन पकड़ ली हैं। इससे गेहूं का पैदावार कम हो सकता है। भूसा भी काला होकर पशुओं को खिलाने के लायक नहीं जाएगा। प्रकृति के इस के प्रकोप से हो रहे नुकसान की भरपाई किसान नहीं कर पाएंगे। जिससे उनके सामने तमाम तरह की कठिनाइयां खड़ी होगी।
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कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद सिंह का कहना है कि जो फसल गिर गई है, उसमें तो पैदावार प्रभावित हो सकती है। जो फसल खड़ी है, उसके पैदावार पर बारिश का कोई खास असर नहीं पड़ेगा।