फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Delay in repairing regulator gate increases farmers' woes.

Kushinagar News: रेगुलेटर के फाटक की मरम्मत में देरी, किसानों की बढ़ी परेशानी

Sun, 07 Jun 2026 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 07 Jun 2026 01:32 AM IST
विज्ञापन
Delay in repairing regulator gate increases farmers' woes.
खडडा क्षेत्र में मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के गुलहरिया रेगुलेटर का टूटा फाटक । - फोटो : Samvad
खड्डा। मुख्य पश्चिमी गंडक नहर पर खड्डा के पास गुलहरिया रेगुलेटर का फाटक एक सप्ताह पूर्व अचानक टूट गया। अभी तक फाटक का मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो सका। इसके चलते अभी तक नहरों में पानी नहीं पहुंच सका है और किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पंपिंग सेट से गन्ने की सिंचाई और धान का बेहन डाल रहे हैं। अभी फाटक के मरम्मत में समय लग सकता है।
विज्ञापन

नेपाल से निकली मुख्य पश्चिमी गंडक नहर पडरौना शहर के बीच से होते हुए बिहार तक गई है। इस नहर पर खेती किसानी को लेकर किसान निर्भर रहते हैं। अभी तक मुख्य पश्चिमी गंडक नहर में पानी आ जाता था, लेकिन एक सप्ताह पूर्व अचानक गुलहरिया फाटक टूट गया, इसके चलते समय से पहले गंडक नहर में पानी आ गया। किसी तरह बैराज को बंद किया गया और फाटक का मरम्मत शुरू किया गया।अभी तक रेगुलेटर का फाटक ठीक नहीं किया जा सका है। इसके चलते मुख्य नहर के अलावा इससे जुड़ी नहर की अन्य शाखाओं में पानी नहीं पहुंचा है। इसको लेकर किसान परेशान हैं और अधिकारियों के पास शिकायत भी पहुंच रही है।
विज्ञापन

-
नहरों में पानी नहीं आने से किसान बेहाल, धान की बेहन पर संकट
बरई रजवाहा और मीर माइनर सूखी, किसानों ने की जल्द पानी छोड़ने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
उजारनाथ। बरई रजवाहा और मीर माइनर में अब तक पानी नहीं छोड़े जाने से क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की बेहन (नर्सरी) तैयार कर चुके किसानों को सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन नहरों के सूखे रहने से उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि धान की खेती के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। बेहन गिराने के बाद नियमित सिंचाई आवश्यक होती है, लेकिन नहर विभाग की उदासीनता के चलते अब तक नहरों में पानी नहीं पहुंच सका है। इससे धान की नर्सरी के सूखने का खतरा पैदा हो गया है और किसानों की मेहनत पर पानी फिरने की आशंका बढ़ गई है। किसान उमेश यादव ने बताया कि धान की बेहन पूरी तरह तैयार है, लेकिन नहर में पानी न आने से सिंचाई का संकट गहरा गया है। मजबूरी में कुछ किसानों को निजी साधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है। वहीं किसान लक्ष्मण गुप्ता ने कहा कि यदि समय रहते नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो धान की फसल प्रभावित हो सकती है। किसानों ने चेतावनी दी कि सिंचाई व्यवस्था जल्द बहाल नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

वर्जन
अभी मुख्य पश्चिमी गंडक नहर में पानी आने में चार से पांच दिन लग सकते हैं। खड्डा के पास गुलहरिया रेगुलेटर टूट गया था। मरम्मत कार्य चल रहा है। रेगुलेटर का फाटक ठीक होने के बाद से ही नहरों में पानी आएगा। -प्रविंद्र मिश्रा, एसडीओ, सिंचाई विभाग कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed