हंगामे के बीच हुआ चुनाव, रामध्यान बने जिलाध्यक्ष
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पडरौना। बहुजन समाज पार्टी का संगठनात्मक चुनाव शनिवार को नगर के एक होटल में हंगामे के बीच संपन्न हुआ। जिलाध्यक्ष पद के लिए आम सहमति नहीं बनने पर मतदान की प्रक्रिया अपनाई गई। सबसे अधिक मत पाने वाले रामध्यान प्रसाद को जिलाध्यक्ष चुना गया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने संगठन की ओर से चुनाव की सूचना नहीं दिए जाने का आरोप लगाया और हंगामा किया। इन लोगों ने नारेबाजी करते हुए संगठनात्मक चुनाव का बहिष्कार किया।
एमएलसी और जोनल कोआर्डिनेटर दिनेश चंद्र व कोआर्डिनेटर घनश्याम चंद्र खरवार, कल्पनाथ व श्रवण कुमार निराला की देखरेख में बसपा के संगठनात्मक चुनाव के लिए बैठक शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही रामआग्रह, रवि प्रताप, रामनाथ भारती, रामप्रित, उमेश प्रसाद, अमरदीप, भोला प्रसाद, तूफानी प्रसाद, राजमंगल, लल्लन, राजेश, रामप्रकाश आदि कार्यकर्ताओं ने यह आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि उन्हें संगठन की ओर से चुनाव की कोई सूचना नहीं दी गई थी। ये लोग चुनाव कराने आए नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनाव का बहिष्कार कर बैठक से बाहर निकल गए।
बैठक में बचे कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में आम सहमति नहीं बन पाने के कारण जिलाध्यक्ष पद के चार दावेदारों हरेंद्र गौतम, रामध्यान प्रसाद, विजय गौतम और सुदर्शन प्रसाद के बीच चुनाव कराया गया। सबसे अधिक 208 कार्यकर्ताओं ने रामध्यान प्रसाद के पक्ष में हाथ खड़े किए। इसके अलावा हरेंद्र गौतम को 108 मत, विजय गौतम को 17 व सुदर्शन प्रसाद को 15 मत मिले। सर्वाधिक मत पाने वाले रामध्यान को जिलाध्यक्ष निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
बैठक में विधानसभा, नगर पालिका और नगर पंचायत इकाईयों का भी गठन किया गया और पदाधिकारियों के नाम की घोषणा की गई। इस दौरान जावेद इकबाल, विरेंद्र सिंह सैंथवार, विजय कुमार, जगदीश सिंह, बंटी राव, आकाश कुुमार पांडेय, रितेश गौतम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।