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देखने वाले सब थे दिलेर कोई न था
कुशीनगर
Updated Mon, 25 Apr 2016 11:27 PM IST
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पचरुखिया गांव में आग लगने से मां-बेटे की मौत होने पर रोते परिवार के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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विजय कुमार राव
फाजिलनगर। पटहेरवा थानाक्षेत्र के पचरुखिया गांव में अचानक लगी आग में घिरी संगीता आने बच्चे को बचाने के लिए सबको पुकारती रही, लेकिन आग के आगे गांववाले हिम्मत हार गए। आधे घंटे में ही संगीता अपनों के सामने ही जिंदा जल गई। इस हृदयविदारक घटना को पूरा गांव मर्माहत है। सबकी आंखों में उसे बचा नहीं पाने की मलाल भी है।
अपने दो वर्ष के बच्चे अभय को लेकर छत पर सोई संगीता और उनके घरवालों ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक झटके में ही घर की सारी खुशियां राख हो जाएंगी। संगीता के पति मुकेश रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर रहते हैं। पक्के घर में सोई संगीता अचानक आग लगने से पूरी तरह घिर गई थी। उसे इसकी जानकारी तब हुई, जब आग की तपिश काफी गई।
वह बच्चे को लेकर बचने के लिए बाहर निकलने की जद्दोजहद करती रही, लेकिन सारे रास्ते बंद होने से वह असफल रही। नीचे कूदना भी जान को जोखिम में डालना था और घिरे रहना और भी खतरनाक। इसी बीच वह आग की जद में आ गईं। मदद के लिए वह लोगों को पुकारती रही, लेकिन गांव के अन्य लोग अपने घरों को ही बचाने में उलझे रहे। आधे घंटे की जद्दोजहद के बाद आखिरकार दोनों की मौत हो गई।
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फाजिलनगर। पटहेरवा थानाक्षेत्र के पचरुखिया गांव में अचानक लगी आग में घिरी संगीता आने बच्चे को बचाने के लिए सबको पुकारती रही, लेकिन आग के आगे गांववाले हिम्मत हार गए। आधे घंटे में ही संगीता अपनों के सामने ही जिंदा जल गई। इस हृदयविदारक घटना को पूरा गांव मर्माहत है। सबकी आंखों में उसे बचा नहीं पाने की मलाल भी है।
अपने दो वर्ष के बच्चे अभय को लेकर छत पर सोई संगीता और उनके घरवालों ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक झटके में ही घर की सारी खुशियां राख हो जाएंगी। संगीता के पति मुकेश रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर रहते हैं। पक्के घर में सोई संगीता अचानक आग लगने से पूरी तरह घिर गई थी। उसे इसकी जानकारी तब हुई, जब आग की तपिश काफी गई।
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वह बच्चे को लेकर बचने के लिए बाहर निकलने की जद्दोजहद करती रही, लेकिन सारे रास्ते बंद होने से वह असफल रही। नीचे कूदना भी जान को जोखिम में डालना था और घिरे रहना और भी खतरनाक। इसी बीच वह आग की जद में आ गईं। मदद के लिए वह लोगों को पुकारती रही, लेकिन गांव के अन्य लोग अपने घरों को ही बचाने में उलझे रहे। आधे घंटे की जद्दोजहद के बाद आखिरकार दोनों की मौत हो गई।
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