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Kushinagar News: परिवहन निगम की ईटीएम पर साइबर अटैक
Mon, 01 May 2023 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 01 May 2023 12:49 AM IST
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पडरौना रोडवेज परिसर में देवरिया जाने वाली बस में टिकट बनातीं परिचालक रीना पांडेय।संवाद
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साइबर अटैक : परिचालकों ने कसा किनारा, पांच दिन से 25 बसों के पहिए थमे
फोटो है। पडरौना डिपो में परिवहन निगम की 24 और अनुबंधित 21 बसें होती हैं संचालित
मैनुअल टिकट काटने से बच रहे परिचालक, कोई बीमार तो कई अन्य कारण दिखाकर ड्यूटी से कर रहे हैं परहेज
हर बस करीब आधा घंटा चल रही विलंब से, समय से बस नहीं मिलने से यात्रियों को हो रही है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। अब तक बैंक और अन्य साइट के हैक होने की घटना से लोग वाकिफ होंगे, लेकिन अब हैकरों के हाथ परिवहन निगम के ईटीएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन) तक पहुंच गए हैं। यह खबर कोई अफवाह नहीं, बल्कि शत प्रतिशत सही है। बीते 25 अप्रैल से परिवहन निगम के परिचालकों की ईटीएम पर साइबर अटैक हुआ है। इससे इनकी ईटीएम काम नहीं कर रही हैं। पूरी व्यवस्था पटरी से उतर गई है।
ऐसे में परिचालकों को मैनुअल टिकट से रोडवेज बस सेवा जारी रखने की कोशिश की जा रही है। इस वजह से पडरौना में परिवहन निगम की 25 बसें खड़ी हो गई हैं। पडरौना बस डिपो में निगम की 24 और अनुबंधित 21 बसें संचालित होती हैं।
पिछले दिन पांच दिनों से 25 बसों के पहिए थम गए हैं। क्योंकि परिचालक यात्रियों के लिए मैनुअल टिकट काटने से कतरा रहे हैं। कोई बीमारी तो कई अन्य जरूरी कार्य का हवाला देकर काम पर नहीं आ रहा है। इसके चलते रोडवेज की बसें करीब आधा घंटा विलंब से चल रही हैं। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है।
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रविवार को पडरौना रोडवेज डिपो की पड़ताल में यह समस्या सामने आई। इससे यात्रियों के साथ ही निगम की परिवहन व्यवस्था चलाने वालों को भी परेशानी हो रही है।
पहले रोडवेज की बसों में मैनुअल टिकट कटता था। इसमें परिचालक एक रूट पर जितने ठहराव पड़ते थे, वहां का टिकट लेकर चलते थे। बस शुरू होने से पहले वे हाथ से टिकट काटना शुरू कर देते थे। इसमें उन्हें यात्रा स्थल और किराया लिखना पड़ता था, लेकिन बीते कुछ वर्षों से व्यवस्था हाईटेक हुई तो परिवहन निगम में ईटीएम टिकट की व्यवस्था शुरू कर दी गई।
बस के परिचालकों ने बताया कि इसमें चिप और साफ्टवेयर होता है, जो इंटरनेट के जरिए चलता है। नाम टाइप करते ही ऑटोमेटिक टिकट निकल जाता है। इसे ईटीएम का नाम दिया गया है। पांच दिन पहले इसके सॉफ्टेवर पर साइबर हमला हो गया, जिससे पूरे प्रदेश की ईटीएम ने काम करना बंद कर दिया।
बसों के पहिए थमे न और यात्रियों को परेशानी न हो। इसके लिए आनन-फानन पुरानी व्यवस्था को शुरू करते हुए मैनुअल टिकट की व्यवस्था शुरू कर दी गई। इस टिकट को बनाने में परिचालकों को समय अधिक लग रहा है। टिकट पर यात्रा का ब्योरा, किराया और कार्बन कॉपी पर अपने पास भी ब्योरा रखना पड़ रहा है।
रविवार को देवरिया और गोरखपुर रूटों पर बसें आधा से एक घंटा विलंब से चलीं। बसों में बैठे यात्रियों का टिकट काटने के बाद चालक-परिचालक बस आगे ले गए। यात्रियों और परिचालकों की इस परेशानी के आगे परिवहन निगम असहाय नजर आया।
