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‘सहफसली खेती से लागत कम, लाभ ज्यादा’
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:08 AM IST
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गोष्ठी।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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टेकुआटार। बुधवार को कुश्ाीनगर जिले के मरदहा गांव में गन्ना विकास विभाग की ओर से आयोजित किसान गोष्ठी एवं किसान मेला में गन्ना किसानों को खेती को लाभकारी बनाने के उपाय सुझाव गए। विशेषज्ञों ने किसानों को बुवाई के अलावा फसल में लगने वाले रोग आदि के संबंध में जानकारी दी।
गन्ना विकास परिषद रामकोला के अध्यक्ष अरुण राय की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। किसानों को संबोधित करते हुए गन्ना विकास निरीक्षक अमरनाथ दूबे ने कहा कि किसान गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से करें तथा गन्ने के साथ सरसों, आलू और मक्का आदि की खेती भी करें। सहफसली खेती से लागत घटेगी, जिसका फायदा किसानों को मिलेगा।
गन्ना शोध संस्थान सेवरही के वैज्ञानिक विनय कुमार मिश्र ने गन्ने में लगने वाले विभिन्न रोगों की जानकारी देते हुए उर्वरक व कीटनाशकों के उपयोग की विधि बताई। गोष्ठी को डॉक्टर ओमप्रकाश ने भी संबोधित किया।
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इस मौके पर सुभाष राय, महंथ यादव, हिमांशु मिश्र, अरविंद मणि, कुंदन राय, विद्यासागर राय, जय सिंह, जयप्रकाश सिंह, जगदीश सिंह, अजय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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गन्ना विकास परिषद रामकोला के अध्यक्ष अरुण राय की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। किसानों को संबोधित करते हुए गन्ना विकास निरीक्षक अमरनाथ दूबे ने कहा कि किसान गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से करें तथा गन्ने के साथ सरसों, आलू और मक्का आदि की खेती भी करें। सहफसली खेती से लागत घटेगी, जिसका फायदा किसानों को मिलेगा।
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गन्ना शोध संस्थान सेवरही के वैज्ञानिक विनय कुमार मिश्र ने गन्ने में लगने वाले विभिन्न रोगों की जानकारी देते हुए उर्वरक व कीटनाशकों के उपयोग की विधि बताई। गोष्ठी को डॉक्टर ओमप्रकाश ने भी संबोधित किया।
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इस मौके पर सुभाष राय, महंथ यादव, हिमांशु मिश्र, अरविंद मणि, कुंदन राय, विद्यासागर राय, जय सिंह, जयप्रकाश सिंह, जगदीश सिंह, अजय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।