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Kushinagar News: बेटियों को सुरक्षा और अधिकारों का मिलेगा संबल
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पडरौना। महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और छात्राओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबर, कानूनी अधिकार, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर भी सिखाए जाएंगे, ताकि वे विपरीत परिस्थितियों में खुद का बचाव कर सकें।
डीपीओ अरुण कुमार दुबे ने बताया कि विभाग की तरफ से विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें बालिकाओं को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाने के साथ किसी भी असहज स्थिति में तत्काल भरोसेमंद व्यक्ति, अभिभावक या संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बदलते डिजिटल परिवेश को देखते हुए छात्राओं को मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
साइबर अपराध से बचने के उपाय, व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने और संदिग्ध लिंक से सावधान रहने की जानकारी दी जाएगी। महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के साथ ही महिला सुरक्षा से जुड़ी सरकारी व्यवस्थाओं और योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस जागरूकता अभियान के तहत पात्र महिलाओं का पंजीकरण कर उन्हें सुरक्षा, कल्याण और सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
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इसका उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को न केवल सुरक्षित बनाना है, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना भी है। अभियान के दौरान विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित कर अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ वे साइबर और सामाजिक स्तर पर होने वाले अपराधों के प्रति भी सजग हो सकेंगी।
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डीपीओ अरुण कुमार दुबे ने बताया कि विभाग की तरफ से विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें बालिकाओं को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाने के साथ किसी भी असहज स्थिति में तत्काल भरोसेमंद व्यक्ति, अभिभावक या संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बदलते डिजिटल परिवेश को देखते हुए छात्राओं को मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
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साइबर अपराध से बचने के उपाय, व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने और संदिग्ध लिंक से सावधान रहने की जानकारी दी जाएगी। महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के साथ ही महिला सुरक्षा से जुड़ी सरकारी व्यवस्थाओं और योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस जागरूकता अभियान के तहत पात्र महिलाओं का पंजीकरण कर उन्हें सुरक्षा, कल्याण और सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
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इसका उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को न केवल सुरक्षित बनाना है, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना भी है। अभियान के दौरान विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित कर अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ वे साइबर और सामाजिक स्तर पर होने वाले अपराधों के प्रति भी सजग हो सकेंगी।