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Kushinagar News: समय सीमा खत्म, नहीं बन सका अंडरपास, ओवरब्रिज का निर्माण भी महज 30 फीसदी
Mon, 15 Jun 2026 01:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 15 Jun 2026 01:43 AM IST
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पडरौना शहर के सुभाष चौक स्थित अंडरपास।संवाद
पडरौना। शहर में लोगों की मुसीबत बढ़ने वाली है। सुभाष चौक-कोतवाली मार्ग पर बन रहा अंडरपास 15 जून की डेडलाइन तक पूरा नहीं हो सका। वहीं नोनियापट्टी रेलवे क्रॉसिंग के पास ओवरब्रिज का 70 प्रतिशत काम भी अधूरा पड़ा है। महज 30 फीसदी काम पूरा हो सका है।
आरओबी निर्माण वाला रास्ता खोद दिए जाने से बारिश में पूरा शहर जाम और कीचड़ से सराबोर हो जाएगा। 50 हजार से ज्यादा की आबादी बरसात में जाम से जूझेगी नहीं तो शहर में जाने के लिए डेढ़ से दो किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।
कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग शहर के बीच से गुजरा है। शहर के लोग एक तरफ से दूसरी तरफ आवागमन कर सकें, इसके लिए शहर में पांच स्थानों पर रेलवे की तरफ से समपार फाटक बनाए गए हैं। जब भी कोई ट्रेन गुजरती है तो एक साथ शहर के सभी क्रॉसिंग बंद हो जागी हैं। कुछ समय के लिए शहर दो हिस्सों में बंट जाता है। क्रॉसिंग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
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ट्रेन जाने के बाद जैसे ही रेलवे ढाला खुलता है, आगे निकलने की होड़ में वाहन चालक एक-दूसरे को ओवरटेक करने लगते हैं। इसके चलते जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। हालत यह होती है कि रेलवे क्रॉसिंग पार करने में ही लोगों को 10 से 15 मिनट लग जाते हैं। रेलवे ढाला बंद होने पर यदि कोई जाम में फंस गया तो उसे निकलने में 25 से 30 मिनट लग जाते हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे शहर के सुभाष चौक-कोतवाली मार्ग पर स्थित क्रॉसिंग पर करीब छह करोड़ रुपये की लागत से 9.750 मीटर चौड़ा और 2.5 मीटर गहरा टू-लेन सड़क के बराबर अंडर पास का निर्माण अक्तूबर से करा रहा है। ढाले के दोनों तरफ करीब 100 मीटर लंबाई में अंडर पास का काम बेहद धीमा है। निर्माण कार्य शुरू होते समय रेलवे अधिकारियाें ने फरवरी के अंत तक इसे पूरा कर लेने का दावा किया था, लेकिन निर्माण कार्य की सुस्ती के चलते तिथि बढ़ाकर 15 जून की गई थी। अब भी अंडरपास का छज्जा और सड़क की फिनिशिंग का कार्य अधूर पड़ा है। पूर्वोत्तर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर मधुकर कुमार ने बताया कि रेलवे ढाला संख्या-68 पर अंडरपास के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। एक से डेढ़ माह में निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
उधर, शहर के नोनियापट्टी रेलवे ढाले पर एल आकार का आरओबी बन रहा है। करीब 56 करोड़ रुपये की लागत वाले 500 मीटर से अधिक लंबे इस ओवरब्रिज का निर्माण भी अभी 30 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। शेष 70 फीसदी अधूरा पड़ा है।
जानकार बताते हैं कि अभी इसका निर्माण पूरा होने में एक वर्ष से अधिक का समय लगेगा। निर्माण कार्य चलने से शहर के बेलवा चुंगी की तरफ से कठकुइंया मार्ग की तरफ से जाने वाली बाईपास सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। हल्की बारिश होने पर करीब 500 मीटर तक सड़क पर कीचड़ फैल जाता है। राहगीरों मुश्किलों को सामना करना पड़ता है। बरसात शुरू होने के बाद शहर में आने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़नी तय हैं।
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आरओबी निर्माण वाला रास्ता खोद दिए जाने से बारिश में पूरा शहर जाम और कीचड़ से सराबोर हो जाएगा। 50 हजार से ज्यादा की आबादी बरसात में जाम से जूझेगी नहीं तो शहर में जाने के लिए डेढ़ से दो किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।
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कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग शहर के बीच से गुजरा है। शहर के लोग एक तरफ से दूसरी तरफ आवागमन कर सकें, इसके लिए शहर में पांच स्थानों पर रेलवे की तरफ से समपार फाटक बनाए गए हैं। जब भी कोई ट्रेन गुजरती है तो एक साथ शहर के सभी क्रॉसिंग बंद हो जागी हैं। कुछ समय के लिए शहर दो हिस्सों में बंट जाता है। क्रॉसिंग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
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ट्रेन जाने के बाद जैसे ही रेलवे ढाला खुलता है, आगे निकलने की होड़ में वाहन चालक एक-दूसरे को ओवरटेक करने लगते हैं। इसके चलते जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। हालत यह होती है कि रेलवे क्रॉसिंग पार करने में ही लोगों को 10 से 15 मिनट लग जाते हैं। रेलवे ढाला बंद होने पर यदि कोई जाम में फंस गया तो उसे निकलने में 25 से 30 मिनट लग जाते हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे शहर के सुभाष चौक-कोतवाली मार्ग पर स्थित क्रॉसिंग पर करीब छह करोड़ रुपये की लागत से 9.750 मीटर चौड़ा और 2.5 मीटर गहरा टू-लेन सड़क के बराबर अंडर पास का निर्माण अक्तूबर से करा रहा है। ढाले के दोनों तरफ करीब 100 मीटर लंबाई में अंडर पास का काम बेहद धीमा है। निर्माण कार्य शुरू होते समय रेलवे अधिकारियाें ने फरवरी के अंत तक इसे पूरा कर लेने का दावा किया था, लेकिन निर्माण कार्य की सुस्ती के चलते तिथि बढ़ाकर 15 जून की गई थी। अब भी अंडरपास का छज्जा और सड़क की फिनिशिंग का कार्य अधूर पड़ा है। पूर्वोत्तर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर मधुकर कुमार ने बताया कि रेलवे ढाला संख्या-68 पर अंडरपास के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। एक से डेढ़ माह में निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
उधर, शहर के नोनियापट्टी रेलवे ढाले पर एल आकार का आरओबी बन रहा है। करीब 56 करोड़ रुपये की लागत वाले 500 मीटर से अधिक लंबे इस ओवरब्रिज का निर्माण भी अभी 30 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। शेष 70 फीसदी अधूरा पड़ा है।
जानकार बताते हैं कि अभी इसका निर्माण पूरा होने में एक वर्ष से अधिक का समय लगेगा। निर्माण कार्य चलने से शहर के बेलवा चुंगी की तरफ से कठकुइंया मार्ग की तरफ से जाने वाली बाईपास सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। हल्की बारिश होने पर करीब 500 मीटर तक सड़क पर कीचड़ फैल जाता है। राहगीरों मुश्किलों को सामना करना पड़ता है। बरसात शुरू होने के बाद शहर में आने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़नी तय हैं।

पडरौना शहर के सुभाष चौक स्थित अंडरपास।संवाद