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जूड़ाछपरा गांव के पटखौली गांव का मामला
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:24 PM IST
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दरवाजे पर शव रखकर घर वालों ने किया अनशन
जमीन पर कब्जा करने वालों को हटाने की जा रही थी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नेबुआ रायगंज। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के जूड़ा छपरा गांव के पटखौली टोला के एक व्यक्ति की बीमारी से मौत के बाद घरवालों ने दरवाजे पर शव रखकर अनशन किया। ये लोग शव का अंतिम संस्कार करने से भी इनकार कर रहे थे। एसडीएम और एसओ ने पहुंचकर मृतक के घरवालों को समझाकर शव का अंतिम संस्कार कराया।
जूड़ाछपरा गांव के पटखौली टोला निवासी भीखम पुत्र नागू उम्र 50 वर्ष का हाथ लगभग 15 वर्ष पूर्व बलरामपुर में काम करते समय किसी रोग के कारण बेकार हो गया था। इलाज में खेत बिक गए। केवल घर की जमीन बची थी। हाथ बेकार होने के बाद भीखम ट्रेन में भीख मांगकर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। इसी बीच गांव के ही दो व्यक्ति उनकी जमीन से उनकी झोपड़ी हटाकर जमीन पर कब्जा कर लिए। भीखम की दो पुत्रियां सांद्रवाली 25 वर्ष विवाहित व साहेब 22 वर्ष अविवाहित और पत्नी है। उन्हें मारपीट कर गांव से अवैध कब्जाधारियों ने खदेड़ दिया था। वह रिश्तेदार के वहां रह रही थीं। भीखम की मौत के बाद परिजनों ने अपने घर की जमीन खाली न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सूचना मिलने पर खड्डा एसडीएम अरविंद कुमार और एसओ नेबुआ नौरंगिया निर्भय कुमार सिंह दिन के 2 बजे मौके पर पहुंच परिजनों सहित ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी लिए और जमीन से अवैध कब्जा हटवाते हुए भीखम के परिजनों को घर बनाने के लिए कहा। ग्रामीणों ने तत्काल खाली जमीन पर भीखम की झोपड़ी खड़ा कर शव का अंतिम संस्कार किया। एसडीएम अरविंद कुमार ने कहा कि जमीन के मामले का समाधान कर लिया जाएगा और भीखम के परिजनों को सरकार की ओर से जो भी सहयोग हो सकेगा, किया जाएगा।
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जमीन पर कब्जा करने वालों को हटाने की जा रही थी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नेबुआ रायगंज। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के जूड़ा छपरा गांव के पटखौली टोला के एक व्यक्ति की बीमारी से मौत के बाद घरवालों ने दरवाजे पर शव रखकर अनशन किया। ये लोग शव का अंतिम संस्कार करने से भी इनकार कर रहे थे। एसडीएम और एसओ ने पहुंचकर मृतक के घरवालों को समझाकर शव का अंतिम संस्कार कराया।
जूड़ाछपरा गांव के पटखौली टोला निवासी भीखम पुत्र नागू उम्र 50 वर्ष का हाथ लगभग 15 वर्ष पूर्व बलरामपुर में काम करते समय किसी रोग के कारण बेकार हो गया था। इलाज में खेत बिक गए। केवल घर की जमीन बची थी। हाथ बेकार होने के बाद भीखम ट्रेन में भीख मांगकर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। इसी बीच गांव के ही दो व्यक्ति उनकी जमीन से उनकी झोपड़ी हटाकर जमीन पर कब्जा कर लिए। भीखम की दो पुत्रियां सांद्रवाली 25 वर्ष विवाहित व साहेब 22 वर्ष अविवाहित और पत्नी है। उन्हें मारपीट कर गांव से अवैध कब्जाधारियों ने खदेड़ दिया था। वह रिश्तेदार के वहां रह रही थीं। भीखम की मौत के बाद परिजनों ने अपने घर की जमीन खाली न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सूचना मिलने पर खड्डा एसडीएम अरविंद कुमार और एसओ नेबुआ नौरंगिया निर्भय कुमार सिंह दिन के 2 बजे मौके पर पहुंच परिजनों सहित ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी लिए और जमीन से अवैध कब्जा हटवाते हुए भीखम के परिजनों को घर बनाने के लिए कहा। ग्रामीणों ने तत्काल खाली जमीन पर भीखम की झोपड़ी खड़ा कर शव का अंतिम संस्कार किया। एसडीएम अरविंद कुमार ने कहा कि जमीन के मामले का समाधान कर लिया जाएगा और भीखम के परिजनों को सरकार की ओर से जो भी सहयोग हो सकेगा, किया जाएगा।
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