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बिना काम कराए 6.72 लाख खर्च
kushinagar
Updated Tue, 06 Sep 2016 11:40 PM IST
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- फोटो : santosh verma
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पडरौना। वर्ष 2011-12 में एससीपी योजना के तहत नगर के वीर अब्दुल हमीदनगर मुहल्ले में हठी माता मंदिर से सौ मीटर की दूरी तक इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण का काम डूडा अब तक नहीं करा सका है, अलबत्ता इसके लिए शासन की तरफ से मिले 6.72 लाख रुपये अन्य मद में जरूर खर्च कर दिए। इसी वित्तीय वर्ष में इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण की एक अन्य परियोजना का काम भी बिना कराए ही विभाग ने चार लाख रुपये भुगतान कर दिया, लेकिन सरकारी धन के इस तरह के दुरुपयोग के बाद भी विभाग के जिम्मेदारों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पडरौना नगर के वीर अब्दुल हमीदनगर, रफी अहमद किदवईनगर, लाजपतनगर और सरदार पटेलनगर मुहल्लों में इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2011-12 में एससीपी योजना के तहत जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को 153.34 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। इतने वर्षों बाद भी विभाग के जिम्मेदारों की तरफ से इन परियोजनाओं में से कुछ पर तो काम ही नहीं कराया गया और रुपये भी खर्च कर दिए गए। कुछ परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनमें निर्माण के बाद गुणवत्ता पर ही उंगली उठने लगी है।
उदाहरण के रूप में वीर अब्दुल हमीदनगर मुहल्ले में हठी माता मंदिर से 100 मीटर तक इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण कराया जाना था, लेकिन वर्ष 2011-12 की यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2016-17 में भी शुरू नहीं हुई और शासन की ओर से मिले इस मद के 6.72 लाख रुपये खर्च भी हो गए। इसी मुहल्ले में डूडा की तरफ से 51 मीटर लंबाई की इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण प्रस्तावित था। कहा जा रहा है कि इस पर नगरपालिका प्रशासन ने अपने धन से काम कराया था, लेकिन डूडा ने बिना कार्य कराए ही इस मद के रुपये भुगतान कर दिया। इसके अलावा 153.34 करोड़ रुपये से डूडा ने जिन 18 परियोजनाओं का कार्य कराया जाना दिखाया, उसमें भी कई सड़कें और नालियां टूटने लगी हैं।
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डूडा के निर्माण का कार्य नगरपालिका के जेई की देख-रेख में होता है। इन कार्यों की सूची मांगी जाएगी। जिन परियोजनाओं पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ है, उन्हें जेई से कहकर पूरा कराया जाएगा।
-पीके गुप्ता, एपीओ, जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा)।
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पडरौना नगर के वीर अब्दुल हमीदनगर, रफी अहमद किदवईनगर, लाजपतनगर और सरदार पटेलनगर मुहल्लों में इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2011-12 में एससीपी योजना के तहत जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को 153.34 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। इतने वर्षों बाद भी विभाग के जिम्मेदारों की तरफ से इन परियोजनाओं में से कुछ पर तो काम ही नहीं कराया गया और रुपये भी खर्च कर दिए गए। कुछ परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनमें निर्माण के बाद गुणवत्ता पर ही उंगली उठने लगी है।
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उदाहरण के रूप में वीर अब्दुल हमीदनगर मुहल्ले में हठी माता मंदिर से 100 मीटर तक इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण कराया जाना था, लेकिन वर्ष 2011-12 की यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2016-17 में भी शुरू नहीं हुई और शासन की ओर से मिले इस मद के 6.72 लाख रुपये खर्च भी हो गए। इसी मुहल्ले में डूडा की तरफ से 51 मीटर लंबाई की इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण प्रस्तावित था। कहा जा रहा है कि इस पर नगरपालिका प्रशासन ने अपने धन से काम कराया था, लेकिन डूडा ने बिना कार्य कराए ही इस मद के रुपये भुगतान कर दिया। इसके अलावा 153.34 करोड़ रुपये से डूडा ने जिन 18 परियोजनाओं का कार्य कराया जाना दिखाया, उसमें भी कई सड़कें और नालियां टूटने लगी हैं।
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डूडा के निर्माण का कार्य नगरपालिका के जेई की देख-रेख में होता है। इन कार्यों की सूची मांगी जाएगी। जिन परियोजनाओं पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ है, उन्हें जेई से कहकर पूरा कराया जाएगा।
-पीके गुप्ता, एपीओ, जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा)।