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आग से 37 की झोपड़ियां जली 

Mon, 23 Apr 2018 11:44 PM IST
kushinagar
kushinagar Updated Mon, 23 Apr 2018 11:44 PM IST
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37 huts burn by fire
अाग से झाोपडी जली - फोटो : amar ujala
पडरौना।     जिले के अलग-अलग घटनाओं में 37 लोगों के जहां घर जल गए, वहीं दो किसानों के खेत में काटकर रखी गई गेहूं की फसल भी जल गई। इसके अलावा कनौरा गांव के तिरमुहानी घाट स्थित जिन्न बाबा का स्थान भी जल गया। आगलगी की इन घटनाओं से लोगों की काफी क्षति हुई है।               
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जटहां बाजार प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के हिरनही गांव के निवासी रामबली यादव के घर में रविवार की रात करीब नौ बजे भोजन बनाते समय लगी आग में पिता व पुत्री झुलस गए। सिलिंडर के पाइप में रिसाव के कारण आग लग गई थी। उसे बुझाने के प्रयास में रामबली (50) और उनकी पुत्री आरती (18) गंभीर रूप से झुलस गईं। आरती की अगले ही महीने 12 मई को शादी है। आसपास के लोगों ने दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दोनों का इलाज चल रहा है।              
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बरवापट्टी प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रामपुरपट्टी के हरिजन टोली में सोमवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे अचानक आग लग गई। उस समय गांव के ज्यादातर लोग अपने खेतों में काम करने गए थे। हवा तेज होने के कारण राजकुमार, मुन्नर, भीखम, कैलाश, हरिंद्र, सुदामा, महावीर, रघुनाथ, हरिकिशुन, गुलाइची, लाल, बाढ़, विनोद, काशी, रामचंद्र, रविंद्र, अरविंद, शनिचरी देवी, पंकज, महातम, पन्नालाल, धर्मेंद्र, शंकर, सुधु, सुदर्शन, लक्ष्मन, राजेंद्र, लालजी, संतोष सहित तीन अन्य की झोपड़ियां जल उठीं। आग लगने की सूचना पर लोग एकत्र होकर बुझाने की कोशिश करने लगे। काफी मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी। आग में इन लोगों के घरों में रखे अनाज, कपड़े, आभूषण, नकदी, साइकिल, बाइक तक जल गईं। आग इतनी विकराल थी कि लोग अपने घरों में रखे सामान तक बाहर नहीं निकाल पाए। बताया जा रहा है कि करीब दस लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। आंखों के सामने जलते घरों को देख महिलाएं विलाप कर रही थीं। संयोग ठीक था कि इतनी बड़ी घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू ने गांव में पहुंचकर अग्निपीड़ितों को राहत सामग्रियां वितरित कराईं। उन्होंने पिपरा अगरवा के अग्निपीड़ितों को मदद का भरोसा दिलाया। विहिम के जिला उपाध्यक्ष दिग्विजय किशोर शाही ने भी अग्निपीड़ितों को सांत्वना दी। लेखपाल सतीश कुमार सिंह ने आग से हुई क्षति का आंकलन किया। तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार तरयासुजान थाना क्षेत्र के पिपरा अगरवा गांव में रविवार की रात लगी आग में विश्वनाथ, दिलीप और लालू प्रसाद सहित तीन लोगों की झोपड़ियां जल गईं। मौके पर पहुंचे हलका लेखपाल अश्वनी राय ने नुकसान का आकलन किया है।        
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कप्तानगंज प्रतिनिधि के अनुसार अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के लेहनी प्रथम में सोमवार को दोपहर में लगी आग में रामदवन, इंद्रासन, शिवरत्न और रामअवतार की झोपड़ियां जल गईं। इस आग में इनके घरों में रखे कपड़े, बर्तन, अनाज सहित अन्य सभी गृहस्थी के सामान जलकर राख हो गए। गांववालों का कहना है कि रामदवन के घर में मवेशियों को मच्छरों और मक्खियों से बचाने के लिए आग जलाई गई थी। काफी मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी। अग्निशमन दस्ता भी देरी से पहुंचा। हाटा के तहसीलदार संजय कुमार राय ने कहा कि पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता मुहैया कराई जाएगी।        
पिपरा कनक प्रतिनिधि के अनुसार तमकुही क्षेत्र अंतर्गत पटहेरवा और पिपरा कनक गांव के बीच स्थित गेहूं के खेत में सोमवार की दोपहर आग लग गई। इससे पिपरा कनक निवासी प्रभुलाल प्रसाद और रामप्रसाद की गेहूं की करीब डेढ़ बीघा फसल जलकर राख हो गई। बताया जा रहा है कि सोमवार को दोपहर में बगल के गांव अमवा महंथ की निवासी एक महिला खेत में जेवनार चढ़ाकर चली गई थी। उधर से गुजर रहे चार सिपाही मैनेजर सिंह, महेंद्र सिंह, अमित और शुभम ने आग बुझाने का प्रयास किया। तब तक अलग-अलग के खेतों में काम कर रहे लोग भी पहुंच गए और आग बुझाई। इस संबंध में पटहेरवा थाने के एसओ बब्बन सिंह का कहना है कि सिपाहियों के प्रयास से आगलगी की बड़ी घटना होने से बच गई। तहरीर मिलने पर जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।              


आग में जला जिन्न बाबा का स्थान                         
जौरा बाजार।            
कनौरा गांव के तिरमुहानी घाट स्थित जिन्न बाबा का स्थान रविवार की देर रात आग में जल गया। इसी स्थान पर स्थित विशाल पेड़ भी आग की चपेट में आने से जल गया। पटहेरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित यह स्थान कनौरा सहित आस-पास के गांववालों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। रविवार की रात में लगी आग में स्थान जल गया। यहां स्थित पीपल और पाकड़ का विशाल पेड़ भी आग की लपटों में जल गया। सुबह सूचना पर पहुंचे अग्निशमन दस्ते ने आग बुझाई, लेकिन तब तक पेड़ जल चुका था। गांव के लोगों को अंदेशा है कि कोई श्रद्धालु कपूर जलाकर पूजा करने के बाद चला गया होगा, जिससे आग लगी।              
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