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Kushinagar News: थाइलैंड से आया फोन तो पकड़े गए साइबर ठग
Tue, 16 May 2023 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 16 May 2023 12:15 AM IST
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फॉलोअप
मूल आधार कार्ड का डेटा की बदल देते थे ऐसा कि अधिकारी भी नहीं पकड़पाते थे
- थाइलैंड से कुशीनगर एसपी के पास आया था फोन
- 25 मलेशिया और सात थाइलैंड में फंसे हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। साइबर ठगों का गिरोह काफी सक्रिय है। ये फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों को खाड़ी देशों में भेज दे रहे हैं, जहां जाकर लोग फंस जा रहे हैं। मूल आधार कार्ड का डेटा की बदल देते हैं। बृहस्पतिवार को एसपी ने पुलिस लाइंस में ऐसे ही गिरोह का खुलासा किया। इनके पास से बरामद लैपटॉप सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद डाटा को पुलिस खंगाल रही है। ताकि आधार कार्डोँ व अन्य शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्रों व खेलकूद में उम्र का लाभ प्राप्त करने व अनुचित उद्देश्यों की पूर्ति के संबंध में लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने बताया कि कूटरचित दस्तावेज व आधार कार्ड के माध्यम से फ्रॉड करने वाले दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया। उनके पास बरामद इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों में मौजूद डाटा को खंगाली जा रही है।
बेरोजगार लोगों को बनाते थे अपना लक्ष्य
पूछताछ में ठगों ने बताया कि वे बिहार व यूपी के सीमावर्ती जिले के कुछ गांव में जाते हैं। वहां के बेरोजगार नवयुवक को लक्ष्य बनाते हैं। इसके अलावा जो लोग कर्नाटक बंगाल, महाराष्ट्र व गुजरात के कल-कारखानों में जिनकी नौकरी लग जाती है। उनको वह मानसिक रूप से अपने कब्जे में लेते हैं। उनको विदेशों में भारी-भरकम रुपये दिलाने के नाम पर नौकरी देने का प्रलोभन देते थे।
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कूटरचित दस्तावेज दिखाकर लोगों को पूर्ण विश्वास में लेते थे
ठगों ने बताया कि वे विदेश में अच्छा वेतन देने की बात करते हुुए, लोगों को कूटरचित दस्तावेज दिखाकर पूर्ण विश्वास में लेते थे। एसपी ने बताया कि बेरोजगार नवयुवक व भिन्न-भिन्न राज्यों में प्राप्त नौकरियां छोड़कर इनके प्रलोभन में आकर पासपोर्ट बनवा लेते हैं। टूरिस्ट वीजा लेकर बेवकूफ बन जाते है। इनके मोबाइल और लैपटॉप के डेेटा से और भी जानकारी पुलिस जुुटा रही है। प्रतिदिन इसका अपडेट स्वयं ले रहे हैं।
आधार कार्ड का मूल डेटा ही बदल देते थे
पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने बताया कि ठगों ने पूछताछ में कहा कि वह सर्वप्रथम आधार कार्ड लेकर इलेक्ट्रानिक उपकरणों के माध्यम से स्कैन कर आनलाइन एप (फोटो शाॅप एडिटर) से क्यूआर कोड स्कैन करते थे। भिन्न-भिन्न एपों से मूल क्यूआर कोड डिलीट कर मनमुताबिक क्यूआर कोड जेनरेट कर मूल आधार कार्ड पर स्थापित कर देते थे। ताकि क्यूआर कोड जांच अधिकारी के जांच करने पर डेटा वही प्राप्त होता था। जो अभियुक्त एडिट किए रहता था।
विदेश भेजने वाले जालसाजों से कैसे बचें
