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सत्यापन में सामने आया राशन में गड़बड़ी का मामला
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सत्यापन में सामने आया राशन में गड़बड़ी का मामला
- गोदाम से गायब हो गया 73 लाख 87 हजार कीमत का गेहूं
- विपणन विभाग के अधिकारियों पर उठ रही संदेह की उंगली
संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज। कप्तागंज के एमएमआई गोदाम से 80 लाख रुपये कीमत का चावल गायब होने की जांच पूरी होने के पहले नया मामला सामने आ गया है। करीब 74 लाख रुपये कीमत का 3666 क्विंटल गेहूं के गबन को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। इसका रजिस्टर और स्टॉक मिलान कराया जा रहा है।
गोदाम में आगे चलकर भारी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। कप्तानगंज गोदाम में किसानों से खरीदे गए गेहूं के स्टाक की जांच तीन दिनों से एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव के नेतृत्व में तहसीलदार कृष्णगोपाल त्रिपाठी, जिला खाद एवं विपणन अधिकारी विनय प्रताप सिंह, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी फरहद अफरोर, सप्लाई इंस्पेक्टर दुर्गादत्त और राजस्व टीम कर रही है।
जांच के दौरान स्टाक का मिलान करने पर मालूम हुआ कि विभाग के रिकार्ड में गेहूं का स्टाक 5122 क्विंटल होना चाहिए। लेकिन मौके पर सिर्फ 1456 क्विंटल ही गेंहू मिला। इसमें 3,666 क्विंटल कीमत करीब 73 लाख 87 हजार का गेहूं गोदाम से गायब है। इससे संबंधित रजिस्टर लेकर एसएमआई विवेक सायण गायब हो गया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि आगे चलकर अन्य गड़बड़ी भी सामने आएगी। इसमें कई लोगों की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता है। जबकि गोदामों का मासिक और पाक्षिक पर्यवेक्षण जरूरी होता है। लेकिन इसमें लापरवाही की जाती है। सवाल भी यह है कि इतने बड़ी गड़बड़ी की भनक भी किसी अधिकारी को नहीं लग सकी।
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एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव ने बताया कि गोदाम के निरीक्षण के दौरान 1456 क्विंटल गेहूं मिला और गोदाम में रखे अवशेष अनाज की जानकारी स्टॉक रजिस्टर और निर्गमन रजिस्टर के अभाव में नहीं हो पा रही है। इस मामले की पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी गई है। इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- गोदाम से गायब हो गया 73 लाख 87 हजार कीमत का गेहूं
- विपणन विभाग के अधिकारियों पर उठ रही संदेह की उंगली
संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज। कप्तागंज के एमएमआई गोदाम से 80 लाख रुपये कीमत का चावल गायब होने की जांच पूरी होने के पहले नया मामला सामने आ गया है। करीब 74 लाख रुपये कीमत का 3666 क्विंटल गेहूं के गबन को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। इसका रजिस्टर और स्टॉक मिलान कराया जा रहा है।
गोदाम में आगे चलकर भारी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। कप्तानगंज गोदाम में किसानों से खरीदे गए गेहूं के स्टाक की जांच तीन दिनों से एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव के नेतृत्व में तहसीलदार कृष्णगोपाल त्रिपाठी, जिला खाद एवं विपणन अधिकारी विनय प्रताप सिंह, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी फरहद अफरोर, सप्लाई इंस्पेक्टर दुर्गादत्त और राजस्व टीम कर रही है।
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जांच के दौरान स्टाक का मिलान करने पर मालूम हुआ कि विभाग के रिकार्ड में गेहूं का स्टाक 5122 क्विंटल होना चाहिए। लेकिन मौके पर सिर्फ 1456 क्विंटल ही गेंहू मिला। इसमें 3,666 क्विंटल कीमत करीब 73 लाख 87 हजार का गेहूं गोदाम से गायब है। इससे संबंधित रजिस्टर लेकर एसएमआई विवेक सायण गायब हो गया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि आगे चलकर अन्य गड़बड़ी भी सामने आएगी। इसमें कई लोगों की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता है। जबकि गोदामों का मासिक और पाक्षिक पर्यवेक्षण जरूरी होता है। लेकिन इसमें लापरवाही की जाती है। सवाल भी यह है कि इतने बड़ी गड़बड़ी की भनक भी किसी अधिकारी को नहीं लग सकी।
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एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव ने बताया कि गोदाम के निरीक्षण के दौरान 1456 क्विंटल गेहूं मिला और गोदाम में रखे अवशेष अनाज की जानकारी स्टॉक रजिस्टर और निर्गमन रजिस्टर के अभाव में नहीं हो पा रही है। इस मामले की पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी गई है। इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।