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हत्या में दो भाइयों को उम्रकैद
kushinagar
Updated Mon, 04 Jul 2016 10:58 PM IST
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अदालत
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पडरौना। विवाहिता की हत्या के एक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट से पति और देवर को आजीवन कारावास की सजा मिली है। दोनों को 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भोगना पड़ेगा। इस मामले में सुनवाई के दौरान अपने बयान से मुकर जाने के चलते कोर्ट ने वादी के विरुद्ध भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
रामकोला थाना क्षेत्र के गांव सिंगहा टोला पचफेड़वा निवासी राजेश उर्फ राकेश पुत्र श्याम सुंदर की शादी 13 मई 2008 को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गांव मलुकहीं निवासी शैलेष कुमार दीपक की बहन सीमा से हुई थी। तीन जुलाई 2012 की रात में ससुराल में सीमा की मौत हो गई थी। मृतका के भाई शैलेष की तहरीर पर रामकोला पुलिस ने पति राजेश और देवर दिनेश के अलावा सास-ससुर के खिलाफ महिला उत्पीड़न और दहेज हत्या का केस दर्ज किया था। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश राजीव कमल पांडेय कर रहे थे। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाह पेश किए गए। बहस के दौरान वादी मुकदमा शैलेष कुमार दीपक पक्षद्रोही (बयान से मुकर जाना) हो गया। सोमवार को दिए गए फैसले में न्यायाधीश ने इसे दहेज हत्या की बजाय हत्या का मामला मानते हुए आरोपी पति तथा देवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों को 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी जमा करने होंगे। अर्थदंड न जमा करने पर एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भोगनी होगी। इसके अलावा पक्षद्रोही हुए वादी मुकदमा के विरुद्ध भी प्रकीर्ण वाद दाखिल कर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अभय कुमार त्रिपाठी ने पैरवी कर आरोपियों को सजा दिलाई।
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रामकोला थाना क्षेत्र के गांव सिंगहा टोला पचफेड़वा निवासी राजेश उर्फ राकेश पुत्र श्याम सुंदर की शादी 13 मई 2008 को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गांव मलुकहीं निवासी शैलेष कुमार दीपक की बहन सीमा से हुई थी। तीन जुलाई 2012 की रात में ससुराल में सीमा की मौत हो गई थी। मृतका के भाई शैलेष की तहरीर पर रामकोला पुलिस ने पति राजेश और देवर दिनेश के अलावा सास-ससुर के खिलाफ महिला उत्पीड़न और दहेज हत्या का केस दर्ज किया था। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश राजीव कमल पांडेय कर रहे थे। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाह पेश किए गए। बहस के दौरान वादी मुकदमा शैलेष कुमार दीपक पक्षद्रोही (बयान से मुकर जाना) हो गया। सोमवार को दिए गए फैसले में न्यायाधीश ने इसे दहेज हत्या की बजाय हत्या का मामला मानते हुए आरोपी पति तथा देवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों को 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी जमा करने होंगे। अर्थदंड न जमा करने पर एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भोगनी होगी। इसके अलावा पक्षद्रोही हुए वादी मुकदमा के विरुद्ध भी प्रकीर्ण वाद दाखिल कर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अभय कुमार त्रिपाठी ने पैरवी कर आरोपियों को सजा दिलाई।
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