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संविदा कर्मियों ने विद्युत उपकेंद्र परिसर में दिया धरना
kushinagar
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:06 PM IST
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ध्रना
- फोटो : santosh verma
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तमकुहीरोड। विद्युत कर्मचारी एवं संविदा कर्मी संगठन के आह्वान पर तमकुहीरोड, तमकुहीराज, दुदही और तरयासुजान विद्युत उपकेंद्रों पर कार्य करने वाले संविदा कर्मियों एवं प्राइवेट लाइनमैनों ने अपनी मांग को लेकर तमकुहीरोड विद्युत उपकेंद्र पर शुक्रवार को धरना दिया। इन लोगों ने चेतावनी दी कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो वे लोग वृहद आंदोलन करेंगे।
तमकुहीरोड, तमकुहीराज, दुदही और तरयासुजान विद्युत उपकेंद्रों पर करीब 40 विद्युत कर्मी संविदा एवं निजी तौर पर रखे गए हैं। ये लोग ही नियमित जान जोखिम में डालकर फाल्ट ठीक करने का कार्य करते हैं। परंतु इन्हें विभाग की तरफ से कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। शुक्रवार को धरना दे रहे इन संविदा एवं प्राइवेट कर्मचारियों की मांग थी कि उन्हें नियमित कर राज्य कर्मचारियों की तरह वेतन, भत्ता व अन्य सुविधाएं दी जाएं।
धरना दे रहे अजय पांडेय, चंदेश्वर प्रसाद, विरेंद्र राय, सुरेश प्रसाद आदि का कहना था कि उनसे नियमित कर्मचारी की तरह कार्य लिया जाता है, लेकिन सुरक्षा एवं भविष्य को लेकर कोई उपाय नहीं किया गया है। इस दौरान ज्ञान सिंह, नूरआलम, पप्पू भारती, नागेंद्र प्रसाद, मुन्ना मिश्रा, सुबाष प्रसाद, ध्रुप गोंड़, राजकुमार, अशोक पाठक, काशी गुप्ता, हंसराज, हरिलाल, संतोष, बाबूलाल, सुरेश, जैनुल अंसारी आदि मौजूद थे।
तमकुहीरोड, तमकुहीराज, दुदही और तरयासुजान विद्युत उपकेंद्रों पर करीब 40 विद्युत कर्मी संविदा एवं निजी तौर पर रखे गए हैं। ये लोग ही नियमित जान जोखिम में डालकर फाल्ट ठीक करने का कार्य करते हैं। परंतु इन्हें विभाग की तरफ से कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। शुक्रवार को धरना दे रहे इन संविदा एवं प्राइवेट कर्मचारियों की मांग थी कि उन्हें नियमित कर राज्य कर्मचारियों की तरह वेतन, भत्ता व अन्य सुविधाएं दी जाएं।
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धरना दे रहे अजय पांडेय, चंदेश्वर प्रसाद, विरेंद्र राय, सुरेश प्रसाद आदि का कहना था कि उनसे नियमित कर्मचारी की तरह कार्य लिया जाता है, लेकिन सुरक्षा एवं भविष्य को लेकर कोई उपाय नहीं किया गया है। इस दौरान ज्ञान सिंह, नूरआलम, पप्पू भारती, नागेंद्र प्रसाद, मुन्ना मिश्रा, सुबाष प्रसाद, ध्रुप गोंड़, राजकुमार, अशोक पाठक, काशी गुप्ता, हंसराज, हरिलाल, संतोष, बाबूलाल, सुरेश, जैनुल अंसारी आदि मौजूद थे।
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