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थाने के बाहर धरना दिया
Kushinagar
Updated Mon, 16 May 2016 01:11 AM IST
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इंदरपुर और सुम्हाखोर के लोगों ने रविवार को कप्तानगंज थाने में धरना दिया।
- फोटो : अमर उजाला
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कप्तानगंज में बिना किसी मुकदमे के चार दिन से थाने में बैठाए गए युवकों को छुड़ाने के लिए इंदरपुर और सुम्हाखोर के लोगों ने रविवार को कप्तानगंज थाने में धरना दिया। पूर्व विधायक दीपलाल भारती और भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामप्रताप सिंह की अगुवाई में धरना दे रहे लोगों में सर्वाधिक संख्या महिलाओं की थी। करीब दो घंटे तक चले धरने को एसओ ने मुकदमे में किसी निर्दोष को जेल न भेजने का आश्वासन देकर समाप्त कराया।
रविवार को दिन के करीब 12 बजे से कप्तानगंज थाने पर धरना दे रहे लोग आरोप लगा रहे थे कि इंदरपुर के महेंद्र व सुम्हाखोर के दिनेश जो इंदरपुर चौराहे पर एक गल्ला व्यवसायी के वहां पल्लेदारी करते हैं, पुलिस ने उन्हें बिना किसी मुकदमे के चार दिनों से बैठा रखा है। थाना परिसर में प्रदर्शन कर रहे लोगों को मौके पर मौजूद पुलिस के जवानों ने गेट के बाहर प्रदर्शन करने के लिए कहा। इसके प्रदर्शनकारी गेट के बाहर धरना पर बैठ गए।
पूर्व विधायक ने कहा कि पुलिस किसी भी अभियुक्त को 24 घंटे से अधिक देर तक थाने में नहीं बैठा सकती है, लेकिन यहां तो चार दिन से युवकों को बैठाया गया है, जबकि वे अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य हैं। यदि वे दोषी हैं तो पुलिस उन्हें जेल भेज दे। किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने कहा कि सपा सरकार में पुलिस निरंकुश हो गई है, कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है।
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धरने के समय एसओ किसी कार्यक्रम के सिलसिले में कसया गए थे। वापस आने के बाद उन्होंने बताया कि इंदरपुर के गल्ला व्यवसायी धर्मेंद्र सिंह ने आरोपियों पर 70 हजार रुपये चोरी करने की नामजद तहरीर दी है। जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
धरना देने वालों में चानमती, रामप्रति, भोला, नाथू, प्रभावती, गिलासी, इंदू, चंदा, बेइला, तारामती, रिंकू, राजेश भारती, रामजीत, दुर्गावती, दरोगा, उमेश प्रसाद, त्रिपुरारी मिश्र, मुकेश कुमार, विरेन्द्र, सुरेश प्रसाद, बेचू, दुर्गावती, विंदा, कमलावती व बलवंत सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस संबंध में एसओ चौथीराम यादव का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत है और पूछताछ के लिए शुक्रवार की रात में उन्हें थाने लाया गया है। किसी निर्दोष पर कार्रवाई न हो, इसलिए मामले की जांच की जा रही है।
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रविवार को दिन के करीब 12 बजे से कप्तानगंज थाने पर धरना दे रहे लोग आरोप लगा रहे थे कि इंदरपुर के महेंद्र व सुम्हाखोर के दिनेश जो इंदरपुर चौराहे पर एक गल्ला व्यवसायी के वहां पल्लेदारी करते हैं, पुलिस ने उन्हें बिना किसी मुकदमे के चार दिनों से बैठा रखा है। थाना परिसर में प्रदर्शन कर रहे लोगों को मौके पर मौजूद पुलिस के जवानों ने गेट के बाहर प्रदर्शन करने के लिए कहा। इसके प्रदर्शनकारी गेट के बाहर धरना पर बैठ गए।
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पूर्व विधायक ने कहा कि पुलिस किसी भी अभियुक्त को 24 घंटे से अधिक देर तक थाने में नहीं बैठा सकती है, लेकिन यहां तो चार दिन से युवकों को बैठाया गया है, जबकि वे अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य हैं। यदि वे दोषी हैं तो पुलिस उन्हें जेल भेज दे। किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने कहा कि सपा सरकार में पुलिस निरंकुश हो गई है, कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है।
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धरने के समय एसओ किसी कार्यक्रम के सिलसिले में कसया गए थे। वापस आने के बाद उन्होंने बताया कि इंदरपुर के गल्ला व्यवसायी धर्मेंद्र सिंह ने आरोपियों पर 70 हजार रुपये चोरी करने की नामजद तहरीर दी है। जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
धरना देने वालों में चानमती, रामप्रति, भोला, नाथू, प्रभावती, गिलासी, इंदू, चंदा, बेइला, तारामती, रिंकू, राजेश भारती, रामजीत, दुर्गावती, दरोगा, उमेश प्रसाद, त्रिपुरारी मिश्र, मुकेश कुमार, विरेन्द्र, सुरेश प्रसाद, बेचू, दुर्गावती, विंदा, कमलावती व बलवंत सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस संबंध में एसओ चौथीराम यादव का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत है और पूछताछ के लिए शुक्रवार की रात में उन्हें थाने लाया गया है। किसी निर्दोष पर कार्रवाई न हो, इसलिए मामले की जांच की जा रही है।