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इंसेफेलाइटिस से बच्ची की मौत
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Thu, 10 Dec 2015 11:56 PM IST
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लक्ष्मीगंज। खोटही गांव के मन्नी टोले में एक बच्ची की जिला चिकित्सालय में बृहस्पतिवार की सुबह मौत हो गई। वह इंसेफेलाइटिस से पीड़ित थी।
बीमार नेहा को आठ दिसंबर को उल्टी और बुखार की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नेहा की चार वर्ष की बहन मोहिनी का भी इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। उधर, नेहा की इंसेफेलाइटिस से मौत होने की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम खोटही पहुंची।
यहां टीम ने गांव का दौरा कर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की।
दवा का छिड़काव भी कराया। रामकोला थानाक्षेत्र के खोटही गांव के मन्नी टोला निवासी मनोज की बेटी नेहा को आठ दिसंबर को बुखार और उल्टी की शिकायत पर कप्तानगंज सीएचसी पर ले जाया गया। जहां से चिकित्सकों ने नेहा को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी बृहस्पतिवार को मौत हो गई। नेहा के परिवार के लोगों ने बताया कि वह इंसेफेलाइटिस से पीड़ित थी। नेहा की छोटी बहन मोहिनी को भी बुखार की शिकायत पर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है।
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उधर, ब्लॉक की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव का दौरा कर दवा का छिड़काव कराया। रामकोला पीएचसी प्रभारी डॉक्टर रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग की टीम गांव में गई थी। वहां दवा का छिड़काव कराकर लोगों को पीने के लिए साफ पानी के इस्तेमाल का सुझाव दिया गया है।
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बीमार नेहा को आठ दिसंबर को उल्टी और बुखार की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नेहा की चार वर्ष की बहन मोहिनी का भी इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। उधर, नेहा की इंसेफेलाइटिस से मौत होने की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम खोटही पहुंची।
यहां टीम ने गांव का दौरा कर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की।
दवा का छिड़काव भी कराया। रामकोला थानाक्षेत्र के खोटही गांव के मन्नी टोला निवासी मनोज की बेटी नेहा को आठ दिसंबर को बुखार और उल्टी की शिकायत पर कप्तानगंज सीएचसी पर ले जाया गया। जहां से चिकित्सकों ने नेहा को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
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जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी बृहस्पतिवार को मौत हो गई। नेहा के परिवार के लोगों ने बताया कि वह इंसेफेलाइटिस से पीड़ित थी। नेहा की छोटी बहन मोहिनी को भी बुखार की शिकायत पर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है।
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उधर, ब्लॉक की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव का दौरा कर दवा का छिड़काव कराया। रामकोला पीएचसी प्रभारी डॉक्टर रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग की टीम गांव में गई थी। वहां दवा का छिड़काव कराकर लोगों को पीने के लिए साफ पानी के इस्तेमाल का सुझाव दिया गया है।