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कोरोना पॉजिटिव मिले 20 लोगों की हुई तलाश, मिले सिर्फ तीन
कुशीनगर। शनिवार रात एक साथ जिन 20 व्यक्तियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, उनका रविवार को पता लगाया गया। सीएमओ ने बताया कि उस नाम-पते पर सत्रह लोग नहीं मिले। जिन तीन व्यक्तियों की ट्रेसिंग हो पाई, उनमें भी कोरोना के लक्षण बड़े कम थे। उन्हें सावधानी बरतने तथा घर में ही क्वारंटीन रहने के निर्देश दिए गए। साथ ही उनके संपर्क में आए लोगों का सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजवाया गया।
शनिवार रात 20 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद हड़कंप मच गया था। जांच रिपोर्ट में जो नाम-पते दर्शाए गए थे, उनमें 14 व्यक्ति तो सिर्फ रामकोला ब्लॉक से थे। तीन हाटा और दो पडरौना ब्लॉक के रहने वाले थे, जबकि एक व्यक्ति जिले से बाहर का है। रिपोर्ट आते ही स्वास्थ्य महकमा सभी केस के बारे में जांच-पड़ताल शुरू कर दी थी। देर रात स्वास्थ्य विभाग के अफसर और डीएम संक्रमित व्यक्तियों के बारे में पता कराने में जुटे रहे।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रविवार की शाम को संक्रमित मरीजों की जो सूची जारी की गई, उनमें भी शनिवार की देर शाम संक्रमित मिले इन 20 केस को दर्शाया गया था। उसके अलावा कोई अन्य व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला।
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रविवार को सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब से संक्रमित मरीजों की जो सूची जारी की गई है, उसमें से 17 लोगों का नाम-पता गलत पाया गया है। तीन व्यक्ति सही मिले, लेकिन उनमें कोरोना के लक्षण बहुत कम हैं। इसके बावजूद उन लोगों को होम क्वारंटीन रहने का निर्देश दिया गया है तथा उनके संपर्क में आए लोगों को सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजवाया गया है। उन्होंने बताया इस मामले की जांच कराई जाएगी। गलत तरीके से कोरोना संक्रमित मरीजों की सूची वायरल करने में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम एस. राजलिंगम ने बताया कि शनिवार की देर शाम जिन 20 संक्रमित व्यक्तियों की सूची वायरल हुई थी, उसकी जांच कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है। जो भी लोग उनके संपर्क में आए हैं, उनकी कांटैक्ट ट्रेसिंग कराकर आवश्यकता पड़ी तो उपचार कराया जाएगा।
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कुशीनगर। शनिवार रात एक साथ जिन 20 व्यक्तियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, उनका रविवार को पता लगाया गया। सीएमओ ने बताया कि उस नाम-पते पर सत्रह लोग नहीं मिले। जिन तीन व्यक्तियों की ट्रेसिंग हो पाई, उनमें भी कोरोना के लक्षण बड़े कम थे। उन्हें सावधानी बरतने तथा घर में ही क्वारंटीन रहने के निर्देश दिए गए। साथ ही उनके संपर्क में आए लोगों का सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजवाया गया।
शनिवार रात 20 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद हड़कंप मच गया था। जांच रिपोर्ट में जो नाम-पते दर्शाए गए थे, उनमें 14 व्यक्ति तो सिर्फ रामकोला ब्लॉक से थे। तीन हाटा और दो पडरौना ब्लॉक के रहने वाले थे, जबकि एक व्यक्ति जिले से बाहर का है। रिपोर्ट आते ही स्वास्थ्य महकमा सभी केस के बारे में जांच-पड़ताल शुरू कर दी थी। देर रात स्वास्थ्य विभाग के अफसर और डीएम संक्रमित व्यक्तियों के बारे में पता कराने में जुटे रहे।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रविवार की शाम को संक्रमित मरीजों की जो सूची जारी की गई, उनमें भी शनिवार की देर शाम संक्रमित मिले इन 20 केस को दर्शाया गया था। उसके अलावा कोई अन्य व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला।
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रविवार को सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब से संक्रमित मरीजों की जो सूची जारी की गई है, उसमें से 17 लोगों का नाम-पता गलत पाया गया है। तीन व्यक्ति सही मिले, लेकिन उनमें कोरोना के लक्षण बहुत कम हैं। इसके बावजूद उन लोगों को होम क्वारंटीन रहने का निर्देश दिया गया है तथा उनके संपर्क में आए लोगों को सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजवाया गया है। उन्होंने बताया इस मामले की जांच कराई जाएगी। गलत तरीके से कोरोना संक्रमित मरीजों की सूची वायरल करने में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम एस. राजलिंगम ने बताया कि शनिवार की देर शाम जिन 20 संक्रमित व्यक्तियों की सूची वायरल हुई थी, उसकी जांच कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है। जो भी लोग उनके संपर्क में आए हैं, उनकी कांटैक्ट ट्रेसिंग कराकर आवश्यकता पड़ी तो उपचार कराया जाएगा।