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Kushinagar News: इंद्रियों को वश में करने से मिलती है सद्गति
Mon, 03 Nov 2025 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 03 Nov 2025 01:32 AM IST
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कसया। नगर पालिका परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 15 वीर सावरकर नगर में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को कथावाचक अनुराग कृष्ण शास्त्री ने भक्तों को कथा का रसपान कराया।
कथावाचक ने कहा कि जो व्यक्ति अपनी इंद्रियों को वश में कर लेता है, वही सद्गति को प्राप्त करता है। उन्होंने बताया कि हमारे शरीर की पाँच ज्ञान इंद्रियां जीभ, नाक, कान, आंख और त्वचा और पांच कर्म इंद्रियां मुख, हाथ, पैर आदि को नियंत्रित करना ही सच्चे साधक का लक्ष्य होना चाहिए।
शास्त्री ने कहा कि यदि मनुष्य प्रतिदिन ध्यान की मुद्रा में बैठकर अपने आराध्य का मनन-चिंतन करे तो उसे लौकिक और पारलौकिक दोनों जगत की अनुभूति होने लगती है। कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव का संगीतमय वर्णन हुआ, जिससे समूचा वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालु झूम उठे। इस दौरान पंडित दिनेश त्रिपाठी, ब्रदीनाथ पांडेय, अनुराग चौबे आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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कथावाचक ने कहा कि जो व्यक्ति अपनी इंद्रियों को वश में कर लेता है, वही सद्गति को प्राप्त करता है। उन्होंने बताया कि हमारे शरीर की पाँच ज्ञान इंद्रियां जीभ, नाक, कान, आंख और त्वचा और पांच कर्म इंद्रियां मुख, हाथ, पैर आदि को नियंत्रित करना ही सच्चे साधक का लक्ष्य होना चाहिए।
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शास्त्री ने कहा कि यदि मनुष्य प्रतिदिन ध्यान की मुद्रा में बैठकर अपने आराध्य का मनन-चिंतन करे तो उसे लौकिक और पारलौकिक दोनों जगत की अनुभूति होने लगती है। कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव का संगीतमय वर्णन हुआ, जिससे समूचा वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालु झूम उठे। इस दौरान पंडित दिनेश त्रिपाठी, ब्रदीनाथ पांडेय, अनुराग चौबे आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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