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Kushinagar News: मनरेगा में फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद भी भुगतान का प्रयास
Wed, 16 Apr 2025 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 16 Apr 2025 11:59 PM IST
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कुशीनगर। दुदही ब्लॉक के अंतर्गत आते ग्राम पंचायत तिलक पट्टी में मनरेगा में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद भी फर्जी हाजिरी लगाकर कराए गए मनरेगा के काम का भुगतान कराने का षड्यंत्र हो रहा है।
ऐसा आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत तिलक पट्टी निवासी सुनील कुशवाहा ने बुधवार को सीडीओ को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने इस मामले में मेट के साथ ग्राम प्रधान पर भी कार्रवाई करने व सचिव के तबादले की मांग की।
ग्राम पंचायत तिलक पट्टी में मनरेगा में हुए फर्जीवाड़े के मामले को लेकर सुनील कुशवाहा ने बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत तिलकपट्टी में मनरेगा योजना के तहत किए जा रहे कार्यों में ग्राम प्रधान और मेट की मिलीभगत से व्यापक स्तर पर अनियमितताएं एवं भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जांच में फर्जीवाड़ा की पुष्टि होने के बावजूद प्रधान की ओर से सड़क निर्माण कार्य का भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और मनरेगा मेट की मिलीभगत से फर्जी जॉब कार्ड, गैरहाजिर मजदूरों की उपस्थिति, फर्जी नाप-जोख करके मनरेगा निधि का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उन्होंने मांग की प्रधान और मेट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, विवादित कार्यों का भुगतान तत्काल रोका जाए, पंचायत सचिव का स्थानांतरण कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
उसने बताया कि शिकायत जिला मनरेगा समन्वयक (डीसी मनरेगा) तक पहुंची तो उन्होंने स्वयं खंड विकास अधिकारी दुदही को निर्देशित किया कि विवादित कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया को तत्काल डिलीट किया जाए। यदि पंचायत सचिव दोषी मेट के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है तो बीडीओ के पास खुद मेट को पद से हटाने और नए की नियुक्ति करने का अधिकार है। इसके बावजूद खंड विकास अधिकारी दुदही की निष्क्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि न तो मेट को हटाया गया और न ही विवादित कार्यों पर कोई विधिक कार्रवाई की गई है।
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ऐसा आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत तिलक पट्टी निवासी सुनील कुशवाहा ने बुधवार को सीडीओ को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने इस मामले में मेट के साथ ग्राम प्रधान पर भी कार्रवाई करने व सचिव के तबादले की मांग की।
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ग्राम पंचायत तिलक पट्टी में मनरेगा में हुए फर्जीवाड़े के मामले को लेकर सुनील कुशवाहा ने बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत तिलकपट्टी में मनरेगा योजना के तहत किए जा रहे कार्यों में ग्राम प्रधान और मेट की मिलीभगत से व्यापक स्तर पर अनियमितताएं एवं भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जांच में फर्जीवाड़ा की पुष्टि होने के बावजूद प्रधान की ओर से सड़क निर्माण कार्य का भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और मनरेगा मेट की मिलीभगत से फर्जी जॉब कार्ड, गैरहाजिर मजदूरों की उपस्थिति, फर्जी नाप-जोख करके मनरेगा निधि का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उन्होंने मांग की प्रधान और मेट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, विवादित कार्यों का भुगतान तत्काल रोका जाए, पंचायत सचिव का स्थानांतरण कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
उसने बताया कि शिकायत जिला मनरेगा समन्वयक (डीसी मनरेगा) तक पहुंची तो उन्होंने स्वयं खंड विकास अधिकारी दुदही को निर्देशित किया कि विवादित कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया को तत्काल डिलीट किया जाए। यदि पंचायत सचिव दोषी मेट के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है तो बीडीओ के पास खुद मेट को पद से हटाने और नए की नियुक्ति करने का अधिकार है। इसके बावजूद खंड विकास अधिकारी दुदही की निष्क्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि न तो मेट को हटाया गया और न ही विवादित कार्यों पर कोई विधिक कार्रवाई की गई है।