साइबर प्रभारी मनोज पंत ने बताया कि सर्वप्रथम विदेशों में नौकरी तलाश करने वाले इच्छुक व्यक्तियों को उत्प्रवास महासंरक्षी कार्यालय अकबर भवन, नई दिल्ली, फोन नंबर 011-26874250, 011-24675142 से संपर्क कर विदेश में किसी भी भारतीय दूतावास से वीजा की वैधता / नियोक्ता के बारे में व फंसे हुए किसी उत्प्रवासी के विषय में संपर्क कर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
- इसके अलावा उपरोक्त संबंध में राजधानी लखनऊ स्थित विदेश भवन, पासपोर्ट बिल्डिंग (आरबीआई के पीछे) गोमती नगर मय उत्प्रवास संरक्षी (उत्प्रवासी के संरक्षक/वरिष्ठ पासपोर्ट अधिकारी) कार्यालय से जानकारी हासिल कर सकते हैं।
- उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भी सरकारी एजेंसी पासपोर्ट व वीजा सेवाएं के माध्यम से भी नवयुवकों को विदेश भेजा जाता है। जिसका लिंक द्धह्लह्लश्चह्यर्//ठ्ठह्म्द्ब.ह्वश्च.द्दश1.द्बठ्ठ/ह्वश्चद्घष्शद्वह्म्ड्ड/द्गठ्ठ/ड्डह्म्ह्लद्बष्द्यद्ग/श्चड्डह्यह्यश्चशह्म्ह्ल-ड्डठ्ठस्र- 1द्बह्यड्ड-ह्यद्गह्म्1द्बष्द्गह्य ऑनलाइन उपलब्ध है, इच्छुक नवयुवक उक्त लिंक से संपर्क कर सकते हैं।
-कुशीनगर में विदेश मंत्रालय की ओर से विदेश भेजने के लिए सात एजेंसियों की अनुमति है। इसके अलावा अन्य चलने वाली सभी अवैध एजेंसियों के विरुद्ध उत्प्रवास अधिनियम, 1983 के तहत कुशीनगर पुलिस की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
- वैध एजेंसियों के माध्यम से विदेश जाने वाले प्रवासियों के लिए भारत सरकार की ओर प्रवासी भारतीय बीमा योजना चलाई जाती है। इसकी बीमा राशि मात्र 275 रुपये है। इस बीमा के लाभार्थियों को विदेश में होने वाली परेशानियों जैसे फर्जी वीजा होने की स्थिति में देश वापस लौटना, समय से अधिक रुक जाना, दुर्घटना एवं मृत्यु सहित अन्य में सहायता प्रदान की जाती है।
-वैध एजेंसियों, पंजीकृत भर्ती एजेंटों की ओर से ई-माइग्रेट पोर्टल के माध्यम से ही विदेश जाने के लिए आवेदन किया जाता है। विदेशी नियोक्ता अधिपत्र प्रदान किया जाता है तथा (रोजगार वीजा) पर ही यात्रा करवाई जाती है जो उचित है।
-विदेश में नौकरी के लिए जाने वाले इच्छुक जनपद कुशीनगर के आम जनमानस को यदि किसी अंजान व्यक्ति/ एजेंसी पर शक होता है तो तत्काल जनपद कुशीनगर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पडरौना के साइबर सेल सीयूजी नंबर 7839862269 पर संपर्क कर सकते हैं।
-विदेशों में नौकरी दिलवाने के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति या अवैध एजेंसी, जिसके बारे में आसपास के लोगों को कोई जानकारी नहीं है या फर्जी/अवैध ऑफिस खोलकर लालच देने वाले व्यक्तियों के बारे में जिला कुशीनगर पुलिस को तत्काल इनके बारे में सूचना दें, ताकि पुलिस अधीक्षक कुशीनगर के निर्देशन में जिला स्तर पर बनाई गई स्पेशल टीम इन लोगों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
आधार से जुुड़ीं सावधानियां
-किसी भी अज्ञात व्यक्ति की ओर से आधार कार्ड भिन्न-भिन्न डिजिटल इलेक्ट्रानिक माध्यम से मांगने पर बिना जांच व विश्वास कर न दें।
-आधार कार्ड की फोटो कॉपी कराते समय ध्यान रखें कि जितनी आधार कार्ड की फोटो कॉपी करा रहे हैं। उतना ही फोटो काॅपी की प्रतियां वह दें। अतिरिक्त न करा ले।
-कॉमन सर्विस सेंटर पर अपना आधार कार्ड स्कैन कराते समय कार्य संपादित होने के बाद उसके सिस्टम से फाॅर्मेट करा दें। ताकि वह उसका उपयोग अवैधानिक तरीके ने कर पाए।
-बैँक में अपना खाता खुलवाते समय किसी अपरिचित से अपना फार्म न भरवाएं। न हीं उसको अपना आधार कार्ड दें।