रोडवेज बस स्टेशन पर भी होना चाहिए टिकट काउंटर
इस समस्या से निपटने के लिए परिवहन निगम की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। यात्रियों की सहूलियत के लिए बस स्टेशन पर अलग से टिकट काउंटर होना चाहिए, ताकि यात्रियों को आसानी से टिकट उपलब्ध हो सके और उनकी बस समय से चल सके। पडरौना बस स्टेशन पर कोई काउंटर नहीं खुल सका है। इसके चलते बस में ही परिचालकों को टिकट देना पड़ रहा है। टिकट देरी से मिलने के कारण बस देर से छूट रही है। अगर व्यवस्था जल्द सुधरी नहीं तो यात्री रोडवेज से यात्रा करने से परहेज करने लगेंगे।
किसी को दवा तो किसी को मांगलिक कार्यक्रम में होना था शामिल
गोरखपुर के लिए सुबह के समय निकलने वाली बस से अक्सर इलाज के लिए लोग जाते हैं। क्योंकि यह समय से पहुंचा देती है। लोग इलाज कराकर शाम तक आसानी से घर लौट आते हैं, लेकिन रविवार को गोरखपुर जाने वाली सभी बसें निर्धारित समय से करीब आधा से एक-एक घंटा विलंब से चलीं। कारण कि परिचालक समय से टिकट ही नहीं दे पाए।
बोले यात्री
गोरखपुर इलाज कराने जाना है। बस में बैठे करीब पौन घंटे बीत गए। यदि देर होगी तो इलाज कराने में परेशानी होगी। क्योंकि डॉक्टर को दिखाने में समय लगता है। यदि डॉक्टर ने कोई जांच लिख दी तो घर वापस आने में रात हो जाएगी।
-दिनेश यादव, निवासी जटहां बाजार।
पांच दिन पहले जब मशीन में दिक्कत आई तो व्यवस्था को सुधार लेना चाहिए। इन्हें और कर्मचारियों की व्यवस्था करनी चाहिए। यह यात्रियों का कार्य नहीं है। वह यात्रा के लिए रोडवेज पर आए हैं तो उन्हें समय से बस मिलनी चाहिए।
-शिवकुमार दुबे, निवासी पडरौना।
रोडवेज बस से यात्रा करने वाले यात्रियों को गंतव्य तक पहुुंचने की जल्दी होती है। घर से गंतव्य तक पहुंचने का समय निर्धारित कर निकला जाता है, लेकिन बस में बैठने के बाद पता चल रहा है कि बस खुलने में देरी है। अब मजबूरी में लोगों को यात्रा करनी पड़ रही है।
-अजीत कुशवाहा, निवासी पडरौना
टिकट ईटीएम पर साइबर हैकिंग 25 अप्रैल को होने बात कही जा रही है। पांच दिन बाद भी परिवहन निगम की तरफ से इससे निपटने का इंतजाम नहीं हो पाना चिंतनीय है। निगम के अधिकारियों को इस व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त करने की व्यवस्था करनी चाहिए।
-सुनील कुमार, निवासी पडरौना
रोडवेज से चलती हैं इतनी बसें
पडरौना डिपो से दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, गोंडा, बहराइच, गोरखपुर, देवरिया, बलिया सहित अन्य रूटों के लिए मौजूदा समय में परिवहन निगम की 24 और अनुबंधित 21 बसें चल रही हैं। इसमें दो जनरथ सेवा हैं। ईटीएम के हैक होने से बसों के संचालन पर प्रभाव पड़ रहा है।
पांच दिन से 25 बसों के पहिए थमे
ईटीएम के निष्क्रिय होने से परिचालक मैनुअल टिकट नहीं काटना चाह रहे हैं। पडरौना डिपो की तरफ से निगम और अनुबंधित की संचालित होने वाली 25 बसों के पहिए थम गए हैं। परिचालक तबीयत खराब होने या कोई अन्य कार्य बताकर अवकाश ले रहे हैं।
कोट
यात्रियों को लग रहा है कि बस का परिचालक बेवजह बस रोके हुए हैं। यात्रियों की तरफ से लगातार बस चलाने का दबाव बनाया जाता है, जबकि मैनुअल टिकट काटने में देरी होने के साथ ही उसका मिलान करने में अधिक समय लग रहा है। यदि एक टिकट छूट गया या उसका मिलान सही से नहीं हुआ तो यात्रियों के साथ परिचालकों की परेशानी और बढ़ जाएगी। इसके बावजूद किसी तरह बस का संचालन किया जा रहा है।
-रीना पांडेय, परिचालक।
बोले अधिकारी
ईटीएम पर साइबर अटैक होने के बाद से टिकट बनाने में परेशानी हो रही है। मैनुअल टिकट से व्यवस्था चलाई जा रही है। कुछ परिचालक मैनुअल टिकट काटने से परहेज कर रहे हैं। उन्हें बुलाया जा रहा है। अगर लगातार अनुपस्थित हुए तो कार्रवाई की जाएगी।
-बिंदु प्रसाद, एआरएम, पडरौना डिपो
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फोटो है। पडरौना डिपो में परिवहन निगम की 24 और अनुबंधित 21 बसें होती हैं संचालित
मैनुअल टिकट काटने से बच रहे परिचालक, कोई बीमार तो कई अन्य कारण दिखाकर ड्यूटी से कर रहे हैं परहेज
हर बस करीब आधा घंटा चल रही विलंब से, समय से बस नहीं मिलने से यात्रियों को हो रही है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। अब तक बैंक और अन्य साइट के हैक होने की घटना से लोग वाकिफ होंगे, लेकिन अब हैकरों के हाथ परिवहन निगम के ईटीएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन) तक पहुंच गए हैं। यह खबर कोई अफवाह नहीं, बल्कि शत प्रतिशत सही है। बीते 25 अप्रैल से परिवहन निगम के परिचालकों की ईटीएम पर साइबर अटैक हुआ है। इससे इनकी ईटीएम काम नहीं कर रही हैं। पूरी व्यवस्था पटरी से उतर गई है।
ऐसे में परिचालकों को मैनुअल टिकट से रोडवेज बस सेवा जारी रखने की कोशिश की जा रही है। इस वजह से पडरौना में परिवहन निगम की 25 बसें खड़ी हो गई हैं। पडरौना बस डिपो में निगम की 24 और अनुबंधित 21 बसें संचालित होती हैं।
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पिछले दिन पांच दिनों से 25 बसों के पहिए थम गए हैं। क्योंकि परिचालक यात्रियों के लिए मैनुअल टिकट काटने से कतरा रहे हैं। कोई बीमारी तो कई अन्य जरूरी कार्य का हवाला देकर काम पर नहीं आ रहा है। इसके चलते रोडवेज की बसें करीब आधा घंटा विलंब से चल रही हैं। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है।
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रविवार को पडरौना रोडवेज डिपो की पड़ताल में यह समस्या सामने आई। इससे यात्रियों के साथ ही निगम की परिवहन व्यवस्था चलाने वालों को भी परेशानी हो रही है।
पहले रोडवेज की बसों में मैनुअल टिकट कटता था। इसमें परिचालक एक रूट पर जितने ठहराव पड़ते थे, वहां का टिकट लेकर चलते थे। बस शुरू होने से पहले वे हाथ से टिकट काटना शुरू कर देते थे। इसमें उन्हें यात्रा स्थल और किराया लिखना पड़ता था, लेकिन बीते कुछ वर्षों से व्यवस्था हाईटेक हुई तो परिवहन निगम में ईटीएम टिकट की व्यवस्था शुरू कर दी गई।
बस के परिचालकों ने बताया कि इसमें चिप और साफ्टवेयर होता है, जो इंटरनेट के जरिए चलता है। नाम टाइप करते ही ऑटोमेटिक टिकट निकल जाता है। इसे ईटीएम का नाम दिया गया है। पांच दिन पहले इसके सॉफ्टेवर पर साइबर हमला हो गया, जिससे पूरे प्रदेश की ईटीएम ने काम करना बंद कर दिया।
बसों के पहिए थमे न और यात्रियों को परेशानी न हो। इसके लिए आनन-फानन पुरानी व्यवस्था को शुरू करते हुए मैनुअल टिकट की व्यवस्था शुरू कर दी गई। इस टिकट को बनाने में परिचालकों को समय अधिक लग रहा है। टिकट पर यात्रा का ब्योरा, किराया और कार्बन कॉपी पर अपने पास भी ब्योरा रखना पड़ रहा है।
रविवार को देवरिया और गोरखपुर रूटों पर बसें आधा से एक घंटा विलंब से चलीं। बसों में बैठे यात्रियों का टिकट काटने के बाद चालक-परिचालक बस आगे ले गए। यात्रियों और परिचालकों की इस परेशानी के आगे परिवहन निगम असहाय नजर आया।
रोडवेज बस स्टेशन पर भी होना चाहिए टिकट काउंटर
