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बाढ़ चौकियों को 24 घंटे रखें अलर्ट
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बाढ़ चौकियों को 24 घंटे रखें अलर्ट
डीएम ने जिला स्तरीय आपदा राहत समिति के साथ बैठक की
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला स्तरीय आपदा राहत समिति की बैठक बुधवार को डीएम की अध्यक्षता में हुई। कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई इस बैठक में डीएम ने बरसात शुरू होने से पहले बाढ़ चौकियों को अलर्ट रखने, वहां 24 घंटे ड्यूटी, नियमित संवाद के लिए मोबाइल कनेक्शन और पुलिस तैनात किए जाने के निर्देश दिए।
डीएम एस. राजलिंगम ने बाढ़ से निपटने के लिए बरसात से पहले तैयारी पूरी कर लेने के निर्देश दिए। बैठक की शुरुआत में आपदा विशेषज्ञ रवि प्रताप राय ने वर्ष 2021 में बाढ़ से बचाव के लिए एजेंडा प्रस्तुत किया। चूंकि यह जनपद बाढ़ की दृष्टि से अतिसंवेदनशील जनपदों में शामिल है। इसलिए डीएम ने बाढ़ के दृष्टिगत किस अधिकारी की क्या जिम्मेदारी होगी, इस बारे में निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ चौकी पर उचित व्यवस्था की जाए। वहां 24 घंटे ड्यूटी होनी चाहिए। नियमित संवाद के लिए मोबाइल कनेक्शन तथा पुलिस की भी व्यवस्था की जाए। उन्होंने बाढ़ चौकियों के बारे में कहा कि यह एक कमांड कंट्रोल सेंटर की तरह कार्य करें। उन्होंने बाढ़ शरणालयों बनाने के बारे में भी निर्देश दिए। इसके साथ क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों की मरम्मत के निर्देश दिए तथा कुछ राहत सामग्री का भंडारण बाढ़ आने से पहले ही कर लेने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को एक व्हाट्सएस ग्रुप बनाने के भी निर्देश दिए, जिससे बाढ़ से संबंधित सारी जानकारी सभी को अपडेट होती रहे।
डीएम ने एक्सईएन बाढ़ से तटबंध संबंधी निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की जानकारी ली तथा उनसे यह भी पूछा कि प्रोजेक्ट का कार्य कब तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने ड्रेन की सफाई के बारे में भी आवश्यक जानकारी ली। कुछ जगह ड्रेन के अतिक्रमण की शिकायत पर संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए गए। बैठक में डीसीओ से चीनी मिल वाले क्षेत्रों में ड्रेन पर कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों तथा कटान की आशंका के बारे में भी पूछा गया। बैठक के दौरान एडीएम विंध्यवासिनी राय ने तटबंधों को सुरक्षित करने के निर्देश दिए। इस बैठक में डीएम ने पशुपालन विभाग को बाढ़ के समय पशुओं के चारा, भूसा, चारागाह की उपलब्धता संबंधी निर्देश दिए। सीएमओ को आपात घटनाओं से निपटने के लिए प्राथमिक चिकित्सीय उपायों दवा, वैक्सीन, संक्रामक बीमारी के उपचार के संबंध में निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ अनुज मलिक, एएसपी एपी सिंह, सीएमओ डॉ. नरेंद्र गुप्ता, सभी एसडीएम, एक्सईएन बाढ़ खंड, डीसीओ, नगरपालिका व नगरपंचायत के ईओ एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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फोटो है।
बांध पर चल रहे बचाव कार्य का किया निरीक्षण
नरवाजोत बांध पर चल रहा है चार परियोजनाओं पर कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर समेत अन्य अभियंताओं ने बुधवार को नरवाजोत बांध पर 40.85 करोड़ की लागत से चल रही सभी चारों परियोजनाओं के कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान अफसरों ने संबंधित कर्मियों को बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
नरवाजोत-पिपराघाट बांध पर पिछले ढाई माह से यूपी सरकार की तरफ से स्वीकृत 40.85 करोड़ की लागत से चार परियोजनाओं के कार्यों को बाढ़ खंड विभाग पूरा कराने में जुटा हुआ है। लेकिन इसी बीच चार दिन पहले नेपाल की पहाड़ियों पर भारी बारिश होने के कारण वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में एक लाख इक्कतीस हजार पांच सौ क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद नदी में उफान की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इससे बचाव कार्य प्रभावित हो गया था। नदी का जलस्तर बढ़ने से नरवाजोत गांव के सामने कटान भी शुरू हो गई थी। इसके बाद यहां मिट्टी से भरी बोरियों को डंप करा कर रोका गया। इसकी जानकारी होने पर बुधवार की सुबह सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर आलोक कुमार जैन, अधीक्षण अभियंता केके राय, अधिशासी अभियंता महेश कुमार सिंह, सहायक अभियंता एसके प्रियदर्शी आदि ने नरवाजोत बांध का निरीक्षण कर बचाव कार्य और कटान वाले स्थान का निरीक्षण किया। चीफ इंजीनियर आलोक कुमार जैन ने बचाव कार्यों में तेजी लाने और परियोजना के कार्यों को निर्धारित समय में पूरा कराने के निर्देश दिए। इस दौरान जेई चंद्रप्रकाश, जेई सुनील कुमार यादव, जेई संजय कुमार मौर्य, जेई रमेशधर दुबे, जेई राकेश कुमार, जेई राजेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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डीएम ने जिला स्तरीय आपदा राहत समिति के साथ बैठक की
