फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Dogs attacked bitten and injured 2300 people, including 300 children, in 40 days.

Kushinagar News: कुत्ते हुए हमलावर…40 दिन में 300 बच्चों समेत 2300 को काटकर किया जख्मी

Wed, 11 Feb 2026 01:53 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Feb 2026 01:53 AM IST
विज्ञापन
Dogs attacked bitten and injured 2300 people, including 300 children, in 40 days.
कुत्ते के काटने पर मेडिकल कॉलेज में एंटी रेबीज लगवाते लोग।संवाद - फोटो : credit
-शहर से गांव तक आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद नियंत्रण न होने पर सवाल
विज्ञापन


पडरौना। जिले में आवारा कुत्तों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हालात यह हैं कि शहर की गलियों से लेकर गांवों की पगडंडियों तक लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मासूम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर हो रहे हमलों से दहशत का माहौल है। बीते 40 दिनों में जिले में 300 बच्चों समेत करीब 2300 लोग कुत्तों के हमलों में घायल हो चुके हैं।

घर से बाहर निकलते समय लोगों को अब अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। कई इलाकों में लोग हाथ में डंडा या कोई वस्तु लेकर निकलने को मजबूर हैं। मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पतालों में कुत्तों के काटने के बाद एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने पहुंच रहे लोगों की संख्या हालात की गंभीरता को साफ दर्शा रही है।
विज्ञापन

अस्पतालों के रिकॉर्ड के अनुसार, महज 40 दिनों में 2300 से अधिक लोग कुत्तों के हमलों के शिकार हुए हैं। इनमें 300 से अधिक बच्चे शामिल हैं। कई मामलों में बच्चों को गंभीर चोटों के चलते भर्ती कराना पड़ा। इसके अलावा बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिला-पुरुष भी इन हमलों में घायल हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन, फिर भी हालात जस के तस
आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि कुत्तों को मारना समाधान नहीं है और नगर निकायों की जिम्मेदारी है कि वे एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम, टीकाकरण और निगरानी के जरिये उनकी संख्या नियंत्रित करें। कोर्ट ने यह भी कहा है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नगर निकायों और प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद जिले में इन निर्देशों का प्रभावी पालन होता नजर नहीं आ रहा है।
नगर पालिका की भूमिका पर उठे सवाल

पडरौना नगर पालिका सहित अन्य नगर निकायों की ओर से अब तक न तो स्थायी एबीसी सेंटर शुरू हो सका है और न ही कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी की कोई ठोस व्यवस्था जमीन पर दिख रही है। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और लगातार हो रहे हमले नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
क्यों आक्रामक हो रहे कुत्ते

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को जन्म देने के बाद कुतियों का व्यवहार आक्रामक हो जाता है। वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर राहगीरों को खतरा समझ लेती हैं। इसके अलावा कुत्ते किसी खास स्थान को अपना इलाका मान लेते हैं। जहां भोजन मिलता है, वहां वे अधिक आक्रामक रहते हैं। भोजन की कमी या बाहरी हस्तक्षेप पर भी वे हमला कर देते हैं।
एआरवी लगवाने पहुंचे लोगों की जुबानी

मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को करीब 80 लोग कुत्तों के हमले के बाद एआरवी लगवाने पहुंचे। लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं और सबसे ज्यादा शिकार बच्चे हो रहे हैं।

-घर के दरवाजे पर कुत्तों के छोटे बच्चे आ गए थे। बेटी उन्हें उठाने दौड़ी, तभी कुतिया ने हमला कर दिया। -गोविंद कुमार, जंगल गुर्दी


-खेत जाते समय रास्ते में कुत्तों का झुंड बैठा था। रफ्तार कम करते ही एक कुत्ते ने हमला कर दिया।- अंजेश निषाद, बकुलहां


वर्जन
आवारा कुत्तों के जन्म की दर को नियंत्रित करने के लिए एबीसी सेंटर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए एक हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। जमीन मिलने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डॉ. एके सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, कुशीनगर

जिले में कुत्तों के हमलों की बड़ी घटनाएं



13 अगस्त 2025

हाटा कोतवाली क्षेत्र के अर्जुन डुमरी गांव में 30 वर्षीय माधुरी को कुत्तों के झुंड ने नोच-नोचकर मार डाला।



जुलाई 2025

कसया थाना क्षेत्र के शहीद अमिय त्रिपाठी नगर में पांच वर्षीय अनिक को कुत्तों ने घर के बाहर घसीट लिया, पड़ोसी की सतर्कता से जान बची।



15 दिसंबर 2025

तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के चंद्रौटा गांव में तीन बच्चों पर कुत्तों ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।



8 नवंबर 2025

नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के सौरहा बुजुर्ग में आवारा कुत्तों ने 18 लोगों को काटकर जख्मी कर दिया।

-----------

पशुपालन विभाग नगर पालिका का करेगा सहयोग

पशुपालन विभाग का कहना है कि कुत्तों के आश्रय स्थल निर्माण के लिए नगरपालिका के साथ मिलकर जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। आश्रय स्थल के निर्माण के लिए भूमि की दरकार है। इसके लिए जिला प्रशासन से बातचीत चल रही है। भूमि उपलब्ध होने पर आश्रय स्थल का निर्माण किया जाएगा। वहां आवारा कुत्तों के जन्म दर को नियंत्रित किया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. एके सिंह ने बताया कि वर्तमान में पालतू कुत्तों के टीकाकरण व उपचार का प्रबंध है, लेकिन आवारा कुत्तों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
-----------
डॉग आश्रय स्थल के लिए न्यूनतम एक हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। जमीन की तलाश करने के साथ जिले के उच्चाधिकारियों से भी इस संबंध में वार्ता चल रही है। जमीन उपलब्ध होते ही आश्रय स्थल का निर्माण करा दिया जाएगा। -विनय जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, पडरौना।

कुत्ते के काटने पर मेडिकल कॉलेज में एंटी रेबीज लगवाते लोग।संवाद

कुत्ते के काटने पर मेडिकल कॉलेज में एंटी रेबीज लगवाते लोग।संवाद- फोटो : credit

कुत्ते के काटने पर मेडिकल कॉलेज में एंटी रेबीज लगवाते लोग।संवाद

कुत्ते के काटने पर मेडिकल कॉलेज में एंटी रेबीज लगवाते लोग।संवाद- फोटो : credit

कुत्ते के काटने पर मेडिकल कॉलेज में एंटी रेबीज लगवाते लोग।संवाद

कुत्ते के काटने पर मेडिकल कॉलेज में एंटी रेबीज लगवाते लोग।संवाद- फोटो : credit

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed