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Kushinagar News: शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ेंगे ड्राप आउट बच्चे, टीम गठित
Mon, 21 Jul 2025 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 21 Jul 2025 01:03 AM IST
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पडरौना। पढ़ाई से नाता तोड़ चुके श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग श्रम विभाग की मदद लेगा। इसके लिए डीआईओएस ने श्रम विभाग के कर्मचारियों के साथ शिक्षकों की टीम गठित की है।
जिले के कई ऐसे श्रमिक ऐसे हैं जिनके बच्चे आठवीं के बाद पैसे और संसाधन के अभाव में बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। इसको देखते हुए डीआईआई ने श्रम विभाग के कर्मचारियों के साथ श्रमिकों के 15 से 17 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को चिन्हित कर उन्हें नजदीक के माध्यमिक विद्यालयों में नामांकन कराने के लिए टीम गठित की है। डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय से वार्ता कर श्रमिकों के 15 से 17 वर्ष तक के पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को चिह्नित करने के लिए टीम बनाई गई है। चिह्नित बच्चों का नाम, पता सहित पूरा विवरण एकत्र किया जाएगा। उन्हें बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के तहत शैक्षिक पुनर्वास कराने के लिए चिन्हित बच्चों का शैक्षिक योग्यता के अनुसार नजदीक के विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा। इसमें ढाबा, ऑटो पार्ट्स, इलेक्टि्रक, जूस कार्नर, गैराज आदि दुकानों में कार्य कर रहे बच्चों को शामिल जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए जिले के सभी प्रधानाचार्यों को भी निर्देश जारी कर टीम की तरफ से प्राप्त सूची के आधार पर बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश कराने के लिए कहा है। साथ ही बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित करने और बच्चों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए भी कहा है।
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जिले के कई ऐसे श्रमिक ऐसे हैं जिनके बच्चे आठवीं के बाद पैसे और संसाधन के अभाव में बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। इसको देखते हुए डीआईआई ने श्रम विभाग के कर्मचारियों के साथ श्रमिकों के 15 से 17 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को चिन्हित कर उन्हें नजदीक के माध्यमिक विद्यालयों में नामांकन कराने के लिए टीम गठित की है। डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय से वार्ता कर श्रमिकों के 15 से 17 वर्ष तक के पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को चिह्नित करने के लिए टीम बनाई गई है। चिह्नित बच्चों का नाम, पता सहित पूरा विवरण एकत्र किया जाएगा। उन्हें बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के तहत शैक्षिक पुनर्वास कराने के लिए चिन्हित बच्चों का शैक्षिक योग्यता के अनुसार नजदीक के विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा। इसमें ढाबा, ऑटो पार्ट्स, इलेक्टि्रक, जूस कार्नर, गैराज आदि दुकानों में कार्य कर रहे बच्चों को शामिल जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए जिले के सभी प्रधानाचार्यों को भी निर्देश जारी कर टीम की तरफ से प्राप्त सूची के आधार पर बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश कराने के लिए कहा है। साथ ही बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित करने और बच्चों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए भी कहा है।
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