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श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, स्नान-दान किया

Mon, 14 Nov 2016 11:15 PM IST
kushinagar
kushinagar Updated Mon, 14 Nov 2016 11:15 PM IST
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devotees took holy bath in river bansi
पूजा - फोटो : santosh verma
पडरौना। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बांसी नदी सहित जनपद की सीमा से होकर गुजरने वाली बड़ी और छोड़ी गंडक नदियों पर स्नान-दान की पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा को निभाने वालों की तादाद इस बार काफी कम रही। इसकी सबसे बड़ी वजह रही कुछ ही दिन पहले लगी 500 एवं 1000 रुपये के नोट पर पाबंदी। मेला जाने वाले श्रद्धालुओं से लगायत दुकानदार और वाहन चालक तक इस परेशानी से जूझते नजर आए। न केवल मेला में लगी दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा, बल्कि वाहन चालक भी मेला जाने वाले श्रद्धालुओं की राह निहारते नजर आए। मेला में आने वाले लोगों का तजुर्बा था कि इतनी कम भीड़ तो उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं देखा था। हालांकि रात बारह बजे के बाद से ही श्रद्धालुओं ने बांसी सहित अन्य नदियों में डुबकी लगानी शुरू कर दी।
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500 और 1000 रुपये के नोटों पर लगी पाबंदी ने बाजार और खेती-गृहस्थी को ही प्रभावित नहीं किया, बल्कि आस्था पर भरपूर प्रभाव डाला है। इसका नजारा कार्तिक पूर्णिमा पर बांसी में लगने वाले मेले पर दिखा। जो सड़कें मेले के दिन वाहनों और राहगीरों से भरी होती थीं और रह-रहकर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी, वहां श्रद्धालुओं से भरे इक्का-दुक्का वाहन नजर आ रहे थे। बांसी घाट पर वैतरणी पार कराने वाले पुरोहित से लगायत दुकानदार और वाहनचालक व्यस्तता की बजाय लोगों का मुंह ताकते दिखे। 
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पहली बार ऐसे भी नजारे दिखे कि श्रद्धालु पुरोहितों को पूजा और गौ दान के एवज में 500 के नोट देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुरोहित लेने से इनकार कर दे रहे थे। यही हाल बड़ी गंडक और छोटी गंडक के किनारे मेलास्थलों पर भी था।
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जटहां बाजार प्रतिनिधि के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने सोमवार की भोर से ही बांसी नदी में डुबकी लगाना शुरू कर दिया। उसके बाद नदी के किनारे मौजूद पुरोहितों को दान-दक्षिणा दी। श्रद्धालुओं के पास फुटकर नोट कम होने की वजह से मेला में सामान खरीदने में संकोच करते रहे। बांसी में सुबह नौ बजे तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। बिहार से आए लोग स्नानदान और गोदान के एवज में पुरोहितों को पांच सौ रुपये के नोट दे रहे थे, लेकिन पुरोहित उसे लेने से मना कर दे रहे थे। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस, पीएसी और अग्रिशमन दस्ता तैनात था। 

 
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