{"_id":"5f26ff638ebc3e63e23692f0","slug":"engineers-involved-to-save-naravajot-pipraghat-dam-kushinagar-news-gkp3604368138","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंडक नदी के नरवाजोत-पिपराघाट बांध को बचाने में जुटे अभियंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंडक नदी के नरवाजोत-पिपराघाट बांध को बचाने में जुटे अभियंता
विज्ञापन
पिपराघाट के शिव टोला में नाव से आते जाते लोग।
- फोटो : KUSHINAGAR
गंडक नदी के नरवाजोत-पिपराघाट बांध को बचाने में जुटे अभियंता
तमकुहीरोड। नरवाजोत-पिपराघाट बांध को गंडक नदी के कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड के अभियंता मुश्तैदी से लगे हुए हैं। यहां बचाव कार्य जारी है। इसके बावजूद लोगों में बांध व गांवों के कटने की आशंका बनी हुई है।
नरवाजोत-पिपराघाट बांध पर पिछले चार दिन से कटान का खतरा बना हुआ है। आलम यह है कि शुरू में 50-60 मीटर हिस्से को चपेट में लेने वाली नदी अब तक लगभग 300 मीटर तक बांध के स्लोप को क्षतिग्रस्त कर चुकी है और कहीं कहीं तो बांध में दरारें तक पड़ चुकी हैं, जो गंभीर खतरे की ओर आगाह कर रहा है। हालांकि बाढ़ खंड के अभियंता दिन रात बांध को लोहे की जाली में भरे बोल्डर और जीयो बैग के सहारे रोकने की कोशिश में जुटे हैं।
दहारी टोला के साथ तवकल टोला, उपाध्याय टोला, चौकी टोला, शिव टोला, भंगी टोला, देवनारायन टोला के लोग भी कटान को लेकर सहमे हुए हैं। कारण है कि यदि बांध टूटता है तो सबसे पहले यही गांव गंडक के निशाने पर होंगे और सबसे अधिक बर्बादी इन्ही गांवों के लोगों को उठानी पड़ेगी।
विज्ञापन
इन गांवों के पुजारी सिंह, दुधनाथ शर्मा, महादेव चौहान, संजय सिंह, हरिहर यादव, शिवपूजन निषाद, चंद्रमा चौहान, लालबाबू निषाद, मनोज गुप्ता, प्रभुनाथ यादव, राकेश तिवारी ने बांध की सुरक्षा को खतरे में डालने को लेकर पूर्व में विभागीय लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। इन लोगों का कहना है कि यदि शुरू में ही बाढ़ खंड के अभियंता बचाव कार्य में लग गए होते तो शायद अब तक कटान को न केवल नियंत्रित कर लिया गया होता, बल्कि लोगों को भय से मुक्ति भी मिल गई होती।
बाढ़ खंड के एक्सईएन भरत राम का कहना है कि बचाव कार्य जारी है। पूरे बांध पर चौकसी बरती जा रही है।
बाढ़ पीड़ितों में वितरित की गई राहत सामग्री
तमकुहीरोड। जिला प्रशासन के निर्देश पर रविवार को भी तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री वितरित की गई। उन्हें बचाव के बारे में जागरुक भी किया गया।
एडीएम विंध्यवासिनी राय ने बताया कि तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम परसा उर्फ सिरिसिया, राजपुर खास, पिपराघाट एहतमाली के बाढ़ पीड़ितों में रविवार को राहत सामग्री का वितरण किया गया। एसडीएम तमकुहीराज एआर फारुकी ने जिला प्रशासन की तरफ से 595 किट का वितरण किया। प्रत्येक किट में 10 किलोग्राम आटा, 10 किलोग्राम चावल, पांच किलोग्राम लाई, 2 किलोग्राम भुना चना, 2 किलोग्राम अरहर की दाल, 500 ग्राम नमक, 2.50 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम धनिया, 250 ग्राम मिर्च, एक लीटर रिफाइन तेल, एक पैकेट मोमबत्ती, एक पैकेट माचिस, 10 पैकेट बिस्कुट दिया जा रहा है।
विज्ञापन
तमकुहीरोड। नरवाजोत-पिपराघाट बांध को गंडक नदी के कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड के अभियंता मुश्तैदी से लगे हुए हैं। यहां बचाव कार्य जारी है। इसके बावजूद लोगों में बांध व गांवों के कटने की आशंका बनी हुई है।
नरवाजोत-पिपराघाट बांध पर पिछले चार दिन से कटान का खतरा बना हुआ है। आलम यह है कि शुरू में 50-60 मीटर हिस्से को चपेट में लेने वाली नदी अब तक लगभग 300 मीटर तक बांध के स्लोप को क्षतिग्रस्त कर चुकी है और कहीं कहीं तो बांध में दरारें तक पड़ चुकी हैं, जो गंभीर खतरे की ओर आगाह कर रहा है। हालांकि बाढ़ खंड के अभियंता दिन रात बांध को लोहे की जाली में भरे बोल्डर और जीयो बैग के सहारे रोकने की कोशिश में जुटे हैं।
विज्ञापन
दहारी टोला के साथ तवकल टोला, उपाध्याय टोला, चौकी टोला, शिव टोला, भंगी टोला, देवनारायन टोला के लोग भी कटान को लेकर सहमे हुए हैं। कारण है कि यदि बांध टूटता है तो सबसे पहले यही गांव गंडक के निशाने पर होंगे और सबसे अधिक बर्बादी इन्ही गांवों के लोगों को उठानी पड़ेगी।
विज्ञापन
इन गांवों के पुजारी सिंह, दुधनाथ शर्मा, महादेव चौहान, संजय सिंह, हरिहर यादव, शिवपूजन निषाद, चंद्रमा चौहान, लालबाबू निषाद, मनोज गुप्ता, प्रभुनाथ यादव, राकेश तिवारी ने बांध की सुरक्षा को खतरे में डालने को लेकर पूर्व में विभागीय लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। इन लोगों का कहना है कि यदि शुरू में ही बाढ़ खंड के अभियंता बचाव कार्य में लग गए होते तो शायद अब तक कटान को न केवल नियंत्रित कर लिया गया होता, बल्कि लोगों को भय से मुक्ति भी मिल गई होती।
बाढ़ खंड के एक्सईएन भरत राम का कहना है कि बचाव कार्य जारी है। पूरे बांध पर चौकसी बरती जा रही है।
बाढ़ पीड़ितों में वितरित की गई राहत सामग्री
तमकुहीरोड। जिला प्रशासन के निर्देश पर रविवार को भी तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री वितरित की गई। उन्हें बचाव के बारे में जागरुक भी किया गया।
एडीएम विंध्यवासिनी राय ने बताया कि तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम परसा उर्फ सिरिसिया, राजपुर खास, पिपराघाट एहतमाली के बाढ़ पीड़ितों में रविवार को राहत सामग्री का वितरण किया गया। एसडीएम तमकुहीराज एआर फारुकी ने जिला प्रशासन की तरफ से 595 किट का वितरण किया। प्रत्येक किट में 10 किलोग्राम आटा, 10 किलोग्राम चावल, पांच किलोग्राम लाई, 2 किलोग्राम भुना चना, 2 किलोग्राम अरहर की दाल, 500 ग्राम नमक, 2.50 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम धनिया, 250 ग्राम मिर्च, एक लीटर रिफाइन तेल, एक पैकेट मोमबत्ती, एक पैकेट माचिस, 10 पैकेट बिस्कुट दिया जा रहा है।