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40 हजार लेकर थमा दिया फर्जी वीजा, जांच की मांग
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फर्जी तरीके से बना वीजा।
- फोटो : KUSHINAGAR
40 हजार लेकर थमा दिया फर्जी वीजा, जांच की मांग
पुलिस कर रही जांच, रैकेट में शामिल हो सकते हैं कई नाम
खड्डा। थाना क्षेत्र में फर्जी वीजा बनाने का रैकेट सक्रिय है। रैकेट के सदस्यों ने एक व्यक्ति से 40 हजार रुपये लेकर सऊदी अरब का वीजा दिया था, जो जांच में फर्जी पाया गया है। मामले की सही तरीके से जांच हो तो कई प्रकरण सामने आ सकते हैं। पीड़ित ने पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई की मांग की है।
खड्डा क्षेत्र के एकडंगी गांव निवासी मंसूर आलम ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह वरवारतनपुर में वह सैलून चलाता है। उसके भाई बिट्टू अंसारी को सऊदी अरब में सैलून चलाने के लिए वीजा दिलाने का झांसा बगल के गांव के एक व्यक्ति ने दिया। वीजा दिलाने के लिए उसने 75 हजार रुपये की मांग की। मंसूर ने उस व्यक्ति को पासपोर्ट और 40 हजार रुपये दे दिए। बाकी पैसा वीजा मिलने पर देने की बात तय हुई। 20 अगस्त को मंसूर को एक अंग्रेजी और अरबी में लिखा हुआ प्रिंटेड वीजा देते हुए आरोपी ने बकाया पैसे की मांग की। लेकिन ऑनलाइन जांच में वीजा फर्जी निकला। इस पर अंग्रेजी में बिट्टू अंसारी की फोटो लगाकर नाम और जनपद कुशीनगर लिखा हुआ है, जबकि अरबी में किसी शोएब के नाम का जिक्र है। शोएब का पता भी बिहार का है। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद मंसूर ने एतराज जताते हुए पैसा और पासपोर्ट देने की मांग की तो आरोपी आनाकानी करने लगा। इससे परेशान होकर मंसूर ने पुलिस को सूचना दी। इस संबंध में खड्डा थाने के एसआई पीके सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है कि वीजा कहां से आया है? इसके पीछे कौन हैं? इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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पुलिस कर रही जांच, रैकेट में शामिल हो सकते हैं कई नाम
खड्डा। थाना क्षेत्र में फर्जी वीजा बनाने का रैकेट सक्रिय है। रैकेट के सदस्यों ने एक व्यक्ति से 40 हजार रुपये लेकर सऊदी अरब का वीजा दिया था, जो जांच में फर्जी पाया गया है। मामले की सही तरीके से जांच हो तो कई प्रकरण सामने आ सकते हैं। पीड़ित ने पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई की मांग की है।
खड्डा क्षेत्र के एकडंगी गांव निवासी मंसूर आलम ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह वरवारतनपुर में वह सैलून चलाता है। उसके भाई बिट्टू अंसारी को सऊदी अरब में सैलून चलाने के लिए वीजा दिलाने का झांसा बगल के गांव के एक व्यक्ति ने दिया। वीजा दिलाने के लिए उसने 75 हजार रुपये की मांग की। मंसूर ने उस व्यक्ति को पासपोर्ट और 40 हजार रुपये दे दिए। बाकी पैसा वीजा मिलने पर देने की बात तय हुई। 20 अगस्त को मंसूर को एक अंग्रेजी और अरबी में लिखा हुआ प्रिंटेड वीजा देते हुए आरोपी ने बकाया पैसे की मांग की। लेकिन ऑनलाइन जांच में वीजा फर्जी निकला। इस पर अंग्रेजी में बिट्टू अंसारी की फोटो लगाकर नाम और जनपद कुशीनगर लिखा हुआ है, जबकि अरबी में किसी शोएब के नाम का जिक्र है। शोएब का पता भी बिहार का है। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद मंसूर ने एतराज जताते हुए पैसा और पासपोर्ट देने की मांग की तो आरोपी आनाकानी करने लगा। इससे परेशान होकर मंसूर ने पुलिस को सूचना दी। इस संबंध में खड्डा थाने के एसआई पीके सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है कि वीजा कहां से आया है? इसके पीछे कौन हैं? इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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