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Kushinagar News: बाल वाटिका के बच्चों को पढ़ाएंगे ईसीसीई एजुकेटर
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पडरौना। परिषदीय विद्यालयों में संचालित बाल वाटिका के बच्चों की पढ़ाई अब ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) एजुकेटर के जिम्मे होगी। जिले में ईसीसीई एजुकेटर की नियुक्ति कर उन्हें विद्यालयों में तैनात किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से 82 एजुकेटर की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार पूरा करा लिया गया है। अब चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र सत्यापन के बाद उन्हें बाल वाटिका भेज दिया जाएगा, जहां वे बच्चों को गतिविधि आधारित एवं रुचिकर तरीके से पढ़ाएंगे।
बाल वाटिका में तीन से छह वर्ष तक की आयु के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए तैयार किया जाता है। इसके तहत बच्चों में भाषा, संख्या ज्ञान, पहचान, सामाजिक व्यवहार और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ी बुनियादी समझ विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। ईसीसीई एजुकेटर बच्चों की उम्र और सीखने की क्षमता के अनुसार खेल, कहानी, चित्र, गीत और अन्य गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण कार्य कराएंगे।
विद्यालयों में तैनाती के बाद एजुकेटर को नियमित रूप से बाल वाटिका की कक्षाओं का संचालन करने और बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है। विभाग की ओर से शिक्षण कार्य में आवश्यक सहयोग देने के साथ बच्चों की उपस्थिति और उनकी सीखने की प्रगति पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बाल्यावस्था में बच्चों की सीखने की मजबूत नींव तैयार होने से आगे की कक्षाओं में उनका शैक्षिक विकास बेहतर होगा। ईसीसीई एजुकेटर की तैनाती से बाल वाटिका की कक्षाओं को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
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बाल वाटिका में तीन से छह वर्ष तक की आयु के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए तैयार किया जाता है। इसके तहत बच्चों में भाषा, संख्या ज्ञान, पहचान, सामाजिक व्यवहार और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ी बुनियादी समझ विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। ईसीसीई एजुकेटर बच्चों की उम्र और सीखने की क्षमता के अनुसार खेल, कहानी, चित्र, गीत और अन्य गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण कार्य कराएंगे।
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विद्यालयों में तैनाती के बाद एजुकेटर को नियमित रूप से बाल वाटिका की कक्षाओं का संचालन करने और बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है। विभाग की ओर से शिक्षण कार्य में आवश्यक सहयोग देने के साथ बच्चों की उपस्थिति और उनकी सीखने की प्रगति पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बाल्यावस्था में बच्चों की सीखने की मजबूत नींव तैयार होने से आगे की कक्षाओं में उनका शैक्षिक विकास बेहतर होगा। ईसीसीई एजुकेटर की तैनाती से बाल वाटिका की कक्षाओं को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
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