{"_id":"676da637c5a083f3c301f824","slug":"district-ranks-eighth-in-conducting-e-kyc-of-ration-card-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-129077-2024-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: राशन कार्ड की ई-केवाईसी कराने में जिले को आठवां स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: राशन कार्ड की ई-केवाईसी कराने में जिले को आठवां स्थान
Fri, 27 Dec 2024 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 27 Dec 2024 12:23 AM IST
विज्ञापन
पडरौना। प्रचार-प्रसार के बाद भी ई-केवाईसी कराने में लापरवाही बरतने वाले कार्डधारकों का नाम कार्ड से कट सकता है। 27 लाख यूनिट में अभी तक सिर्फ बीस लाख ही लोग ने ही केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराई है। अब भी सात लाख लोग बचे हुए हैं।
इसमें अधिकांश लोग परदेस में है, लेकिन साॅफ्टवेयर में ऐसा सिस्टम हैं कि वे वहीं से ई-केवाईसी कर सकते हैं। 31 दिसंबर तक इसके लिए अंतिम तिथि शासन की ओर से तय की गई है। कोटेदारों को इसकी प्रतिदिन रिपोर्टिंग करनी पड़ रही है। ई-केवाईसी का लक्ष्य पूरा करने में कुशीनगर जिला प्रदेश में आठवें स्थान पर है।
जिले में करीब 27 लाख यूनिट कार्डधारकों की संख्या है। कार्ड में शामिल कई ऐसे लोगों का नाम शामिल हैं जो राशन भी ले रहे हैं और उनकी आर्थिक स्थिति भी ठीक है। इसके लिए शासन की ओर से कार्ड में शामिल परिवार के सभी सदस्यों का ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया। कोटेदारों को इसके लिए निर्देश दिए और गांवों में मुनादी भी कराई गई।
विज्ञापन
कस्बे में इसके लिए कैंप भी लगाए गए। राशन लेने वाले एक लाख से अधिक लोग परदेस में काम करते हैं। इसके लिए इनको गांव आना मजबूरी हो गया। शासन ने साॅफ्टवेयर में बदलाव कराया है।
विज्ञापन
इसमें अधिकांश लोग परदेस में है, लेकिन साॅफ्टवेयर में ऐसा सिस्टम हैं कि वे वहीं से ई-केवाईसी कर सकते हैं। 31 दिसंबर तक इसके लिए अंतिम तिथि शासन की ओर से तय की गई है। कोटेदारों को इसकी प्रतिदिन रिपोर्टिंग करनी पड़ रही है। ई-केवाईसी का लक्ष्य पूरा करने में कुशीनगर जिला प्रदेश में आठवें स्थान पर है।
विज्ञापन
जिले में करीब 27 लाख यूनिट कार्डधारकों की संख्या है। कार्ड में शामिल कई ऐसे लोगों का नाम शामिल हैं जो राशन भी ले रहे हैं और उनकी आर्थिक स्थिति भी ठीक है। इसके लिए शासन की ओर से कार्ड में शामिल परिवार के सभी सदस्यों का ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया। कोटेदारों को इसके लिए निर्देश दिए और गांवों में मुनादी भी कराई गई।
विज्ञापन
कस्बे में इसके लिए कैंप भी लगाए गए। राशन लेने वाले एक लाख से अधिक लोग परदेस में काम करते हैं। इसके लिए इनको गांव आना मजबूरी हो गया। शासन ने साॅफ्टवेयर में बदलाव कराया है।