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बालू लदे डीसीएम से कुचल कर गुड़ व्यवसायी की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Nov 2018 11:01 PM IST
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सेमरा चौराहे पर डीसीएम के चपेट में आने से किशुन गुप्ता की मौत के बाद सड़क जाम करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
कठकुइयां। कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के सेमरा चौराहे पर शनिवार की सुबह करीब नौ बजे तेज रफ्तार डीसीएम ने पचरुखिया निवासी गुड़ व्यवसायी को कुचल दिया। जिला अस्पताल रेफर होकर मेडिकल कॉलेज ले जाते समय व्यवसायी की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद नाराज लोगों ने डीसीएम चालक को कमरे में बंद कर दिया और डीसीएम को क्षतिग्रस्त कर दिया। गुस्साए लोगों ने सड़क पर भी जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर पहुंची कुबेरस्थान और तुर्कपट्टी थाने की पुलिस तथा पीएसी के जवानों ने लाठियां पटक कर मामले को शांत कराया।
कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के पचरुखिया गांव के निवासी भोला गुप्ता के 35 वर्षीय पुत्र किशन गुप्ता गुड़ का व्यापार करते थे। वह गुड़ के लिये सेमरा आए थे और घर जाने वाले थे। वह सड़क के बगल में बाइक रोककर कोई जरूरी काम करने लगे। इसी बीच नौगांवा से बालू लेकर आ रहा डीसीएम दुदही-पडरौना मार्ग से अचानक पचरुखिया की तरफ मुड़ गया।
सड़क के बगल में खड़े किशन को कुचलते हुए डीसीएम आगे बढ़ गया और पुलिया में टकराकर फंस गया। हादसे से नाराज लोगों ने चालक को पकड़कर कमरे में बंद कर दिया। डीसीएम को क्षतिग्रस्त करने के बाद लोगों ने सड़क भी जाम कर दी। घायल किशन को निजी वाहन से जिला अस्पताल भेजा गया। उनकी हालत गंभीर देख डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय किशन की रास्ते में मौत हो गई।
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उधर, चालक को बंधक बनाने और तोड़फोड़ की सूचना पर कुबेरस्थान, तुर्कपट्टी और विशुनपुरा थाने की पुलिस एवं पीएसी के जवान सेमरा में घटनास्थल पर पहुंच गए। वहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा तथा चालक को मुक्त कराया। उसके बाद जाकर स्थिति सामान्य हुई।
एसपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि दुर्घटना के बाद लोगों ने सड़क जाम कर रखी थी। इसलिए कुबेरस्थान और तुर्कपट्टी थाने की पुलिस के अलावा पीएसी को भेजकर जाम समाप्त कराया गया। सड़क जाम करना नियम विरुद्ध है। डीसीएम चालक पुलिस कस्टडी में है। पीड़ित के घरवाले तहरीर दे रहे हैं। उसके बाद चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
लक्ष्मीना ने एक साल पहले सुहाग खोया और अब बेटा
कठकुइयां। बुजुर्ग लक्ष्मीना पर एक साल के भीतर दो बार विपत्ति का पहाड़ टूटा है। सालभर पहले सुहाग छिन जाने के गम से अभी वह उबर भी नहीं पाई थीं कि अब उनका बेटा भी दुनिया से चल बसा। वह बेटे की मौत पर अपनी तकदीर को कोस रही थीं।
पचरुखिया गांव के निवासी किशुन गुप्ता (35) गुड़ का व्यसाय करते थे। सेमरा में गुड़ के रुपये की वसूली करके शनिवार को सुबह वह घर वापस जा रहे थे कि चौराहे के पास सड़क के बगल में रुककर कोई काम करने लगे। उसी दरम्यान तेज रफतार में आ रहे बालू लदे डीसीएम ने उन्हें रौंद दिया। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
किशन की अचानक मृत्यु से चार बच्चे विशाल, सूरज, अर्चना और अमृता के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि पत्नी मीरा विधवा हो गई। मां लक्ष्मीना अपने पांच बेटों में तीसरे नंबर के बेटे किशन की छठ पूजा से पहले मौत से तकदीर को कोस रही थीं। वह रोते हुए कह रही थीं कि आखिर विधाता ने उन्हें किस गुनाह की सजा दी है? एक ही साल में उनका सुहाग और बेटा दोनों छीन लिया।
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कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के पचरुखिया गांव के निवासी भोला गुप्ता के 35 वर्षीय पुत्र किशन गुप्ता गुड़ का व्यापार करते थे। वह गुड़ के लिये सेमरा आए थे और घर जाने वाले थे। वह सड़क के बगल में बाइक रोककर कोई जरूरी काम करने लगे। इसी बीच नौगांवा से बालू लेकर आ रहा डीसीएम दुदही-पडरौना मार्ग से अचानक पचरुखिया की तरफ मुड़ गया।
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सड़क के बगल में खड़े किशन को कुचलते हुए डीसीएम आगे बढ़ गया और पुलिया में टकराकर फंस गया। हादसे से नाराज लोगों ने चालक को पकड़कर कमरे में बंद कर दिया। डीसीएम को क्षतिग्रस्त करने के बाद लोगों ने सड़क भी जाम कर दी। घायल किशन को निजी वाहन से जिला अस्पताल भेजा गया। उनकी हालत गंभीर देख डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय किशन की रास्ते में मौत हो गई।
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उधर, चालक को बंधक बनाने और तोड़फोड़ की सूचना पर कुबेरस्थान, तुर्कपट्टी और विशुनपुरा थाने की पुलिस एवं पीएसी के जवान सेमरा में घटनास्थल पर पहुंच गए। वहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा तथा चालक को मुक्त कराया। उसके बाद जाकर स्थिति सामान्य हुई।
एसपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि दुर्घटना के बाद लोगों ने सड़क जाम कर रखी थी। इसलिए कुबेरस्थान और तुर्कपट्टी थाने की पुलिस के अलावा पीएसी को भेजकर जाम समाप्त कराया गया। सड़क जाम करना नियम विरुद्ध है। डीसीएम चालक पुलिस कस्टडी में है। पीड़ित के घरवाले तहरीर दे रहे हैं। उसके बाद चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
लक्ष्मीना ने एक साल पहले सुहाग खोया और अब बेटा
कठकुइयां। बुजुर्ग लक्ष्मीना पर एक साल के भीतर दो बार विपत्ति का पहाड़ टूटा है। सालभर पहले सुहाग छिन जाने के गम से अभी वह उबर भी नहीं पाई थीं कि अब उनका बेटा भी दुनिया से चल बसा। वह बेटे की मौत पर अपनी तकदीर को कोस रही थीं।
पचरुखिया गांव के निवासी किशुन गुप्ता (35) गुड़ का व्यसाय करते थे। सेमरा में गुड़ के रुपये की वसूली करके शनिवार को सुबह वह घर वापस जा रहे थे कि चौराहे के पास सड़क के बगल में रुककर कोई काम करने लगे। उसी दरम्यान तेज रफतार में आ रहे बालू लदे डीसीएम ने उन्हें रौंद दिया। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
किशन की अचानक मृत्यु से चार बच्चे विशाल, सूरज, अर्चना और अमृता के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि पत्नी मीरा विधवा हो गई। मां लक्ष्मीना अपने पांच बेटों में तीसरे नंबर के बेटे किशन की छठ पूजा से पहले मौत से तकदीर को कोस रही थीं। वह रोते हुए कह रही थीं कि आखिर विधाता ने उन्हें किस गुनाह की सजा दी है? एक ही साल में उनका सुहाग और बेटा दोनों छीन लिया।