-किसी री परिचित को अपना आधार कार्ड के साथ अपना मोबाइल जो बैँक के खाते में लिंक है। दोनों को साथ में न दें।
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मूल आधार कार्ड का डेटा की बदल देते थे ऐसा कि अधिकारी भी नहीं पकड़पाते थे
- थाइलैंड से कुशीनगर एसपी के पास आया था फोन
- 25 मलेशिया और सात थाइलैंड में फंसे हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। साइबर ठगों का गिरोह काफी सक्रिय है। ये फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों को खाड़ी देशों में भेज दे रहे हैं, जहां जाकर लोग फंस जा रहे हैं। मूल आधार कार्ड का डेटा की बदल देते हैं। बृहस्पतिवार को एसपी ने पुलिस लाइंस में ऐसे ही गिरोह का खुलासा किया। इनके पास से बरामद लैपटॉप सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद डाटा को पुलिस खंगाल रही है। ताकि आधार कार्डोँ व अन्य शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्रों व खेलकूद में उम्र का लाभ प्राप्त करने व अनुचित उद्देश्यों की पूर्ति के संबंध में लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने बताया कि कूटरचित दस्तावेज व आधार कार्ड के माध्यम से फ्रॉड करने वाले दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया। उनके पास बरामद इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों में मौजूद डाटा को खंगाली जा रही है।
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पूछताछ में ठगों ने बताया कि वे बिहार व यूपी के सीमावर्ती जिले के कुछ गांव में जाते हैं। वहां के बेरोजगार नवयुवक को लक्ष्य बनाते हैं। इसके अलावा जो लोग कर्नाटक बंगाल, महाराष्ट्र व गुजरात के कल-कारखानों में जिनकी नौकरी लग जाती है। उनको वह मानसिक रूप से अपने कब्जे में लेते हैं। उनको विदेशों में भारी-भरकम रुपये दिलाने के नाम पर नौकरी देने का प्रलोभन देते थे।
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ठगों ने बताया कि वे विदेश में अच्छा वेतन देने की बात करते हुुए, लोगों को कूटरचित दस्तावेज दिखाकर पूर्ण विश्वास में लेते थे। एसपी ने बताया कि बेरोजगार नवयुवक व भिन्न-भिन्न राज्यों में प्राप्त नौकरियां छोड़कर इनके प्रलोभन में आकर पासपोर्ट बनवा लेते हैं। टूरिस्ट वीजा लेकर बेवकूफ बन जाते है। इनके मोबाइल और लैपटॉप के डेेटा से और भी जानकारी पुलिस जुुटा रही है। प्रतिदिन इसका अपडेट स्वयं ले रहे हैं।
आधार कार्ड का मूल डेटा ही बदल देते थे
पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने बताया कि ठगों ने पूछताछ में कहा कि वह सर्वप्रथम आधार कार्ड लेकर इलेक्ट्रानिक उपकरणों के माध्यम से स्कैन कर आनलाइन एप (फोटो शाॅप एडिटर) से क्यूआर कोड स्कैन करते थे। भिन्न-भिन्न एपों से मूल क्यूआर कोड डिलीट कर मनमुताबिक क्यूआर कोड जेनरेट कर मूल आधार कार्ड पर स्थापित कर देते थे। ताकि क्यूआर कोड जांच अधिकारी के जांच करने पर डेटा वही प्राप्त होता था। जो अभियुक्त एडिट किए रहता था।
विदेश भेजने वाले जालसाजों से कैसे बचें
साइबर प्रभारी मनोज पंत ने बताया कि सर्वप्रथम विदेशों में नौकरी तलाश करने वाले इच्छुक व्यक्तियों को उत्प्रवास महासंरक्षी कार्यालय अकबर भवन, नई दिल्ली, फोन नंबर 011-26874250, 011-24675142 से संपर्क कर विदेश में किसी भी भारतीय दूतावास से वीजा की वैधता / नियोक्ता के बारे में व फंसे हुए किसी उत्प्रवासी के विषय में संपर्क कर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
