{"_id":"5c533721bdec222ee0736fcd","slug":"141548957473-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मणाप्पुरम फाइनेंस का मामला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मणाप्पुरम फाइनेंस का मामला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोल्ड लोन के नाम पर महिला से आठ लाख की ठगी
महिला बंधक रखे गए अभिलेख पर फर्जी तरीके से दूसरे को दे दिया ऋण
पुलिस ने प्रबंधक और उनकी पत्नी समेत तीन पर दर्ज किया जालसाजी का केस
अमर उजाला ब्यूरो
कसया। नगर स्थित मणाप्पुरम फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक समेत तीन लोगों पर पुलिस ने गुरुवार को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। मामला एक महिला के गोल्ड लोन की पत्रावली में हेराफेरी और दूसरी महिला को खड़ा कर आठ लाख के लोन से संबंधित है।
पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से करके जेवरात दिलाने की गुहार लगाई थी। उसके बाद पुलिस ने प्रबंधक अखिलेश गुप्ता, विवेक ओझा व रानी ओझा के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया। पीड़िता कसया के बापूनगर वार्ड की निवासी विजय मद्धेशिया की पत्नी पूजा ने 30 अगस्त 16 को फाइनेंस कंपनी में ब्रेशलेट, हार, मंगलसूत्र, अंगूठी, बाली, झुमका आदि कुल 418.50 ग्राम सोना बंधक रख 6.42 लाख ऋण लिया था। पूजा का आरोप है कि उक्त ऋण ब्याज सहित जमा भी कर दिया गया। नियमानुसार प्रबंधक को सोना वापस कर देना चाहिए था,लेेकिन काफी दिनों तक वह सोना देने में हीलाहवाली करते रहे। खाता का स्टेटमेंट मिलने के बाद पता चला कि गिरवी सोने के बदले कुछ लोगों ने अभिलेखों में कूट रचना कर व फर्जी हस्ताक्षर बनाकर और दूसरी औरत का फोटो लगाकर फिर 7.40 लाख का ऋण कर दिया गया है। बंधक सोने के जेवर की निकासी भी हुई है। जेवर भी बदले गए और वजन भी बदलता रहा है। जेवरात के बाबत कई ऋण खाते बनाए गए हैं। पूजा ने फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक अखिलेश गुप्ता, अपने फर्म के मुनीब विवेक ओझा और उसकी पत्नी रानी ओझा को घटना के लिए जिम्मेदार बताया। इंस्पेक्टर कसया सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रबंधक और उनकी पत्नी समेत तीन पर जालसाजी का केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। यदि अभिलेख में कूटरचना कर हेराफेरी की बात सामने आई तो धारा की बढ़ोत्तरी कर दी जाएगी। विवेचना में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
महिला बंधक रखे गए अभिलेख पर फर्जी तरीके से दूसरे को दे दिया ऋण
पुलिस ने प्रबंधक और उनकी पत्नी समेत तीन पर दर्ज किया जालसाजी का केस
अमर उजाला ब्यूरो
कसया। नगर स्थित मणाप्पुरम फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक समेत तीन लोगों पर पुलिस ने गुरुवार को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। मामला एक महिला के गोल्ड लोन की पत्रावली में हेराफेरी और दूसरी महिला को खड़ा कर आठ लाख के लोन से संबंधित है।
पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से करके जेवरात दिलाने की गुहार लगाई थी। उसके बाद पुलिस ने प्रबंधक अखिलेश गुप्ता, विवेक ओझा व रानी ओझा के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया। पीड़िता कसया के बापूनगर वार्ड की निवासी विजय मद्धेशिया की पत्नी पूजा ने 30 अगस्त 16 को फाइनेंस कंपनी में ब्रेशलेट, हार, मंगलसूत्र, अंगूठी, बाली, झुमका आदि कुल 418.50 ग्राम सोना बंधक रख 6.42 लाख ऋण लिया था। पूजा का आरोप है कि उक्त ऋण ब्याज सहित जमा भी कर दिया गया। नियमानुसार प्रबंधक को सोना वापस कर देना चाहिए था,लेेकिन काफी दिनों तक वह सोना देने में हीलाहवाली करते रहे। खाता का स्टेटमेंट मिलने के बाद पता चला कि गिरवी सोने के बदले कुछ लोगों ने अभिलेखों में कूट रचना कर व फर्जी हस्ताक्षर बनाकर और दूसरी औरत का फोटो लगाकर फिर 7.40 लाख का ऋण कर दिया गया है। बंधक सोने के जेवर की निकासी भी हुई है। जेवर भी बदले गए और वजन भी बदलता रहा है। जेवरात के बाबत कई ऋण खाते बनाए गए हैं। पूजा ने फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक अखिलेश गुप्ता, अपने फर्म के मुनीब विवेक ओझा और उसकी पत्नी रानी ओझा को घटना के लिए जिम्मेदार बताया। इंस्पेक्टर कसया सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रबंधक और उनकी पत्नी समेत तीन पर जालसाजी का केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। यदि अभिलेख में कूटरचना कर हेराफेरी की बात सामने आई तो धारा की बढ़ोत्तरी कर दी जाएगी। विवेचना में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन