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कुरहवा गांव में हंगामा
Updated Tue, 08 Aug 2017 05:31 PM IST
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टेकुआटार (कुशीनगर) । हाटा ब्लाक के गांव कुरहवा में मंगलवार को कोटेदार चयन के लिए बुलाई गई खुली बैठक में जमकर हंगामा हुआ। गांव के दो पक्षों के बीच तीखी नोंकझोंक के दौरान ही लोगों ने चयन कराने गए कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर दिया। प्रबुद्घ लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया और कमरा खुलवाकर कर्मचारियों को बाहर निकाला। इसके बाद कर्मचारी चयन प्रक्रिया स्थगित कर वापस लौट गए।
ग्राम सभा कुरहवा में कोटे की दुकान का अनुबंध निरस्त हो जाने से प्रशासन के तरफ से नए कोटेदार के चयन के लिए आदेश दिया गया है। मंगलवार को इसके लिए गांव में खुली बैठक होनी थी। ब्लाक मुख्यालय की तरफ से मुकेश राय और विनोद दूबे को बतौर पर्यवेक्षक इस बैठक में भेजा गया था। प्राथमिक विद्यालय परिसर में बैठक शुरू होते ही गांव के दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। कुछ ही देर में तीखी नोंकझोंक होने लगी। इस दौरान लोगों ने दोनों पर्यवेक्षकों को प्राइमरी स्कूल के एक कमरे में बंद कर दिया। अफरा तफरी का माहौल बन गया। मामला बिगड़ता देख गांव के प्रबुद्घ लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया और कमरे में बंद कर्मचारियों को बाहर निकाला गया।
इस संबंध में पर्यवेक्षक व एडीओ आईएसबी विनोद दूबे ने बताया कि पुलिस फोर्स के अभाव में चयन की प्रक्रिया सही तरीके से संपादित नहीं कराई जा सकी। इसलिए प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया है। अब पुलिस फोर्स की मौजूदगी में ही चयन की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
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ग्राम सभा कुरहवा में कोटे की दुकान का अनुबंध निरस्त हो जाने से प्रशासन के तरफ से नए कोटेदार के चयन के लिए आदेश दिया गया है। मंगलवार को इसके लिए गांव में खुली बैठक होनी थी। ब्लाक मुख्यालय की तरफ से मुकेश राय और विनोद दूबे को बतौर पर्यवेक्षक इस बैठक में भेजा गया था। प्राथमिक विद्यालय परिसर में बैठक शुरू होते ही गांव के दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। कुछ ही देर में तीखी नोंकझोंक होने लगी। इस दौरान लोगों ने दोनों पर्यवेक्षकों को प्राइमरी स्कूल के एक कमरे में बंद कर दिया। अफरा तफरी का माहौल बन गया। मामला बिगड़ता देख गांव के प्रबुद्घ लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया और कमरे में बंद कर्मचारियों को बाहर निकाला गया।
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इस संबंध में पर्यवेक्षक व एडीओ आईएसबी विनोद दूबे ने बताया कि पुलिस फोर्स के अभाव में चयन की प्रक्रिया सही तरीके से संपादित नहीं कराई जा सकी। इसलिए प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया है। अब पुलिस फोर्स की मौजूदगी में ही चयन की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
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