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बेतिया गांव में बीते रविवार को हुई थी दंपति की हत्या
Updated Thu, 22 Jun 2017 06:43 PM IST
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कुशीनगर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बेतिया गांव के मठियाडीह देवी स्थान परिसर में बीते 18 जून की रात हुई महंत और उनकी पत्नी की हत्या के आरोपी छोटे भाई व भांजे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी ने मां के नाम की जमीन बैनामा होने में बाधक बन रहे बड़े भाई व भाभी को रास्ते से हटाने के लिए भांजे के साथ मिल कर इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद हो गई है। दोनों आरोपी जेल भेज दिए गए हैं।
पडरौना-जटहा मार्ग स्थित ठोरी मोड़ के पास ग्रामसभा बेतिया के मठियाडीह में देवी स्थान है। यह देवी स्थान जयप्रकाश के नाम से है, जहां वह पत्नी मालती और बूढ़ी मां नदिया के साथ रहते थे। वह मंदिर के महंत भी थे। जयप्रकाश का छोटा भाई पुरुषोत्तम कबाड़ खरीदने-बेचने का कार्य करके परिवार का भरण पोषण करता है। वह भी पत्नी, बच्चों व भांजे के साथ मंदिर परिसर में ही अलग झोपड़ी डालकर रहता है। आरोप है कि जयप्रकाश की कोई संतान न होने के कारण छोटा भाई पुरुषोत्तम उनकी संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा था। इसके अलावा पैतृक पांच बीघा जमीन भी मां नदिया के ही नाम थी। पुरुषोत्तम यह चाहता था कि मां पूरी जमीन उसके नाम बैनामा कर दे जबकि जयप्रकाश इसके लिए तैयार नहीं थे। इस वजह से पुरुषोत्तम को अपने हिस्से की ढाई बीघा जमीन ही मिल रही थी। पुरुषोत्तम को इस बात का डर था कि साधु हो चुका भाई कहीं अपने हिस्से की जमीन किसी और को न दे दे। इसके चलते दोनों भाइयों के बीच कई बार विवाद हो चुका था। पंचायत में भी मामला नहीं सुलझने पर जयप्रकाश ने कोतवाली पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी। रविवार की रात मंदिर परिसर में बांस के मचान पर सोते समय जयप्रकाश और मालती की छोटे भाई पुरुषोत्तम और भांजे विरेंद्र ने कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। घटना के बाद से ही आरोपी फरार थे। पुलिस ने हत्यारोपी भाई पुरुषोत्तम जायसवाल निवासी बेतिया और भांजा विरेंद्र जायसवाल निवासी कठारे, थाना धनहां जनपद पश्चिमी चंपारण बिहार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। एसपी यमुना प्रसाद ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को बताया कि पुरुषोत्तम और विरेंद्र को बृहस्पतिवार की सुबह पडरौना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व गड़ासा भी बरामद कर लिया गया है। पकड़े गए लोगों को जेल भेजा जाएगा।
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पडरौना-जटहा मार्ग स्थित ठोरी मोड़ के पास ग्रामसभा बेतिया के मठियाडीह में देवी स्थान है। यह देवी स्थान जयप्रकाश के नाम से है, जहां वह पत्नी मालती और बूढ़ी मां नदिया के साथ रहते थे। वह मंदिर के महंत भी थे। जयप्रकाश का छोटा भाई पुरुषोत्तम कबाड़ खरीदने-बेचने का कार्य करके परिवार का भरण पोषण करता है। वह भी पत्नी, बच्चों व भांजे के साथ मंदिर परिसर में ही अलग झोपड़ी डालकर रहता है। आरोप है कि जयप्रकाश की कोई संतान न होने के कारण छोटा भाई पुरुषोत्तम उनकी संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा था। इसके अलावा पैतृक पांच बीघा जमीन भी मां नदिया के ही नाम थी। पुरुषोत्तम यह चाहता था कि मां पूरी जमीन उसके नाम बैनामा कर दे जबकि जयप्रकाश इसके लिए तैयार नहीं थे। इस वजह से पुरुषोत्तम को अपने हिस्से की ढाई बीघा जमीन ही मिल रही थी। पुरुषोत्तम को इस बात का डर था कि साधु हो चुका भाई कहीं अपने हिस्से की जमीन किसी और को न दे दे। इसके चलते दोनों भाइयों के बीच कई बार विवाद हो चुका था। पंचायत में भी मामला नहीं सुलझने पर जयप्रकाश ने कोतवाली पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी। रविवार की रात मंदिर परिसर में बांस के मचान पर सोते समय जयप्रकाश और मालती की छोटे भाई पुरुषोत्तम और भांजे विरेंद्र ने कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। घटना के बाद से ही आरोपी फरार थे। पुलिस ने हत्यारोपी भाई पुरुषोत्तम जायसवाल निवासी बेतिया और भांजा विरेंद्र जायसवाल निवासी कठारे, थाना धनहां जनपद पश्चिमी चंपारण बिहार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। एसपी यमुना प्रसाद ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को बताया कि पुरुषोत्तम और विरेंद्र को बृहस्पतिवार की सुबह पडरौना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व गड़ासा भी बरामद कर लिया गया है। पकड़े गए लोगों को जेल भेजा जाएगा।
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