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अज्ञात बीमारी से दो भाइयों की मौत
kushinagar
Updated Tue, 12 Jul 2016 11:03 PM IST
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सस्वास्थ्य
- फोटो : santosh verma
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रामकोला। क्षेत्र के धनौजी खास गांव के भरपटिया टोला में एक व्यक्ति के दो बच्चों की मौत अज्ञात बीमारी से हो गई, जबकि दो बेटियां रामकोला सीएचसी में बीमारी से जूझ रही हैं। दोनों बच्चों का शव घर आने के बाद वहां कोहराम मच गया, बच्चों के परिवारवालों को गांववाले ढांढस बंधाते रहे। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर अन्य बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की।
धनौजी खास गांव के भरपटिया टोला निवासी संजय राजभर के चार बच्चे आंचल (छह), महक (चार), विवेक (तीन) और अंशु (डेढ़) वर्ष एक सप्ताह पूर्व बीमार पड़ गए। इन बच्चों को उल्टी-दस्त हो रहा था। निजी डॉक्टरों से इलाज के बाद भी अंशु और विवेक की हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिवार के लोग उन्हें पडरौना ले गए, वहां से डॉक्टर ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। नौ जुलाई को दोनों बच्चों को मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। संजय ने बताया कि मंगलवार की भोर में तकरीबन चार बजे अंशु की मौत हो गई। ऐसी दशा में विवेक को वहां अकेले छोड़ने की बजाय उसे भी साथ लेकर घर आ गए। परिवार के लोग अंशु के अंतिम संस्कार की तैयारी कर ही रहे थे कि विवेक की हालत भी बिगड़ने लगी। आनन फानन उसे पुन: गोरखपुर ले जा रहे थे कि हाटा के निकट विवेक ने भी दम तोड़ दिया। उधर, आंचल और महक का इलाज रामकोला सीएचसी में चल रहा है। एक ही परिवार में दो बच्चों की मौत से वहां मातम छाया हुआ है। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य टीम ने गांव में जाकर अन्य बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। रामकोला सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश श्रीवास्तव का कहना था कि जो दो बच्चियां भर्ती कराई गई हैं, उनमें इंसेफेलाइटिस के लक्षण नहीं मिले हैं। दोनों बालकों की मौत का कारण भी पता नहीं चल सका।
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धनौजी खास गांव के भरपटिया टोला निवासी संजय राजभर के चार बच्चे आंचल (छह), महक (चार), विवेक (तीन) और अंशु (डेढ़) वर्ष एक सप्ताह पूर्व बीमार पड़ गए। इन बच्चों को उल्टी-दस्त हो रहा था। निजी डॉक्टरों से इलाज के बाद भी अंशु और विवेक की हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिवार के लोग उन्हें पडरौना ले गए, वहां से डॉक्टर ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। नौ जुलाई को दोनों बच्चों को मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। संजय ने बताया कि मंगलवार की भोर में तकरीबन चार बजे अंशु की मौत हो गई। ऐसी दशा में विवेक को वहां अकेले छोड़ने की बजाय उसे भी साथ लेकर घर आ गए। परिवार के लोग अंशु के अंतिम संस्कार की तैयारी कर ही रहे थे कि विवेक की हालत भी बिगड़ने लगी। आनन फानन उसे पुन: गोरखपुर ले जा रहे थे कि हाटा के निकट विवेक ने भी दम तोड़ दिया। उधर, आंचल और महक का इलाज रामकोला सीएचसी में चल रहा है। एक ही परिवार में दो बच्चों की मौत से वहां मातम छाया हुआ है। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य टीम ने गांव में जाकर अन्य बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। रामकोला सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश श्रीवास्तव का कहना था कि जो दो बच्चियां भर्ती कराई गई हैं, उनमें इंसेफेलाइटिस के लक्षण नहीं मिले हैं। दोनों बालकों की मौत का कारण भी पता नहीं चल सका।
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