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Kushinagar News: उड़ीसा, छत्तीसगढ़ से बैग-झोले में आती है गांजा की खेप, पुड़िया में बिक्री

Wed, 29 Jan 2025 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 29 Jan 2025 12:31 AM IST
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Consignment of ganja comes in bags from Orissa, Chhattisgarh, sold in packets
पडरौना। कुशीनगर में पुलिस ने गांजा तस्करों को अलग-अलग क्षेत्रों से लाखों के गांजा के साथ गिरफ्तार किया। इसमें एक स्थानीय गांजा तस्कर है तो दूसरा पड़ोसी प्रांत बिहार पश्चिम चंपारण के बगहा जिले का रहने वाला है।
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लंबे समय से जिले के गांजा तस्कर उड़ीसा, छत्तीसगढ़ के अलावा बंगाल और नेपाल से स्थानीय स्तर पर गांजा की डिलीवरी करने के साथ आसपास के जनपदों में खेप पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। नशे के सौदागरों की ओर से उड़ीसा, छत्तीसगढ़ आदि जिलों से बैग, झोले में रखकर गांजा लाकर निर्धारित स्थलों तक डिलीवरी की जाती है। यहां से छोटे छोटे दुकानदार नशेड़ियों को पुड़िया में गांजा उपलब्ध कराते हैं।
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जिले की सीमा गोपालगंज और पश्चिम चंपारण से जुड़े होने के चलते तस्करों की सक्रियता अधिक रहती है। वहीं नेपाल की सीमा भी चंद दूरी पर स्थित है। नेपाली गांजा भी जिले में कई दफा बरामद हो चुका है।
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जिले में गिरफ्तार गांजा तस्करों की जड़ें उड़ीसा और छत्तीसगढ़ से जुड़ी हुई हैं। जहां से कम दाम में गांजा खरीदकर लोग स्थानीय और आसपास के जिलों में डिलीवरी करते हैं। इसके एवज में उनकी अच्छी कमाई होती है। इसमें पूर्व के इस धंधे में महिलाओं की संलिप्तता भी देखी गई है। करोड़ों की गांजा के साथ बलथरी चेकपोस्ट पर पिछले वर्ष फरवरी में तस्कर गिरफ्तार हुए थे।
जहां कंटेनर में गुप्त तहखाना बनाकर यूपी के गोरखपुर से दो क्विंटल 86 किलो गांजा लोड किया गया था और इसे गोरखपुर से बिहार के मोतिहारी में सप्लाई किया जाना था, जबकि तस्कर पंजाब क्षेत्र के थे। तरयासुजान, तुर्कपट्टी आदि क्षेत्रों के तस्कर अलग-अलग जिलों में गिरफ्तार हो चुके हैं।
एएसपी रितेश सिंह ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है। जिले से सक्रिय तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

महिलाएं भी रही हैं सक्रिय : दिसंबर और जनवरी की ठंड और घने कोहरे में गांजा तस्करों के कारोबार को न केवल गति मिलती है, बल्कि वह इसे रातों रात पूरे जिले के फुटकर विक्रेता तक खपा भी देते हैं। जहां से पुड़िया में एक-एक कर इसे नशेड़ियों तक पहुंचाया जाता है। वहीं इनके गांजे की खेप इधर-उधर करने का तरीका भी अनोखा है। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के बरवा राजापाकड़ में 2021 के इसी जनवरी माह में भरवलिया टोला में गन्ना के खेत से गांजा तस्कर गिरफ्तार हुए थे, जिसके बाद पुलिस ने गहनता से जांच की थी और यह बात सामने आई थी कि गिरोह के सदस्य गाड़ियों के दरवाजे, साइड की दीवारों व फर्श को मोडिफाई कराकर उसमें खुफिया रिक्त स्थान बनवाते हैं। गिरोह में कुछ महिलाएं भी शामिल हैं जो गाड़ी में बैठकर आंध्र प्रदेश तक जाती हैं। वहां पांच से छह हजार रुपये प्रति किलो की दर से खरीद कर रिक्त स्थानों के सापेक्ष गांजा के एक से डेढ़ किलो के पैकेट बड़ी सफाई से तैयार करतीं हैं। कई परत सेलो टेप चिपका खुफिया स्थानों में भर दिया दिया जाता है। एक गाड़ी में एक से डेढ़ क्विंटल गांजा लादकर यहां लाया जाता है और गांजा बेचने वालों से दस से 12 हजार रुपये प्रति किलो की दर से डिलेवरी कर दी जाती है।
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