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धार्मिक स्थल पर निर्माण को लेकर तनाव
कुशीनगर
Updated Wed, 01 Jun 2016 11:08 PM IST
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रामबर चरगहां गांव में एक धार्मिक स्थल पर निर्माण को लेकर शुरू हुई तनातनी के बाद गांव के लोगों से बातचीत करते कसया एसओ।
- फोटो : अमर उजाला
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कसया। रामबर चरगहां गांव में धार्मिक स्थल पर निर्माण को लेकर मंगलवार से शुरू हुई तनातनी बुधवार को और बढ़ गई। गांव में हिंदू युवा वाहिनी के लोग भी पहुंच गए। सूचना मिलने पर एसओ मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।
उसके बाद वहां तीन अन्य थानों की पुलिस और एक प्लाटून पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए। तकरीबन चार घंटे तक पुलिस की मौजूदगी में दोनों वर्गों के बीच वार्ता हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। पुलिस दोनों पक्षों को शनिवार के दिन पुन: थाने बुलाई है। कसया थानाक्षेत्र के रामबर चरगहां गांव में पुराना धार्मिक स्थल है। कहा जा रहा है कि एक वर्ग के लोग धर्मस्थल के चबूतरे के ऊपर से छत बनवाना चाहते हैं।
निर्माण जैसे ही शुरू हुआ, दूसरे वर्ग के लोगों ने इस पर एतराज जताना शुरू कर दिया। वे चाहते हैं कि धर्मस्थल यथावत ही रखा जाए। मंगलवार को ही पुलिस दोनों वर्ग के लोगों को थाने पर बुलाई थी, लेकिन दोनों पक्ष अपनी जिद पर अड़े रहे। जब पुलिस ने कार्रवाई की चेतावनी दी तो एक पक्ष ने इस बारे में विचार करने के लिए समय मांगा।
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इसके बाद पुलिस ने दोनों ओर के लोगों को घर भेज दिया और बुधवार को पुन: थाने बुलाई। बुधवार को एक वर्ग के लोग तो थाने पहुंच गए, लेकिन दूसरे वर्ग के लोग नहीं गए। तब तक इस मामले की सूचना मिलने पर हिंदू युवा वाहिनी के गोरखपुर बस्ती मंडल के संभाग प्रभारी राजेश्वर सिंह अपने कार्यकर्ताआें के साथ गांव में पहुंच गए। तब स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। एसओ मयफोर्स गांव में पहुंचे और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।
उसके बाद कसया, कुबेरस्थान, रामकोला और हाटा सहित तीन थानों की पुलिस और एक प्लाटून पीएसी पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में दोनों वर्गों के लोगों में करीब चार घंटे तक वार्ता चली, लेकिन कोई सार्थक हल नहीं निकला।
दोनों पक्ष अपनी जिद पर अड़े थे। इस संबंध में कसया के एसओ विनय कुमार पाठक ने कहा कि गांव में हुए विवाद के निराकरण के लिए शनिवार को दोनों वर्ग के लोगों को थाने में बुलाया गया है, जबकि सीओ राघवेंद्र चतुर्वेदी का कहना था कि मामला सुलझने से पहले किसी तरह का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। इसकी हिदायत गांव के लोगों को दे दी गई है। उन्हाेंने कहा कि इस विवाद का हल आपसी बातचीत से निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
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उसके बाद वहां तीन अन्य थानों की पुलिस और एक प्लाटून पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए। तकरीबन चार घंटे तक पुलिस की मौजूदगी में दोनों वर्गों के बीच वार्ता हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। पुलिस दोनों पक्षों को शनिवार के दिन पुन: थाने बुलाई है। कसया थानाक्षेत्र के रामबर चरगहां गांव में पुराना धार्मिक स्थल है। कहा जा रहा है कि एक वर्ग के लोग धर्मस्थल के चबूतरे के ऊपर से छत बनवाना चाहते हैं।
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निर्माण जैसे ही शुरू हुआ, दूसरे वर्ग के लोगों ने इस पर एतराज जताना शुरू कर दिया। वे चाहते हैं कि धर्मस्थल यथावत ही रखा जाए। मंगलवार को ही पुलिस दोनों वर्ग के लोगों को थाने पर बुलाई थी, लेकिन दोनों पक्ष अपनी जिद पर अड़े रहे। जब पुलिस ने कार्रवाई की चेतावनी दी तो एक पक्ष ने इस बारे में विचार करने के लिए समय मांगा।
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इसके बाद पुलिस ने दोनों ओर के लोगों को घर भेज दिया और बुधवार को पुन: थाने बुलाई। बुधवार को एक वर्ग के लोग तो थाने पहुंच गए, लेकिन दूसरे वर्ग के लोग नहीं गए। तब तक इस मामले की सूचना मिलने पर हिंदू युवा वाहिनी के गोरखपुर बस्ती मंडल के संभाग प्रभारी राजेश्वर सिंह अपने कार्यकर्ताआें के साथ गांव में पहुंच गए। तब स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। एसओ मयफोर्स गांव में पहुंचे और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।
उसके बाद कसया, कुबेरस्थान, रामकोला और हाटा सहित तीन थानों की पुलिस और एक प्लाटून पीएसी पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में दोनों वर्गों के लोगों में करीब चार घंटे तक वार्ता चली, लेकिन कोई सार्थक हल नहीं निकला।
दोनों पक्ष अपनी जिद पर अड़े थे। इस संबंध में कसया के एसओ विनय कुमार पाठक ने कहा कि गांव में हुए विवाद के निराकरण के लिए शनिवार को दोनों वर्ग के लोगों को थाने में बुलाया गया है, जबकि सीओ राघवेंद्र चतुर्वेदी का कहना था कि मामला सुलझने से पहले किसी तरह का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। इसकी हिदायत गांव के लोगों को दे दी गई है। उन्हाेंने कहा कि इस विवाद का हल आपसी बातचीत से निकालने का प्रयास किया जा रहा है।