{"_id":"5720fee44f1c1be776a9194e","slug":"two-children-die-of-unknown-disease","type":"story","status":"publish","title_hn":"अज्ञात बीमारी से दो बच्चों की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अज्ञात बीमारी से दो बच्चों की मौत
कुशीनगर
Updated Wed, 27 Apr 2016 11:33 PM IST
विज्ञापन
छितौनी में राकेश कुमार के दो बेटों की अज्ञात बीमारी से मौत होने पर रोते परिवार के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छितौनी। खड्डा क्षेत्र के छितौनी बाजार के एक व्यक्ति के दो बच्चों की मौत अज्ञात बीमारी से हो गई है। इस बीमारी को लेकर गांव के लोग भयभीत हैं।
छितौनी बाजार निवासी राकेश कुमार के दो बेटे करण तीन वर्ष और अर्जुन एक वर्ष को तीन-चार दिनों से बुखार और सांस लेने में तकलीफ थी।
रविवार को छितौनी बाजार के मेडिकल स्टोर से दवा लाकर दोनों बच्चों को दी गई थी। हालत में सुधार नहीं होता देख परिवार के लोग दोनों बच्चों को लेकर न्यू पीएचसी भुजौली गए। वहां मौजूद डॉक्टर ने दोनों बच्चों का इलाज बच्चों के डॉक्टर से कराने की सलाह दी।
उसके बाद दोनों बच्चों को पडरौना के एक चाइल्ड स्पेशलिस्ट को दिखाया तो डॉक्टर ने दवा दी और कहा कि बीमारी धीरे-धीरे ठीक हो जाएगी। मंगलवार की रात तकरीबन 12 बजे करन और अर्जुन की हालत बिगड़ जाने पर परिवार के लोग तुर्कहां स्थित सीएचसी में ले गए, जहां उनकी हालत गंभीर देख डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
पिपरा बाजार तक पहुंचते पहुंचते करन की मौत हो गई। उसके बाद चार घंटे तक जिला अस्पताल में इलाज के बाद हालत में सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। सुबह मेडिकल कॉलेज ले जाते समय दिन के तकरीबन साढ़े दस बजे अर्जुन की भी मौत हो गई।
विज्ञापन
एक ही परिवार के दो नन्हे-मुन्ने बच्चों की मौत से परिवार को गहरा सदमा लगा है। बच्चों की मां शांति सहित अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों की इस बीमारी को लेकर गांव के अन्य लोग भी भयभीत हैं।
विज्ञापन
छितौनी बाजार निवासी राकेश कुमार के दो बेटे करण तीन वर्ष और अर्जुन एक वर्ष को तीन-चार दिनों से बुखार और सांस लेने में तकलीफ थी।
रविवार को छितौनी बाजार के मेडिकल स्टोर से दवा लाकर दोनों बच्चों को दी गई थी। हालत में सुधार नहीं होता देख परिवार के लोग दोनों बच्चों को लेकर न्यू पीएचसी भुजौली गए। वहां मौजूद डॉक्टर ने दोनों बच्चों का इलाज बच्चों के डॉक्टर से कराने की सलाह दी।
उसके बाद दोनों बच्चों को पडरौना के एक चाइल्ड स्पेशलिस्ट को दिखाया तो डॉक्टर ने दवा दी और कहा कि बीमारी धीरे-धीरे ठीक हो जाएगी। मंगलवार की रात तकरीबन 12 बजे करन और अर्जुन की हालत बिगड़ जाने पर परिवार के लोग तुर्कहां स्थित सीएचसी में ले गए, जहां उनकी हालत गंभीर देख डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
विज्ञापन
पिपरा बाजार तक पहुंचते पहुंचते करन की मौत हो गई। उसके बाद चार घंटे तक जिला अस्पताल में इलाज के बाद हालत में सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। सुबह मेडिकल कॉलेज ले जाते समय दिन के तकरीबन साढ़े दस बजे अर्जुन की भी मौत हो गई।
विज्ञापन
एक ही परिवार के दो नन्हे-मुन्ने बच्चों की मौत से परिवार को गहरा सदमा लगा है। बच्चों की मां शांति सहित अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों की इस बीमारी को लेकर गांव के अन्य लोग भी भयभीत हैं।