- इसके अलावा उपरोक्त संबंध में राजधानी लखनऊ स्थित विदेश भवन, पासपोर्ट बिल्डिंग (आरबीआई के पीछे) गोमती नगर मय उत्प्रवास संरक्षी (उत्प्रवासी के संरक्षक/वरिष्ठ पासपोर्ट अधिकारी) कार्यालय से जानकारी हासिल कर सकते हैं।
- उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भी सरकारी एजेंसी पासपोर्ट व वीजा सेवाएं के माध्यम से भी नवयुवकों को विदेश भेजा जाता है। जिसका लिंक द्धह्लह्लश्चह्यर्//ठ्ठह्म्द्ब.ह्वश्च.द्दश1.द्बठ्ठ/ह्वश्चद्घष्शद्वह्म्ड्ड/द्गठ्ठ/ड्डह्म्ह्लद्बष्द्यद्ग/श्चड्डह्यह्यश्चशह्म्ह्ल-ड्डठ्ठस्र- 1द्बह्यड्ड-ह्यद्गह्म्1द्बष्द्गह्य ऑनलाइन उपलब्ध है, इच्छुक नवयुवक उक्त लिंक से संपर्क कर सकते हैं।
-कुशीनगर में विदेश मंत्रालय की ओर से विदेश भेजने के लिए सात एजेंसियों की अनुमति है। इसके अलावा अन्य चलने वाली सभी अवैध एजेंसियों के विरुद्ध उत्प्रवास अधिनियम, 1983 के तहत कुशीनगर पुलिस की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
- वैध एजेंसियों के माध्यम से विदेश जाने वाले प्रवासियों के लिए भारत सरकार की ओर प्रवासी भारतीय बीमा योजना चलाई जाती है। इसकी बीमा राशि मात्र 275 रुपये है। इस बीमा के लाभार्थियों को विदेश में होने वाली परेशानियों जैसे फर्जी वीजा होने की स्थिति में देश वापस लौटना, समय से अधिक रुक जाना, दुर्घटना एवं मृत्यु सहित अन्य में सहायता प्रदान की जाती है।
-वैध एजेंसियों, पंजीकृत भर्ती एजेंटों की ओर से ई-माइग्रेट पोर्टल के माध्यम से ही विदेश जाने के लिए आवेदन किया जाता है। विदेशी नियोक्ता अधिपत्र प्रदान किया जाता है तथा (रोजगार वीजा) पर ही यात्रा करवाई जाती है जो उचित है।
-विदेश में नौकरी के लिए जाने वाले इच्छुक जनपद कुशीनगर के आम जनमानस को यदि किसी अंजान व्यक्ति/ एजेंसी पर शक होता है तो तत्काल जनपद कुशीनगर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पडरौना के साइबर सेल सीयूजी नंबर 7839862269 पर संपर्क कर सकते हैं।
-विदेशों में नौकरी दिलवाने के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति या अवैध एजेंसी, जिसके बारे में आसपास के लोगों को कोई जानकारी नहीं है या फर्जी/अवैध ऑफिस खोलकर लालच देने वाले व्यक्तियों के बारे में जिला कुशीनगर पुलिस को तत्काल इनके बारे में सूचना दें, ताकि पुलिस अधीक्षक कुशीनगर के निर्देशन में जिला स्तर पर बनाई गई स्पेशल टीम इन लोगों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
आधार से जुुड़ीं सावधानियां
-किसी भी अज्ञात व्यक्ति की ओर से आधार कार्ड भिन्न-भिन्न डिजिटल इलेक्ट्रानिक माध्यम से मांगने पर बिना जांच व विश्वास कर न दें।
-आधार कार्ड की फोटो कॉपी कराते समय ध्यान रखें कि जितनी आधार कार्ड की फोटो कॉपी करा रहे हैं। उतना ही फोटो काॅपी की प्रतियां वह दें। अतिरिक्त न करा ले।
-कॉमन सर्विस सेंटर पर अपना आधार कार्ड स्कैन कराते समय कार्य संपादित होने के बाद उसके सिस्टम से फाॅर्मेट करा दें। ताकि वह उसका उपयोग अवैधानिक तरीके ने कर पाए।
-बैँक में अपना खाता खुलवाते समय किसी अपरिचित से अपना फार्म न भरवाएं। न हीं उसको अपना आधार कार्ड दें।
-किसी री परिचित को अपना आधार कार्ड के साथ अपना मोबाइल जो बैँक के खाते में लिंक है। दोनों को साथ में न दें।