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साथियों को नहीं बचा पाने की जिंदगी भर रहेगी टीस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Oct 2018 11:40 PM IST
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drowned
कुबेरस्थान। क्षेत्र के अन्हारीबारी गांव में सैर करते दौरान नाव पलट जाने से किशोर समेत दो लोगों की होने से पूरा गांव गमगीन है। साथियों को नहीं बचा पाने की टीस कमलेश और अमरेंद्र को जीवन भर सालती रहेगी।
कमलेश और अमरेंद्र ने बताया कि वे लोग साथी जनार्दन और विकास के साथ नाव में सवार होकर पोखरे की सैर करने निकले थे। कुछ देर तक पोखरे का सैर करने के बाद सभी किनारे आ रहे थे। इसी बीच अचानक उनकी नाव का संतुलन बिगड़ने लगा जिसके बाद नाव में सवार चारों लोग घबरा गए।
पोखरे में अधिक गहराई तक पानी भरा होने के कारण उन्हें कुछ सूझ नही रह था की वह लोग क्या करें। तब तक उनकी नाव असंतुलित होकर पोखरे में पलट गई। उसके बाद सुरक्षित बचने की कोशिश में लगे चारों लोग एक दूसरे को पकड़ने लगे। कमलेश और अमरेंद्र ने बताया कि वह दोनों लोग तैरना जानते थे,जिसकी वजह से विकास और जनार्दन को बचाने की कोशिश में लग गए।
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रोते हुए बताया कि साथी विकास और जनार्दन लगातार गहरे पानी में डूबते जा रहे थे। उन्हें बचाने की कोशिश में कमलेश और अमरेंद्र की सांसें भी फूलने लगीं तो वे खुद को बचाने की कोशिश में तैरने लगे और कठिन परिश्रम के बाद किसी तरह सुरक्षित पोखरे से बाहर निकले, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उनके दोनों साथी गहरे पानी में डूब चुके थे और उनकी मौत हो गई। दोनों साथियो को नहीं बचा पाने की कसक जिंदगी भर कमलेश और अमरेंद्र के सालती रहेगी।
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कमलेश और अमरेंद्र ने बताया कि वे लोग साथी जनार्दन और विकास के साथ नाव में सवार होकर पोखरे की सैर करने निकले थे। कुछ देर तक पोखरे का सैर करने के बाद सभी किनारे आ रहे थे। इसी बीच अचानक उनकी नाव का संतुलन बिगड़ने लगा जिसके बाद नाव में सवार चारों लोग घबरा गए।
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पोखरे में अधिक गहराई तक पानी भरा होने के कारण उन्हें कुछ सूझ नही रह था की वह लोग क्या करें। तब तक उनकी नाव असंतुलित होकर पोखरे में पलट गई। उसके बाद सुरक्षित बचने की कोशिश में लगे चारों लोग एक दूसरे को पकड़ने लगे। कमलेश और अमरेंद्र ने बताया कि वह दोनों लोग तैरना जानते थे,जिसकी वजह से विकास और जनार्दन को बचाने की कोशिश में लग गए।
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रोते हुए बताया कि साथी विकास और जनार्दन लगातार गहरे पानी में डूबते जा रहे थे। उन्हें बचाने की कोशिश में कमलेश और अमरेंद्र की सांसें भी फूलने लगीं तो वे खुद को बचाने की कोशिश में तैरने लगे और कठिन परिश्रम के बाद किसी तरह सुरक्षित पोखरे से बाहर निकले, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उनके दोनों साथी गहरे पानी में डूब चुके थे और उनकी मौत हो गई। दोनों साथियो को नहीं बचा पाने की कसक जिंदगी भर कमलेश और अमरेंद्र के सालती रहेगी।