{"_id":"592476c44f1c1b393e535e0b","slug":"inquiry-started-against-platoon-comander","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैतनिक प्लाटून कमांडर की जांच शुरू","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अवैतनिक प्लाटून कमांडर की जांच शुरू
kushinagar
Updated Tue, 23 May 2017 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना।
जिले के होमगार्ड्स विभाग में कार्यरत एक अवैतनिक प्लाटून कमांडर के सर्टिफिकेट के फर्जी होने का मामला वर्ष 2012 के बाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। यह मामला आरटीआई केे तहत मांगी गई सूचना के बाद फिर से उभरा है। इस प्रकरण की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
पडरौना नगर के छावनी मुहल्ला के निवासी कौशल कुमार ने होमगार्ड्स विभाग के जिला कमांडेंट से जनसूचना अधिकार के तहत इस संबंध में सूचनाएं मांगी थीं। इसमें अवैतनिक प्लाटून कमांडर के पद पर कार्यरत श्रीकृष्ण यादव के शैक्षिक प्रमाण पत्र, खेल, एनसीसी, होमगार्ड का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र तथा होमगार्ड विभाग में भर्ती होने के लिए किए गए आवेदन पत्र की छाया प्रति उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था।
इस आरटीआई के जवाब में जिला कमांडेंट ने जो सूचनाएं उपलब्ध कराई हैं, उसमें बताया गया है कि अवैतनिक प्लाटून कमांडर श्रीकृष्ण यादव के खिलाफ यूनियन बनाकर चंदा वसूलने, डीएम कार्यालय पर धरना देने, उनके आचरण और कार्यों पर नजर रखने, होमगार्ड कंपनियों में जाकर होमगार्डों को भड़काने, श्रीकृष्ण यादव के इंटरमीडिएट के सर्टिफिकेट में उनके नाम की जगह श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज सेमरा में किशुन प्रसाद का नाम अंकित होने के कारण फर्जी पाया जाना, उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना सहित कई आरोप लगे। उच्चाधिकारियों के खिलाफ पेशबंदी के आरोप में तीन जून 2006 को उनके निलंबन का आदेश भी जारी हो चुका है। इस मामले में वर्ष 2012 में तत्कालीन जिला कमांडेंट की तरफ से जांच भी की जा चुकी है। उन्होंने मंडल कमांडेंट से आरोपी को बर्खास्त करने तक की मांग की थी लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस मामले में प्लाटून कमांडेंट के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोट
विज्ञापन
इस मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वर्ष 2012 में तत्कालीन जिला कमांडेंट को जांच अधिकारी नामित किया गया था। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट मंडल कमांडेंट को सौंप दी थी। फाइलों का अध्ययन किया जा रहा है। यह मामला हमारे कार्यकाल से पहले का है। वर्ष 2012 से अब तक प्लाटून कमांडर के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इस बारे में नहीं बता सकते। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-अमित कुमार मिश्र, जिला कमांडेंट, होमगार्ड्स।
विज्ञापन
जिले के होमगार्ड्स विभाग में कार्यरत एक अवैतनिक प्लाटून कमांडर के सर्टिफिकेट के फर्जी होने का मामला वर्ष 2012 के बाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। यह मामला आरटीआई केे तहत मांगी गई सूचना के बाद फिर से उभरा है। इस प्रकरण की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
पडरौना नगर के छावनी मुहल्ला के निवासी कौशल कुमार ने होमगार्ड्स विभाग के जिला कमांडेंट से जनसूचना अधिकार के तहत इस संबंध में सूचनाएं मांगी थीं। इसमें अवैतनिक प्लाटून कमांडर के पद पर कार्यरत श्रीकृष्ण यादव के शैक्षिक प्रमाण पत्र, खेल, एनसीसी, होमगार्ड का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र तथा होमगार्ड विभाग में भर्ती होने के लिए किए गए आवेदन पत्र की छाया प्रति उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था।
विज्ञापन
इस आरटीआई के जवाब में जिला कमांडेंट ने जो सूचनाएं उपलब्ध कराई हैं, उसमें बताया गया है कि अवैतनिक प्लाटून कमांडर श्रीकृष्ण यादव के खिलाफ यूनियन बनाकर चंदा वसूलने, डीएम कार्यालय पर धरना देने, उनके आचरण और कार्यों पर नजर रखने, होमगार्ड कंपनियों में जाकर होमगार्डों को भड़काने, श्रीकृष्ण यादव के इंटरमीडिएट के सर्टिफिकेट में उनके नाम की जगह श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज सेमरा में किशुन प्रसाद का नाम अंकित होने के कारण फर्जी पाया जाना, उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना सहित कई आरोप लगे। उच्चाधिकारियों के खिलाफ पेशबंदी के आरोप में तीन जून 2006 को उनके निलंबन का आदेश भी जारी हो चुका है। इस मामले में वर्ष 2012 में तत्कालीन जिला कमांडेंट की तरफ से जांच भी की जा चुकी है। उन्होंने मंडल कमांडेंट से आरोपी को बर्खास्त करने तक की मांग की थी लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस मामले में प्लाटून कमांडेंट के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोट
विज्ञापन
इस मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वर्ष 2012 में तत्कालीन जिला कमांडेंट को जांच अधिकारी नामित किया गया था। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट मंडल कमांडेंट को सौंप दी थी। फाइलों का अध्ययन किया जा रहा है। यह मामला हमारे कार्यकाल से पहले का है। वर्ष 2012 से अब तक प्लाटून कमांडर के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इस बारे में नहीं बता सकते। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-अमित कुमार मिश्र, जिला कमांडेंट, होमगार्ड्स।