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Kushinagar News: डिजिटल जाल में जिला...हर तीसरे दिन सामने आया साइबर ठगी का एक मामला
Mon, 29 Dec 2025 01:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 29 Dec 2025 01:29 AM IST
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पडरौना। डिजिटल युग में सुविधाओं के साथ खतरे भी बढ़े हैं। इसे साबित करते हैं जिले में इस साल साइबर अपराध के मामले। हालात ऐसे रहे कि औसतन हर तीसरे दिन साइबर ठगी का कोई न कोई मामला सामने आया। फर्जी कॉल, लिंक, मैसेज और नए-नए हथकंडों के जरिए साइबर अपराधियों ने आमजन की मेहनत की कमाई चुटकी बजाते उड़ा दी। आंकड़ों पर नजर डालें तो एक वर्ष में साइबर अपराध के कुल 138 मामले दर्ज किए गए, जो जिले में बढ़ते डिजिटल अपराध की गवाही दे रहे हैं। बैंक के नाम पर कॉल, केवाईसी अपडेट, ओटीपी मांगने, इनाम और लोन का लालच देने, फर्जी कूरियर और हाल के दिनों में चर्चित हुए ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे तरीकों से लोगों को जाल में फंसाकर लोगों को ठगा गया।
पुलिस और प्रशासन की ओर से साइबर अपराध को लेकर लगातार चेतावनी और जागरूकता अभियान चलाए गए। सोशल मीडिया, एलईडी वैन, गोष्ठियों और जनसभाओं के माध्यम से लोगों को अनजान कॉल न उठाने, संदिग्ध लिंक न खोलने और ओटीपी साझा न करने की सलाह दी गई, इसके बावजूद ठगों ने लोगों की छोटी सी लापरवाही को हथियार बनाकर वार किया। हालांकि पुलिस की तत्परता से 150 से अधिक साइबर ठगी के शिकार हुए लोगों की धनराशि वापस भी कराई गई। विशेषज्ञ मानते हैं कि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक हो सकता है, क्योंकि कई लोग बदनामी या जानकारी के अभाव में शिकायत तक नहीं करते।
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पुलिस और प्रशासन की ओर से साइबर अपराध को लेकर लगातार चेतावनी और जागरूकता अभियान चलाए गए। सोशल मीडिया, एलईडी वैन, गोष्ठियों और जनसभाओं के माध्यम से लोगों को अनजान कॉल न उठाने, संदिग्ध लिंक न खोलने और ओटीपी साझा न करने की सलाह दी गई, इसके बावजूद ठगों ने लोगों की छोटी सी लापरवाही को हथियार बनाकर वार किया। हालांकि पुलिस की तत्परता से 150 से अधिक साइबर ठगी के शिकार हुए लोगों की धनराशि वापस भी कराई गई। विशेषज्ञ मानते हैं कि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक हो सकता है, क्योंकि कई लोग बदनामी या जानकारी के अभाव में शिकायत तक नहीं करते।
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