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Kushinagar News: एक तो भीषण गर्मी ऊपर से बिजली की दगाबाजी... कर्मी फोन उठाते नहीं, उठाएं तो करते हैं लफ्फाजी
Wed, 14 Jun 2023 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 14 Jun 2023 12:51 AM IST
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बिजली कटौती से बेहाल गांव के लोग, हाथ से पंखा झलते लोग।संवाद
33 हजार की जगह 27 हजार वोल्ट मिल रही बिजली, धड़ाम हो जा रही है शहर की बिजली व्यवस्था
320 एंपीयर से अधिक लोड बढ़ते ही ठप हो जा रही है जवाब दे जा रहीं मशीनें, ठप हो जा रही बिजली आपूर्ति
फोटो है।
लोड बढ़ते ही जवाब दे जा रहीं मशीनें, ठप हो जा रही बिजली आपूर्ति, हर दिन फुंक रहे ट्रांसफाॅर्मर
बिजली घर में लगे दस एंपीयर को बढ़ाकर 15 एंपीयर करने की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। उमस भरी गर्मी बढ़ने के साथ इन दिनों शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। दिन में रह-रहकर बिजली गुल हो जा रही है। एसी, कूलर और पंखे चलने की वजह से रात के समय बिजली की खपत बढ़ जा रही है। इससे बार-बार फाॅल्ट हो रहा है। बिजली कर्मी जब इसे ठीक कर रहे हैं तो वोल्टेज कम हो जा रहा है। भीषण गर्मी में एक तो बिजली दगाबाजी कर रही है तो दूसरी ओर बिजलीकर्मी उपभोक्ताओं के फोन नहीं उठा रहे। उठाते भी हैं तो इधर-उधर की बात कर फॉल्ट ठीक करने नहीं आते।
बिजली निगम के अधिकारियों की मानें तो ऊपर से ही 33 हजार वोल्ट की जगह बिजली घर को 27 हजार वोल्ट बिजली मिल रही है। लोड बढ़ने के बाद मशीनें बंद हो जा रही हैं। इससे बिजली आपूर्ति करने में परेशानी हो रही है। रात के समय पंखे चल नहीं पा रहे हैं। इस वजह से लोगों को छत और सड़क पर टहलकर रात गुजारनी पड़ रही है।
पडरौना शहर में करीब 18 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इसके अलावा पडरौना विद्युत उपकेंद्र से ग्रामीण क्षेत्र के करीब 12 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जा रही है। बीते करीब एक पखवारे से मौसम का तापमान बढ़ने से गर्मी चरम पर पहुंच गई है। इस वजह से देर शाम तक लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
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ऐसे में गर्मी से परेशान लोग राहत पाने के लिए पंखा, कूलर और एसी का सहारा लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वोल्टेज कम होने के कारण कूलर और एसी की बात कौन कहे, घर में लगे पंखे भी नहीं चल रहे हैं। इससे लोगों को बिजली भी गर्मी से राहत नहीं दे पा रही है।
सबसे अधिक परेशानी लोगों को रात के समय हो रही है। रात आठ बजे के बाद जब लोग सोने की तैयारी कर जैसे ही एसी, कूलर आदि बिजली के उपकरण चालू कर रहे हैं, वैसे ही एकाएक बिजली का लोड बढ़ने लग रहा है।
पडरौना नगर के छावनी सहित अन्य मोहल्लों में दो दिनों से शाम के बाद से ही आधे लोगों की बिजली गुल जा रही है। बिजली घर में शिकायत के बावजूद ठीक नहीं कराया जा रहा है। एक तो पडरौना और रवींद्रनगर बिजली घर के विद्युतकर्मी रात में फाॅल्ट होने पर फोन नहीं उठाते, काफी प्रयास के बाद उठा भी लें तो फाॅल्ट ठीक नहीं कराते। उपभोक्ता पूरी रात गर्मी में उबलने के लिए विवश रह रहे हैं। रात में छतों और सड़कों पर टहलकर रात गुजारनी पड़ रही है।
यह स्थिति तब हो रही है, जब बिजली का लोड 320 एंपीयर से अधिक हो रहा है। लाइन ट्रिप कर जा रही है और बिजली घर में फाॅल्ट हो जा रहा है। इस तरह की समस्या पडरौना शहर समेत दुदही फीडर में हो रही है।
बिजली निगम के अधिकारियों की मानें तो दुदही फीडर को दस एंपीयर बिजली दी जाती है, लेकिन आवश्यकता 15 एंपीयर की है। क्षमता से कम बिजली मिलने के कारण ओवरलोड के चलते बार-बार फाॅल्ट की समस्या हो रही है। मंगलवार को भी फाॅल्ट की समस्या बनी होने के कारण शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप रही।
