{"_id":"6521b4fee36bc235690fc494","slug":"decrease-in-water-level-of-gandak-river-people-engaged-in-farming-kushinagar-news-c-205-1-sgkp1014-5768-2023-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेज 4: गंडक नदी के जलस्तर में आई कमी, खेती में जुटे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेज 4: गंडक नदी के जलस्तर में आई कमी, खेती में जुटे लोग
Sun, 08 Oct 2023 01:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 08 Oct 2023 01:13 AM IST
विज्ञापन
गंडक का डिस्चार्ज घटने के बाद खेती बाड़ी संवारने में जुटे किसान।
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज बृहस्पतिवार को जितना तेजी से बढ़ा था, अब उतनी ही तेजी से सामान्य होने लगा है। डिस्चार्ज घटने के साथ ही गंडक नदी के किनारे धान व गन्ने की खेती करने वाले किसान एक बार फिर अपनी फसलों को संवारने में लग गए है।
किसानों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने से उनके खेतो में भी पानी भर गया था। जिसकी देखभाल में वह जुट गए है। नरवाजोत से अहिरौलीदान तक लगभग सत्रह किलोमीटर की तक गंडक नदी बहती है। जिसके उस पार जंगलीपट्टी, बिनटोली, घघवा जगदीश, चैनपट्टी, विरवट कोंन्हवलिया सहित अन्य कई गांवों के लोगो की खेती है।
बृहस्पतिवार को जब गंडक नदी में दो लाख बारह हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया था तो नदी का जलस्तर बढ़ने से उनकी खेतो में भी पानी भर गया था। गंडक नदी के उस पार खेती करने वाले पप्पू यादव, संजय सिंह, अदालत, सहदेव, जोगिंदर आदि का कहना है कि मानसून के अंतिम दौर में गंडक नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि से उनकी खेतों में भी पानी भर गया था, जो डिस्चार्ज में कमी आने के बाद अब उतरने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज बृहस्पतिवार को जितना तेजी से बढ़ा था, अब उतनी ही तेजी से सामान्य होने लगा है। डिस्चार्ज घटने के साथ ही गंडक नदी के किनारे धान व गन्ने की खेती करने वाले किसान एक बार फिर अपनी फसलों को संवारने में लग गए है।
किसानों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने से उनके खेतो में भी पानी भर गया था। जिसकी देखभाल में वह जुट गए है। नरवाजोत से अहिरौलीदान तक लगभग सत्रह किलोमीटर की तक गंडक नदी बहती है। जिसके उस पार जंगलीपट्टी, बिनटोली, घघवा जगदीश, चैनपट्टी, विरवट कोंन्हवलिया सहित अन्य कई गांवों के लोगो की खेती है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को जब गंडक नदी में दो लाख बारह हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया था तो नदी का जलस्तर बढ़ने से उनकी खेतो में भी पानी भर गया था। गंडक नदी के उस पार खेती करने वाले पप्पू यादव, संजय सिंह, अदालत, सहदेव, जोगिंदर आदि का कहना है कि मानसून के अंतिम दौर में गंडक नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि से उनकी खेतों में भी पानी भर गया था, जो डिस्चार्ज में कमी आने के बाद अब उतरने लगा है।
विज्ञापन