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Kushinagar News: बाजार में बिक रहा है ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली सामान

Sat, 04 Nov 2023 02:52 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Nov 2023 02:52 AM IST
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Fake goods are being sold in the market in the name of branded companies
- कंपनी के इंजीनियर और पुलिस के छापे में पकड़ा गया नकली नाम से बिक रहा बिजली का तार, केस दर्ज
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- खरीदारी करते समय ग्राहकों को रहना होगा सावधान
पडरौना। त्योहार के मौसम में बाजार में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बाजार में नकली सामानों की भरमार हो गई है। कम दाम में ज्यादा मुनाफे के लालच में दुकानदार इन सामानों को ग्राहकों को असली बताकर बेच रहे हैं। ग्राहकों खरीदारी संभलकर करना होगा। बृहस्पतिवार को सेवरही कस्बा में निजी कंपनी के इंजीनियर व पुलिस ने छापेमारी कर बिजली का नकली तार पकड़ा है।
हर वर्ष सितंबर, अक्तूबर और नवंबर में जीवितपुत्रिका, हरितालिका तीज, दशहरा, करवा चौथ, दिवाली और छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्व पड़ते हैं। इन त्योहारों के बाद लगन शुरू हो जाता है। लोग पहले त्योहार और बाद में शादी विवाह के लिए जमकर खरीदारी करते हैं। खरीदारों की इसी भीड़ का लाभ उठाने के लिए कई लोकल कंपनियां दुकानदारों की सांठ-गांठ कर ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर हू-ब-हू नकली सामान बेचना शुरू कर देते हैं। ग्राहक भी गुणवत्ता का ख्याल किए बिना ही सस्ते के चक्कर में नकली सामान खरीद लेते हैं। इसका खामियाजा लोगों को तब भुगतना पड़ता है, जब गुणवत्ता की कमी के चलते कोई दुर्घटना होती है या जांच के दौरान सामग्री मानक विहीन मिलती है।
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पकड़ा गया नकली तार
बृहस्पतिवार को एक प्राइवेट कंपनी के इंजीनियर और पुलिस ने सेवरही कस्बा के एक बिजली दुकान के सामानों की जांच की। दुकान के अंदर से बिजली का नकली तार बिकता मिला। पुलिस ने दुकान से 10 बंडल नकली तार को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई के लिए जब्त कर लिया। इस मामले में कंपनी के अधिकारी की तहरीर पर सेवरही थाने में काॅपी राइट एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
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असली-नकली में स्पेलिंग का खेल
नकली उत्पाद बनाने वाली कंपनियां ब्रांडेड कंपनियों के सामानों की नकल आसानी से कर रही है। सामान की गुणवत्ता तो खराब ही रहती है। वहीं उनके नाम की स्पेलिंग में भी खेल किया जाता है। ताकि लोग नाम देखकर नकली सामान खरीद लें। उपभोक्ता मिलते-जुलते नाम के धोखे में उस उत्पाद को खरीद लेते हैं। नाम के अलावा उत्पाद के पैकेट पर डिजाइनिंग भी उसी तरह से की जाती है। जिससे ग्राहक आसानी से उनकी जाल में फंस जाएं। विशेषज्ञ बताते हैं कि बाजार में सामान खरीदते समय संभलने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही व कम दाम के लालच में नकली सामान हाथ लग सकता है।



बॉक्स पर नहीं होती डिटेल



ब्रांडेड कंपनियां अपने उत्पाद की पैकिंग पर कुछ फीचर्स जैसे बार कोड्स, सीरियल या मॉडल नंबर, ट्रेडमार्क और पेटेंट की जानकारी देती हैं। आमतौर पर नकली प्रोडक्ट्स के बॉक्स पर इस तरह की जानकारियां नहीं दी जाती हैं। आप यदि चाहें, तो इस बारे में ऑनलाइन या बॉक्स पर दिए गए टोल फ्री नंबर से जानकारी ले सकते हैं।



ब्रांड के लोगो में भी करते बदलाव



नकली उत्पाद के स्पेलिंग के साथ कंपनी का लोगो, ब्रांड नेम और ट्रेडमार्क भी बदला होता है। उत्पाद को ध्यान से देखकर इन कमियों को आसानी से जाना जा सकता है।



पैकेट पर लिखी होती है पूरी जानकारी



ज्यादातर कंपनियों की पैकिंग पर पूरा पता, ईमेल, फोन नंबर या कांटैक्ट डिटेल स्पष्ट लिखी होती है। नकली उत्पाद पर आप ये सारी जानकारियां नहीं पाएंगे। कांटैक्ट डिटेल न देने का कारण यह होता है कि प्रोडक्ट में किसी तरह की कमी होने पर कोई उसकी शिकायत न कर सके। बिना कांटैक्ट डिटेल्स वाले किसी भी प्रोडक्ट को न खरीदें। इसे खरीदने पर आपका नुकसान होना तय है।



पैकिंग में भी होता अंतर



ब्रांडेड कंपनियां अपने उत्पाद की पैकिंग पर काफी पैसा खर्च करती हैं। पहली नजर में यदि आपको पैकिंग खराब लगे, तो समझ जाएं कि उत्पाद नकली है। ऐसे उत्पाद को खरीदने से बचें। दुकानदार जिन सामानों की वारंटी दें, वे सामान असली होते हैं।


छोटे बाजारों में खपाते है सामान महंगे उत्पादों को हमेशा अधिकृत केंद्र से ही खरीदें, जैसे- इलेक्ट्रॉनिक, होम अप्लाइंसेज, गैजेट्स, ब्रांडेड कपड़े आदि। नकली उत्पाद बेचने वाली कंपनियां काफी चालाकी से काम करती हैं। वह बड़े बाजारों के आसपास छोटी दुकानों पर अपने सामान रखवाते हैं। वहीं ग्रामीण व छोटे कस्बों के दुकानदारों को कम दाम में अधिक मुनाफे का लालच देकर सामान बेचने को मजबूर करते हैं।



गुणवत्ता में फर्क



नकली प्रोडक्ट में असली उत्पाद के स्थान पर खराब वैकल्पिक चीजों का प्रयोग किया जाता है। इसमें प्रयोग होने वाली सामग्री खराब प्लास्टिक, लेदर, सस्ता कांच, खराब क्वालिटी का कपड़ा या इलेक्ट्रॉनिक अप्लाइंसेज के पुराने या इस्तेमाल किए हुए पार्ट्स आदि के हो सकते हैं।




क्या कहते हैं दुकानदार

दीपावली के मौके पर लोग सजावटी सामानों की खरीदारी अधिक करते हैं। इसमें इलेक्ट्रानिक उपकरण सबसे अधिक बिकते हैं। दुकानों पर सस्ते दर पर एलईडी लाइट से लेकर झालर और अन्य लाइटें महज 60 रुपये से लेकर ऊंचे दामों तक गारंटी के साथ उपलब्ध है। ऐसे में लोगों को नकली सामान नहीं खरीदना चाहिए। इलेक्ट्रानिक सामानों की खरीदारी करें तो दुकानदार से सामान की गारंटी या वारंटी के बारे में जरूर पूछें। यदि गारंटी या वारंटी न तो वैसे सामान नकली हैं।

- सचिन चौरसिया, इलेक्ट्रानिक व्यापारी



इलेक्ट्रॉनिक सामानों की खरीदारी करते समय ग्राहकों को हमेशा कंपनी के अधिकृत दुकानदार या डीलर से ही खरीदना चाहिए। ऑनलाइन मंगाए गए समान अक्सर नकली या खराब मिलते हैं। सभी कंपनियां अपने उत्पाद पर बार कोड, स्केनर, हेल्प लाइन नंबर आदि जानकारी जरूरी देते हैं। कोई संदेह हो तो इनसे जानकारी ली जा सकती है।


- अमित कुमार, इलेक्ट्रानिक व्यापारी



नामी कंपनियों के पेंट के डिब्बे पर कंपनी का टोल-फ्री नंबर, बार कोड और पैकिंग डेट होता है। पेंट की खरीदारी करते समय यदि ग्राहक को संदेह हो तो डिब्बे पर दिए गए टोल-फ्री नंबर पर फोन कर डिब्बे का बार कोड और पैकिंग तिथि का मिलान कर लेना चाहिए।

- राकेश केसरवानी, पेंट व्यापारी
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