शाम करीब चार बजे कसया के आसपास 33 हजार हाईटेंशन तार टूट गया। इससे पूरे पडरौना शहर में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली कर्मी इस फाॅल्ट का पता कराने के लिए निकल पड़े, लेकिन शाम करीब छह बजे तक फाॅल्ट की सटीक जानकारी नहीं हो सकी थी। हालांकि, उसके बारे में पता लगाने के लिए बिजली कर्मियों की टीम पेट्रोलिंग करती रही।
लोड बढ़ने से हर दिन फुंक रहे हैं तीन से चार ट्रांसफाॅर्मर
पडरौना विद्युत उपकेंद्र के वर्कशाॅप के जेई राजीव रंजन की मानें तो गर्मी बढ़ने से शहर और गांवों में लगे सभी ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड में चल रहे हैं। इस वजह से बीते तीन दिन में 12 ट्रांसफाॅर्मर जल गए हैं। इसमें दस केवीए के आठ, 25 केवीए के तीन और सौ केवीए का एक ट्रांसफाॅर्मर है। उन्होंने बताया कि जैसे ही वर्कशाॅप को जले ट्रांसफाॅर्मर मिल रहे हैं, उसकी तत्काल मरम्मत कराई जा रही है।
डेढ़ गुना बढ़ गई है बिजली की खपत
गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत करीब ड़ेढ़ गुना बढ़ गई है। पडरौना विद्युत उपकेंद्र के जेई सर्वेश चंद्र दूबे ने बताया कि सामान्य दिनों में पडरौना विद्युत उपकेंद्र की एक माह में बिजली की खपत 2806 मेगावाट होती है। लेकिन गर्मी बढ़ने से बिजली की खपत बढ़कर 4163 मेगावाट हो गई है।
उपलब्ध संसाधन से की जा रही है बिजली आपूर्ति
पड़ रही बेतहाशा गर्मी से निजात पाने के लिए लोग पंखे, कूलर और एसी का प्रयोग कर रहे हैं। इन उपकरणों का प्रयोग रात आठ बजे के बाद अधिक किया जा रहा है। इसकी वजह से पडरौना विद्युत उपकेंद्र से जुड़े सभी ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड चल रहे हैं। इसके अलावा ऊपर से ही 33 हजार वोल्ट की जगह 27 हजार वोल्ट ही बिजली मिल रही है। इसके चलते लो वोल्टेज की समस्या है। फिर भी उपलब्ध संसाधन के अनुरूप उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति करने की व्यवस्था की जा रही है।
- भोलानाथ, एसडीओ, विद्युत उपकेंद्र पडरौना।
रात में करना पड़ रहा है रतजगा
गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में बिजली की समस्या भी बढ़ गई है। बार-बार फाॅल्ट होने और वोल्टेज लो होने की वजह से रात में लोगों को नींद नहीं आ रही है। उमस भरी गर्मी से परेशान लोग रात के समय रतजगा करने के लिए विवश हैं।
- राहुल सिंह, निवासी बंदीछापर
दुकानदारी हो रही है प्रभावित
दिन हो या रात हर समय वोल्टेज कम रह रहा है। इस वजह से बिजली के उपकरण ठीक से कार्य नहीं कर रहे हैं। कई बार वोल्टेज इतना कम हो जा रहा है कि प्रिंटर तक काम नहीं कर रहा है। इससे ग्राहक वापस हो जा रहे हैं। दुकानदारी प्रभावित हो रही है।
- अरमान, दुकानदार छावनी
तीस हजार घरों में 24 घंटे बंद रही बिजली आपूर्ति
तमकुहीराज। सोमवार की रात करीब 12 बजे तरयासुजान विद्युत उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति बंद हुई तो मंगलवार की दोपहर बाद तक बहाल नहीं हुई। इससे क्षेत्र के विभिन्न गांवों के तीस हजार बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी हुई। इनके घरों में लगे इन्वर्टर समेत अन्य उपकरणों ने काम करना बंद कर दिया। इससे लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हो उठे। बिजली नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं को उठानी पड़ी।
तरयासुजान बिजली उपकेंद्र से क्षेत्र के बहादुरपुर, सलेमगढ़, लतवा बाजार, माधोपुर बुजुर्ग, नैनुपहरू, बसडीला बुजुर्ग, लतवा बाजार, पथरवा, टड़वा, खुदरा, हफुआ जीवन, बसडीला गुनाकर आदि गांव में बिजली की आपूर्ति होती है। इन सभी गांवों में सोमवार देर रात 12 बजे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है।