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला स्तरीय आपदा राहत समिति की बैठक बुधवार को डीएम की अध्यक्षता में हुई। कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई इस बैठक में डीएम ने बरसात शुरू होने से पहले बाढ़ चौकियों को अलर्ट रखने, वहां 24 घंटे ड्यूटी, नियमित संवाद के लिए मोबाइल कनेक्शन और पुलिस तैनात किए जाने के निर्देश दिए।
डीएम एस. राजलिंगम ने बाढ़ से निपटने के लिए बरसात से पहले तैयारी पूरी कर लेने के निर्देश दिए। बैठक की शुरुआत में आपदा विशेषज्ञ रवि प्रताप राय ने वर्ष 2021 में बाढ़ से बचाव के लिए एजेंडा प्रस्तुत किया। चूंकि यह जनपद बाढ़ की दृष्टि से अतिसंवेदनशील जनपदों में शामिल है। इसलिए डीएम ने बाढ़ के दृष्टिगत किस अधिकारी की क्या जिम्मेदारी होगी, इस बारे में निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ चौकी पर उचित व्यवस्था की जाए। वहां 24 घंटे ड्यूटी होनी चाहिए। नियमित संवाद के लिए मोबाइल कनेक्शन तथा पुलिस की भी व्यवस्था की जाए। उन्होंने बाढ़ चौकियों के बारे में कहा कि यह एक कमांड कंट्रोल सेंटर की तरह कार्य करें। उन्होंने बाढ़ शरणालयों बनाने के बारे में भी निर्देश दिए। इसके साथ क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों की मरम्मत के निर्देश दिए तथा कुछ राहत सामग्री का भंडारण बाढ़ आने से पहले ही कर लेने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को एक व्हाट्सएस ग्रुप बनाने के भी निर्देश दिए, जिससे बाढ़ से संबंधित सारी जानकारी सभी को अपडेट होती रहे।
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डीएम ने एक्सईएन बाढ़ से तटबंध संबंधी निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की जानकारी ली तथा उनसे यह भी पूछा कि प्रोजेक्ट का कार्य कब तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने ड्रेन की सफाई के बारे में भी आवश्यक जानकारी ली। कुछ जगह ड्रेन के अतिक्रमण की शिकायत पर संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए गए। बैठक में डीसीओ से चीनी मिल वाले क्षेत्रों में ड्रेन पर कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों तथा कटान की आशंका के बारे में भी पूछा गया। बैठक के दौरान एडीएम विंध्यवासिनी राय ने तटबंधों को सुरक्षित करने के निर्देश दिए। इस बैठक में डीएम ने पशुपालन विभाग को बाढ़ के समय पशुओं के चारा, भूसा, चारागाह की उपलब्धता संबंधी निर्देश दिए। सीएमओ को आपात घटनाओं से निपटने के लिए प्राथमिक चिकित्सीय उपायों दवा, वैक्सीन, संक्रामक बीमारी के उपचार के संबंध में निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ अनुज मलिक, एएसपी एपी सिंह, सीएमओ डॉ. नरेंद्र गुप्ता, सभी एसडीएम, एक्सईएन बाढ़ खंड, डीसीओ, नगरपालिका व नगरपंचायत के ईओ एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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फोटो है।
बांध पर चल रहे बचाव कार्य का किया निरीक्षण
नरवाजोत बांध पर चल रहा है चार परियोजनाओं पर कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर समेत अन्य अभियंताओं ने बुधवार को नरवाजोत बांध पर 40.85 करोड़ की लागत से चल रही सभी चारों परियोजनाओं के कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान अफसरों ने संबंधित कर्मियों को बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
नरवाजोत-पिपराघाट बांध पर पिछले ढाई माह से यूपी सरकार की तरफ से स्वीकृत 40.85 करोड़ की लागत से चार परियोजनाओं के कार्यों को बाढ़ खंड विभाग पूरा कराने में जुटा हुआ है। लेकिन इसी बीच चार दिन पहले नेपाल की पहाड़ियों पर भारी बारिश होने के कारण वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में एक लाख इक्कतीस हजार पांच सौ क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद नदी में उफान की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इससे बचाव कार्य प्रभावित हो गया था। नदी का जलस्तर बढ़ने से नरवाजोत गांव के सामने कटान भी शुरू हो गई थी। इसके बाद यहां मिट्टी से भरी बोरियों को डंप करा कर रोका गया। इसकी जानकारी होने पर बुधवार की सुबह सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर आलोक कुमार जैन, अधीक्षण अभियंता केके राय, अधिशासी अभियंता महेश कुमार सिंह, सहायक अभियंता एसके प्रियदर्शी आदि ने नरवाजोत बांध का निरीक्षण कर बचाव कार्य और कटान वाले स्थान का निरीक्षण किया। चीफ इंजीनियर आलोक कुमार जैन ने बचाव कार्यों में तेजी लाने और परियोजना के कार्यों को निर्धारित समय में पूरा कराने के निर्देश दिए। इस दौरान जेई चंद्रप्रकाश, जेई सुनील कुमार यादव, जेई संजय कुमार मौर्य, जेई रमेशधर दुबे, जेई राकेश कुमार, जेई राजेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।