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Kushinagar News: अधिमास के प्रथम सोमवार को शिवालय में उमड़े श्रद्धालु
Tue, 19 May 2026 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 19 May 2026 02:38 AM IST
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पडरौना/कुबेरस्थान। प्राचीन शिवालय में अधिमास के प्रथम सोमवार को क्षेत्र की महिलाओं ने आशुतोष भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
स्थानीय कस्बे में स्थित प्राचीन शिव शक्ति मंदिर में अधिमास के प्रथम सोमवार को महिला पुरुष भक्त ब्रह्म मुहूर्त से मंदिर में आकर गाय का दूध, दूर्वा,अक्षत,सिंदूर, शहद, गुड़, गंगाजल,बिल्वपत्र, शमीपुष्प,धतूरा आदि पूजन सामग्री चढा कर भगवान शिव के समक्ष माथा टेक कर परिवार की सलामती का आशीर्वाद मांगा। बताया जाता है कि तीन वर्ष के तिथियों के क्षय होने से एक माह बढ़ जाता है।इसे अधिमास,मलमास अथवा खरमास या पुरुषोत्तम मास के रूप में जाना जाता है।इस महीने में कोई मांगलिक कार्य नही होता है।सिर्फ यग्योपवित संस्कार ही होता है। अधिमास 17 मई से शुरू होकर 15 जून दिन सोमवार को समापन होगा। इस बीच मंदिरों में सोमवार व शुक्रवार को मंदिरों में श्रद्धालु पूजा हेतु आते है।अधिमास में भगवान शिव तथा नारायण के पूजन का विशेष महत्व है ।इसी के साथ क्षेत्र के अन्हारीबारी, धर्मागरछपरा, कल्याछापर, खन्हवार, भूपसागर, घोरघटिया, अमवा आदि मंदिरों में पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
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स्थानीय कस्बे में स्थित प्राचीन शिव शक्ति मंदिर में अधिमास के प्रथम सोमवार को महिला पुरुष भक्त ब्रह्म मुहूर्त से मंदिर में आकर गाय का दूध, दूर्वा,अक्षत,सिंदूर, शहद, गुड़, गंगाजल,बिल्वपत्र, शमीपुष्प,धतूरा आदि पूजन सामग्री चढा कर भगवान शिव के समक्ष माथा टेक कर परिवार की सलामती का आशीर्वाद मांगा। बताया जाता है कि तीन वर्ष के तिथियों के क्षय होने से एक माह बढ़ जाता है।इसे अधिमास,मलमास अथवा खरमास या पुरुषोत्तम मास के रूप में जाना जाता है।इस महीने में कोई मांगलिक कार्य नही होता है।सिर्फ यग्योपवित संस्कार ही होता है। अधिमास 17 मई से शुरू होकर 15 जून दिन सोमवार को समापन होगा। इस बीच मंदिरों में सोमवार व शुक्रवार को मंदिरों में श्रद्धालु पूजा हेतु आते है।अधिमास में भगवान शिव तथा नारायण के पूजन का विशेष महत्व है ।इसी के साथ क्षेत्र के अन्हारीबारी, धर्मागरछपरा, कल्याछापर, खन्हवार, भूपसागर, घोरघटिया, अमवा आदि मंदिरों में पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।