क्षेत्र के निलय सिंह, पवन मिश्रा, प्रताप राय, आशुतोष राय, गोविंद शर्मा, लखन गोंड, भरत गोंड, प्रदीप राय, डॉ. संतोष गुप्ता, क़ासिम अली, प्रेमचंद यादव, रामबिलास यादव आदि ने बताया कि सोमवार की रात करीब 12 बजे गुल हुई बिजली मंगलवार को दोपहर बाद तक बहाल नहीं हुई। इससे लोगों के घर में लगे इन्वर्टर समेत अन्य उपकरणों ने काम करना बंद कर दिया। लोग मंगलवार की सुबह पानी के मोटर से टंकी में पानी तक नहीं भर सके।
इस संबंध में तमकुहीराज के एसडीओ केएम शुक्ला ने बताया कि फॉल्ट होने के कारण आपूर्ति ठप है। काम चल रहा है। शीघ्र आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।
आने वाले छह दिनों तक बनी रहेगी उमस भरी गर्मी
मौसम विभाग की मानें तो अभी आने वाले छह दिनों तक लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने वाली नहीं है। मंगलवार को कुशीनगर जिले में अधिकतम तापमान 42 और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले छह दिनों तक अधिकतम तापमान 42 से 44 और न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया की मौसम वैज्ञानिक श्रुति वी सिंह ने बताया कि मानसून के आने में देरी से मौसम का तापमान बढ़ा है। राजस्थान से गर्म हवा चलने की वजह से लू चल रही है। इस मौसम से अभी लोगों को आने वाले कम से छह दिन तक राहत नहीं मिलेगी। हालांकि, पूर्वी बिहार में मानसून आ गया है। पूर्वी यूपी में भी 20 जून के बाद मानसून आने की संभावना है। इसके बाद लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।
आने वाले दिनों में तापमान की स्थिति
दिन ................ अधिकतम तापमान .................. न्यूनतम तापमान
मंगलवार ............. 42 डिग्री सेल्सियस .................. 29 डिग्री सेल्सियस
बुधवार ................. 43 डिग्री सेल्सियस .................. 29 डिग्री सेल्सियस
बृस्पतिवार ........... 42 डिग्री सेल्सियस ................... 30 डिग्री सेल्सियस
शुक्रवार ................. 42 डिग्री सेल्सियस ................... 29 डिग्री सेल्सियस
शनिवार ................. 42 डिग्री सेल्सियस .................... 28 डिग्री सेल्सियस
रविवार ................... 41 डिग्री सेल्सियस ................... 27 डिग्री सेल्सिसयस
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320 एंपीयर से अधिक लोड बढ़ते ही ठप हो जा रही है जवाब दे जा रहीं मशीनें, ठप हो जा रही बिजली आपूर्ति
फोटो है।
लोड बढ़ते ही जवाब दे जा रहीं मशीनें, ठप हो जा रही बिजली आपूर्ति, हर दिन फुंक रहे ट्रांसफाॅर्मर
बिजली घर में लगे दस एंपीयर को बढ़ाकर 15 एंपीयर करने की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। उमस भरी गर्मी बढ़ने के साथ इन दिनों शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। दिन में रह-रहकर बिजली गुल हो जा रही है। एसी, कूलर और पंखे चलने की वजह से रात के समय बिजली की खपत बढ़ जा रही है। इससे बार-बार फाॅल्ट हो रहा है। बिजली कर्मी जब इसे ठीक कर रहे हैं तो वोल्टेज कम हो जा रहा है। भीषण गर्मी में एक तो बिजली दगाबाजी कर रही है तो दूसरी ओर बिजलीकर्मी उपभोक्ताओं के फोन नहीं उठा रहे। उठाते भी हैं तो इधर-उधर की बात कर फॉल्ट ठीक करने नहीं आते।
बिजली निगम के अधिकारियों की मानें तो ऊपर से ही 33 हजार वोल्ट की जगह बिजली घर को 27 हजार वोल्ट बिजली मिल रही है। लोड बढ़ने के बाद मशीनें बंद हो जा रही हैं। इससे बिजली आपूर्ति करने में परेशानी हो रही है। रात के समय पंखे चल नहीं पा रहे हैं। इस वजह से लोगों को छत और सड़क पर टहलकर रात गुजारनी पड़ रही है।
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पडरौना शहर में करीब 18 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इसके अलावा पडरौना विद्युत उपकेंद्र से ग्रामीण क्षेत्र के करीब 12 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जा रही है। बीते करीब एक पखवारे से मौसम का तापमान बढ़ने से गर्मी चरम पर पहुंच गई है। इस वजह से देर शाम तक लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
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ऐसे में गर्मी से परेशान लोग राहत पाने के लिए पंखा, कूलर और एसी का सहारा लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वोल्टेज कम होने के कारण कूलर और एसी की बात कौन कहे, घर में लगे पंखे भी नहीं चल रहे हैं। इससे लोगों को बिजली भी गर्मी से राहत नहीं दे पा रही है।
सबसे अधिक परेशानी लोगों को रात के समय हो रही है। रात आठ बजे के बाद जब लोग सोने की तैयारी कर जैसे ही एसी, कूलर आदि बिजली के उपकरण चालू कर रहे हैं, वैसे ही एकाएक बिजली का लोड बढ़ने लग रहा है।
पडरौना नगर के छावनी सहित अन्य मोहल्लों में दो दिनों से शाम के बाद से ही आधे लोगों की बिजली गुल जा रही है। बिजली घर में शिकायत के बावजूद ठीक नहीं कराया जा रहा है। एक तो पडरौना और रवींद्रनगर बिजली घर के विद्युतकर्मी रात में फाॅल्ट होने पर फोन नहीं उठाते, काफी प्रयास के बाद उठा भी लें तो फाॅल्ट ठीक नहीं कराते। उपभोक्ता पूरी रात गर्मी में उबलने के लिए विवश रह रहे हैं। रात में छतों और सड़कों पर टहलकर रात गुजारनी पड़ रही है।
यह स्थिति तब हो रही है, जब बिजली का लोड 320 एंपीयर से अधिक हो रहा है। लाइन ट्रिप कर जा रही है और बिजली घर में फाॅल्ट हो जा रहा है। इस तरह की समस्या पडरौना शहर समेत दुदही फीडर में हो रही है।
बिजली निगम के अधिकारियों की मानें तो दुदही फीडर को दस एंपीयर बिजली दी जाती है, लेकिन आवश्यकता 15 एंपीयर की है। क्षमता से कम बिजली मिलने के कारण ओवरलोड के चलते बार-बार फाॅल्ट की समस्या हो रही है। मंगलवार को भी फाॅल्ट की समस्या बनी होने के कारण शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप रही।
शाम करीब चार बजे कसया के आसपास 33 हजार हाईटेंशन तार टूट गया। इससे पूरे पडरौना शहर में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली कर्मी इस फाॅल्ट का पता कराने के लिए निकल पड़े, लेकिन शाम करीब छह बजे तक फाॅल्ट की सटीक जानकारी नहीं हो सकी थी। हालांकि, उसके बारे में पता लगाने के लिए बिजली कर्मियों की टीम पेट्रोलिंग करती रही।
लोड बढ़ने से हर दिन फुंक रहे हैं तीन से चार ट्रांसफाॅर्मर
पडरौना विद्युत उपकेंद्र के वर्कशाॅप के जेई राजीव रंजन की मानें तो गर्मी बढ़ने से शहर और गांवों में लगे सभी ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड में चल रहे हैं। इस वजह से बीते तीन दिन में 12 ट्रांसफाॅर्मर जल गए हैं। इसमें दस केवीए के आठ, 25 केवीए के तीन और सौ केवीए का एक ट्रांसफाॅर्मर है। उन्होंने बताया कि जैसे ही वर्कशाॅप को जले ट्रांसफाॅर्मर मिल रहे हैं, उसकी तत्काल मरम्मत कराई जा रही है।
डेढ़ गुना बढ़ गई है बिजली की खपत
गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत करीब ड़ेढ़ गुना बढ़ गई है। पडरौना विद्युत उपकेंद्र के जेई सर्वेश चंद्र दूबे ने बताया कि सामान्य दिनों में पडरौना विद्युत उपकेंद्र की एक माह में बिजली की खपत 2806 मेगावाट होती है। लेकिन गर्मी बढ़ने से बिजली की खपत बढ़कर 4163 मेगावाट हो गई है।
उपलब्ध संसाधन से की जा रही है बिजली आपूर्ति
पड़ रही बेतहाशा गर्मी से निजात पाने के लिए लोग पंखे, कूलर और एसी का प्रयोग कर रहे हैं। इन उपकरणों का प्रयोग रात आठ बजे के बाद अधिक किया जा रहा है। इसकी वजह से पडरौना विद्युत उपकेंद्र से जुड़े सभी ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड चल रहे हैं। इसके अलावा ऊपर से ही 33 हजार वोल्ट की जगह 27 हजार वोल्ट ही बिजली मिल रही है। इसके चलते लो वोल्टेज की समस्या है। फिर भी उपलब्ध संसाधन के अनुरूप उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति करने की व्यवस्था की जा रही है।
- भोलानाथ, एसडीओ, विद्युत उपकेंद्र पडरौना।
रात में करना पड़ रहा है रतजगा
गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में बिजली की समस्या भी बढ़ गई है। बार-बार फाॅल्ट होने और वोल्टेज लो होने की वजह से रात में लोगों को नींद नहीं आ रही है। उमस भरी गर्मी से परेशान लोग रात के समय रतजगा करने के लिए विवश हैं।
- राहुल सिंह, निवासी बंदीछापर
दुकानदारी हो रही है प्रभावित
दिन हो या रात हर समय वोल्टेज कम रह रहा है। इस वजह से बिजली के उपकरण ठीक से कार्य नहीं कर रहे हैं। कई बार वोल्टेज इतना कम हो जा रहा है कि प्रिंटर तक काम नहीं कर रहा है। इससे ग्राहक वापस हो जा रहे हैं। दुकानदारी प्रभावित हो रही है।
- अरमान, दुकानदार छावनी
तीस हजार घरों में 24 घंटे बंद रही बिजली आपूर्ति
तमकुहीराज। सोमवार की रात करीब 12 बजे तरयासुजान विद्युत उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति बंद हुई तो मंगलवार की दोपहर बाद तक बहाल नहीं हुई। इससे क्षेत्र के विभिन्न गांवों के तीस हजार बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी हुई। इनके घरों में लगे इन्वर्टर समेत अन्य उपकरणों ने काम करना बंद कर दिया। इससे लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हो उठे। बिजली नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं को उठानी पड़ी।
तरयासुजान बिजली उपकेंद्र से क्षेत्र के बहादुरपुर, सलेमगढ़, लतवा बाजार, माधोपुर बुजुर्ग, नैनुपहरू, बसडीला बुजुर्ग, लतवा बाजार, पथरवा, टड़वा, खुदरा, हफुआ जीवन, बसडीला गुनाकर आदि गांव में बिजली की आपूर्ति होती है। इन सभी गांवों में सोमवार देर रात 12 बजे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है।
क्षेत्र के निलय सिंह, पवन मिश्रा, प्रताप राय, आशुतोष राय, गोविंद शर्मा, लखन गोंड, भरत गोंड, प्रदीप राय, डॉ. संतोष गुप्ता, क़ासिम अली, प्रेमचंद यादव, रामबिलास यादव आदि ने बताया कि सोमवार की रात करीब 12 बजे गुल हुई बिजली मंगलवार को दोपहर बाद तक बहाल नहीं हुई। इससे लोगों के घर में लगे इन्वर्टर समेत अन्य उपकरणों ने काम करना बंद कर दिया। लोग मंगलवार की सुबह पानी के मोटर से टंकी में पानी तक नहीं भर सके।
इस संबंध में तमकुहीराज के एसडीओ केएम शुक्ला ने बताया कि फॉल्ट होने के कारण आपूर्ति ठप है। काम चल रहा है। शीघ्र आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।
आने वाले छह दिनों तक बनी रहेगी उमस भरी गर्मी
मौसम विभाग की मानें तो अभी आने वाले छह दिनों तक लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने वाली नहीं है। मंगलवार को कुशीनगर जिले में अधिकतम तापमान 42 और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले छह दिनों तक अधिकतम तापमान 42 से 44 और न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया की मौसम वैज्ञानिक श्रुति वी सिंह ने बताया कि मानसून के आने में देरी से मौसम का तापमान बढ़ा है। राजस्थान से गर्म हवा चलने की वजह से लू चल रही है। इस मौसम से अभी लोगों को आने वाले कम से छह दिन तक राहत नहीं मिलेगी। हालांकि, पूर्वी बिहार में मानसून आ गया है। पूर्वी यूपी में भी 20 जून के बाद मानसून आने की संभावना है। इसके बाद लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।
आने वाले दिनों में तापमान की स्थिति
दिन ................ अधिकतम तापमान .................. न्यूनतम तापमान
मंगलवार ............. 42 डिग्री सेल्सियस .................. 29 डिग्री सेल्सियस
बुधवार ................. 43 डिग्री सेल्सियस .................. 29 डिग्री सेल्सियस
बृस्पतिवार ........... 42 डिग्री सेल्सियस ................... 30 डिग्री सेल्सियस
शुक्रवार ................. 42 डिग्री सेल्सियस ................... 29 डिग्री सेल्सियस
शनिवार ................. 42 डिग्री सेल्सियस .................... 28 डिग्री सेल्सियस
रविवार ................... 41 डिग्री सेल्सियस ................... 27 डिग्री सेल्सिसयस