इस समस्या से निपटने के लिए परिवहन निगम की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। यात्रियों की सहूलियत के लिए बस स्टेशन पर अलग से टिकट काउंटर होना चाहिए, ताकि यात्रियों को आसानी से टिकट उपलब्ध हो सके और उनकी बस समय से चल सके। पडरौना बस स्टेशन पर कोई काउंटर नहीं खुल सका है। इसके चलते बस में ही परिचालकों को टिकट देना पड़ रहा है। टिकट देरी से मिलने के कारण बस देर से छूट रही है। अगर व्यवस्था जल्द सुधरी नहीं तो यात्री रोडवेज से यात्रा करने से परहेज करने लगेंगे।
किसी को दवा तो किसी को मांगलिक कार्यक्रम में होना था शामिल
गोरखपुर के लिए सुबह के समय निकलने वाली बस से अक्सर इलाज के लिए लोग जाते हैं। क्योंकि यह समय से पहुंचा देती है। लोग इलाज कराकर शाम तक आसानी से घर लौट आते हैं, लेकिन रविवार को गोरखपुर जाने वाली सभी बसें निर्धारित समय से करीब आधा से एक-एक घंटा विलंब से चलीं। कारण कि परिचालक समय से टिकट ही नहीं दे पाए।
बोले यात्री
गोरखपुर इलाज कराने जाना है। बस में बैठे करीब पौन घंटे बीत गए। यदि देर होगी तो इलाज कराने में परेशानी होगी। क्योंकि डॉक्टर को दिखाने में समय लगता है। यदि डॉक्टर ने कोई जांच लिख दी तो घर वापस आने में रात हो जाएगी।
-दिनेश यादव, निवासी जटहां बाजार।
पांच दिन पहले जब मशीन में दिक्कत आई तो व्यवस्था को सुधार लेना चाहिए। इन्हें और कर्मचारियों की व्यवस्था करनी चाहिए। यह यात्रियों का कार्य नहीं है। वह यात्रा के लिए रोडवेज पर आए हैं तो उन्हें समय से बस मिलनी चाहिए।
-शिवकुमार दुबे, निवासी पडरौना।
रोडवेज बस से यात्रा करने वाले यात्रियों को गंतव्य तक पहुुंचने की जल्दी होती है। घर से गंतव्य तक पहुंचने का समय निर्धारित कर निकला जाता है, लेकिन बस में बैठने के बाद पता चल रहा है कि बस खुलने में देरी है। अब मजबूरी में लोगों को यात्रा करनी पड़ रही है।
-अजीत कुशवाहा, निवासी पडरौना
टिकट ईटीएम पर साइबर हैकिंग 25 अप्रैल को होने बात कही जा रही है। पांच दिन बाद भी परिवहन निगम की तरफ से इससे निपटने का इंतजाम नहीं हो पाना चिंतनीय है। निगम के अधिकारियों को इस व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त करने की व्यवस्था करनी चाहिए।
-सुनील कुमार, निवासी पडरौना
रोडवेज से चलती हैं इतनी बसें
पडरौना डिपो से दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, गोंडा, बहराइच, गोरखपुर, देवरिया, बलिया सहित अन्य रूटों के लिए मौजूदा समय में परिवहन निगम की 24 और अनुबंधित 21 बसें चल रही हैं। इसमें दो जनरथ सेवा हैं। ईटीएम के हैक होने से बसों के संचालन पर प्रभाव पड़ रहा है।
पांच दिन से 25 बसों के पहिए थमे
ईटीएम के निष्क्रिय होने से परिचालक मैनुअल टिकट नहीं काटना चाह रहे हैं। पडरौना डिपो की तरफ से निगम और अनुबंधित की संचालित होने वाली 25 बसों के पहिए थम गए हैं। परिचालक तबीयत खराब होने या कोई अन्य कार्य बताकर अवकाश ले रहे हैं।
कोट
यात्रियों को लग रहा है कि बस का परिचालक बेवजह बस रोके हुए हैं। यात्रियों की तरफ से लगातार बस चलाने का दबाव बनाया जाता है, जबकि मैनुअल टिकट काटने में देरी होने के साथ ही उसका मिलान करने में अधिक समय लग रहा है। यदि एक टिकट छूट गया या उसका मिलान सही से नहीं हुआ तो यात्रियों के साथ परिचालकों की परेशानी और बढ़ जाएगी। इसके बावजूद किसी तरह बस का संचालन किया जा रहा है।
-रीना पांडेय, परिचालक।
बोले अधिकारी
ईटीएम पर साइबर अटैक होने के बाद से टिकट बनाने में परेशानी हो रही है। मैनुअल टिकट से व्यवस्था चलाई जा रही है। कुछ परिचालक मैनुअल टिकट काटने से परहेज कर रहे हैं। उन्हें बुलाया जा रहा है। अगर लगातार अनुपस्थित हुए तो कार्रवाई की जाएगी।
-बिंदु प्रसाद, एआरएम, पडरौना डिपो